सीमा सुरक्षा बल (BSF) पाकिस्तान और बांग्लादेश के साथ अपनी सीमाओं पर भारत का सीमा रक्षक संगठन है. यह भारत के पांच केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) में से एक है. इसकी स्थापना 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के मद्देनजर की गई थी.
युद्ध छिड़ने के दौरान इसकी विभिन्न सक्रिय भूमिकाएं होती हैं. सीएपीएफ के पास नौसेना, वायु विंग और एक तोपखाने रेजिमेंट जैसी सुविधाएं होती है. यह गृह मंत्रालय के नियंत्रण में आता है. हालांकि, बीएसएफ के पास अधिकारियों या 'कैडर' का एक छोटा सा बल है. बीएसएफ के प्रमुख एक भारतीय पुलिस महानिदेशक (डीजी) होते हैं. बीएसएफ में 1965 में 25 बटालियन थे जो अब बढ़कर 192 बटालियन हो गई है, जिसमें विस्तारित एयर विंग, नौसेना, एक तोपखाने रेजिमेंट और विशेष इकाइयों सहित 2,70,000 कर्मचारी है. यह वर्तमान में विश्व का सबसे बड़ा सीमा सुरक्षा बल है. बीएसएफ को भारतीय क्षेत्रों की पहली रक्षा पंक्ति कहा गया है.
भारत-बांग्लादेश सीमा पर सामने आया एक अनोखा मामला चर्चा का विषय बन गया. एक बुजुर्ग व्यक्ति कई घंटों तक नो मैन्स लैंड में फंसा रहा, जबकि दोनों देशों की सीमा सुरक्षा एजेंसियां उसकी पहचान और जिम्मेदारी को लेकर आमने-सामने आ गईं. मामला इतना बढ़ा कि फ्लैग मीटिंग तक करनी पड़ी. बाद में दस्तावेज सामने आने के बाद स्थिति में बदलाव आया और पूरे घटनाक्रम ने कई सवाल खड़े कर दिए.
मेघालय के साउथ वेस्ट गारो हिल्स जिले के नंदिर चार सेक्टर में भारत और बांग्लादेश की सीमा पर तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई है. BSF ने एक व्यक्ति को अवैध प्रवेश के आरोप में हिरासत में लिया था, जिसे बांग्लादेश ने स्वीकार करने से मना कर दिया.
भारत के 5 राज्य बांग्लादेश से लगती 4096 किमी लंबी सीमा साझा करते हैं. पश्चिम बंगाल में सबसे लंबी सीमा है. घुसपैठ की सबसे ज्यादा घटनाएं पश्चिम बंगाल के नदिया, मुर्शिदाबाद और मालदा में होती हैं.
भारत और बांग्लादेश के बीच सीमा सुरक्षा, घुसपैठ रोकने और सीमा पार अपराधों पर लगाम लगाने को लेकर नई दिल्ली में चार दिवसीय उच्चस्तरीय वार्ता शुरू होने जा रही है. BSF और BGB के महानिदेशक स्तर की इस बैठक में फेंसिंग परियोजनाओं, तस्करी, अवैध निर्माण, उग्रवादी गतिविधियों और सीमा प्रबंधन से जुड़े अहम मुद्दों पर चर्चा होगी.
भारत-बांग्लादेश के बीच 4096 किमी लंबी सीमा है. सुरक्षा बाड़ और वास्तविक 'जीरो लाइन' के बीच का 150 गज का बफर जोन 'नो मैन्स लैंड' कहलाता है. यहां आम नागरिकों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित है.
बांग्लादेश ने जब बॉर्डर पर घुसपैठियों को देखा तो भारत पर ही संदिग्ध प्रवासियों को सीमा पार धकेलने का आरोप लगाने लगा. इस संवेदनशील मुद्दे पर 8 जून से सैन्य स्तर की द्विपक्षीय वार्ता होगी.
भारत-बांग्लादेश सीमा का लगभग 600 किमी हिस्सा नदी, दलदल और बाड़ न होने से डार्क जोन बना हुआ है. BSF इसे 'स्मार्ट फेंसिंग' से सुरक्षित कर रहे हैं, क्योंकि यह इलाका घुसपैठ और तस्करी का मुख्य जरिया है.
