साइबर ठगी का एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां साइबर ठगों ने विक्टिम के साथ ठगी करने के लिए BSF का नाम यूज किया और आखिर में जाकर 26 लाख रुपये ठग लिए. यह मामला कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु का है.
बेंगलुरु बेस्ड एक फर्म है और वह डिफेंस संगठनों को हार्ड प्लास्टिक केस सप्लाई करती है. 9 मार्च के दिन उनकी कंपनी में एक शख्स का कॉल आया, उसने सामान को लेकर पूछताछ की और फर्जी दावे करते हुए कहा कि यह ऑर्डर सीमा सुरक्षा बल (BSF) के लिए है.
साइबर ठग ने धोखा देने के लिए फर्जी पहचान बताई. उसने खुद को BSF के परचेज डिपार्टमेंट से अक्षय कुमार बताया. फिर 11 मार्च के दिन साइबर ठगों की तरफ से परचेस ऑर्डर मिला और कंपनी ने टोटल पेमेंट का 50 परसेंट एडवांस के रूप मांगे और उसके लिए इनवॉयस भी जारी किया.
विक्टिम कंपनी के पास दूसरे आरोपी का कॉल आया, जिसने खुद की फर्जी पहचान कुलदीप सिंह के रूप में बताई और अकाउंट डिपार्टमेंट से बताया.
पेमेंट करने का नया तरीका बताया
आरोपी ने विक्टिम कंपनी को भरोसा दियाला कि पेमेंट का पूरा प्रोसेस भारतीय सेना की प्रक्रिया के अनुसार किया जाएगा. विक्टिम कंपनी का भरोसा जीतने के लिए पहले 10 और फिर 20 रुपये का ट्रांजैक्शन किया गया.
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4.48 लाख रुपये रिटर्न भी किए थे
21 मार्च को कंपनी को कई बैंक खातों में RTGS, NEFT और IMPS के जरिए बड़ी रकम ट्रांसफर करने के लिए राजी किया गया. एक मामले में 4.48 लाख रुपये थोड़े समय के लिए वापस भी किए गए, जिससे भरोसा और मजबूत हो गया.
आखिर मे साइबर ठगों ने बंद किया नंबर
कुल मिलाकर कंपनी ने 26,22,391 रुपये ट्रांसफर कर दिए, जिसके बाद आरोपियों ने संपर्क टूट गया. इसके बाद कंपनी को पता चला कि वे साइबर ठगी का शिकार हो चुके हैं.
कंपनी ने साइबर क्राइम हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई और ईस्ट डिवीजन साइबर पुलिस में केस दर्ज कराई है. आरोपियों की तलाश और रकम की रिकवरी के लिए जांच जारी है.
साइबर ठगों से बचाव कैसे करें?
साइबर ठगी से बचाव के लिए जरूरी है कि अनजान नंबर से आने वाले कॉल पर आंख बंद करके यकीन ना करें. किसी के साथ भी पेमेंट ना करें भले ही वह आपको कुछ रुपये रिटर्न करें. किसी भी अनजान शख्स के साथ OTP आदि को शेयर ना करें.