भारत-बांग्लादेश सीमा का करीब 600 किलोमीटर हिस्सा सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौती बना हुआ है. भौगोलिक कठिनाइयों, अधूरी बाड़बंदी और सीमित संचार सुविधाओं के कारण कुछ क्षेत्रों में निगरानी जटिल हो जाती है. सुरक्षा बल लगातार आधुनिक तकनीकों और गश्त के जरिए निगरानी मजबूत कर रहे हैं. सीमा प्रबंधन को और प्रभावी बनाने के लिए तकनीकी संसाधनों और बुनियादी ढांचे के विस्तार पर भी जोर दिया जा रहा है.
गृहमंत्री अमित शाह इस वक्त देश की सीमाओं के दौरे पर हैं. जहां आज वो गुजरात के कच्छ पहुंचे. जवानों के साथ भोजन किया तो वहीं कई नई चौकी का उद्घाटन भी किया. इस बीच अमित शाह ने एक बार फिर पश्चिम बंगाल की सीमा पर घुसपैठ रोकने शुभेंदु अधिकारी की कोशिशों की तारीफ की. देखें वीडियो.
भारत-बांग्लादेश पर बॉर्डर फेंसिंग का काम तेजी से चल रहा है. कुछ कुछ जगहों पर जमीन लेने का काम अटका हुआ है, बाड़ेबंदी के काम में देरी न हो इसलिए सीमा पर रहने वाले कई हिंदू परिवार स्वेच्छा से जमीन दान कर रहे हैं. ताकि ये काम जल्द से जल्द पूरा हो सके.
भारत-बांग्लादेश सीमा पर BGB के हजारों जवान तैनात हैं. फेंसिंग लगाने के काम के दौरान BGB जवानों द्वारा आक्रामकता दिखाई जा रही है. जबकि दोनों देश फ्लैग मीटिंग से विवाद सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं.
गृह मंत्री अमित शाह ने गुजरात के हरामी नाला का दौरा किया. दरअसल केंद्र सरकार ने सीमा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए व्यापक मिशन बॉर्डर रणनीति शुरू की है. सरकार अवैध निर्माण, घुसपैठ और साइबर अपराधों पर सख्त नियंत्रण के लिए नए कानून और तकनीकी उपाय लागू कर रही है.
पश्चिम बंगाल में BSF को सौंपे जाने वाली जमीन पर बाड़ लगाने का काम चल रहा है. कूचबिहार के तीन बीघा कॉरिडोर के पास बॉर्डर गार्ड्स बांग्लादेश (BGB) ने जमीन सर्वेक्षण में रुकावट डाली. ऐसे में बीजेपी नेता और एक्टर मिथुन चक्रवर्ती ने BGB की इस हरकत पर चेतावनी दीया गया
गृहमंत्री अमित शाह ने बीकानेर में BSF की सांचू पोस्ट का दौरा किया. इस दौरान उन्होंने सरहद और जीरो पॉइंट वाले इलाका को देखा और जवानों से मुलाकात की. अमित सह ने कहा कि केँद्र सरकार BSF का आधुनिकीकरण कर रही है. जहां-जहां भी कुछ बड़े प्रयास आतंकवादियों की ओर से किए जाते हैं, वहां मुंहतोड़ जवाब देने की नीति भारत सरकार ने अपनाई है. देखें वीडियो.
Amit Shah ने BSF Barracks के दौरे पर जवानों को संबोधित किया और Border Security को लेकर अहम Message दिया. Bikaner Visit के दौरान उन्होंने BSF Soldiers की बहादुरी की सराहना की और देश की सुरक्षा में उनकी भूमिका को महत्वपूर्ण बताया. Shah ने जवानों का हौसला बढ़ाते हुए Security को और मजबूत बनाने की बात कही.
अमित शाह ने कहा कि अगर सीमावर्ती गांवों में आबादी में अस्वाभाविक बदलाव दिखे तो राज्य सरकार को तुरंत सतर्क किया जाए. गृहमंत्री ने ड्रोन के जरिए हो रही हथियार और नारकोटिक्स तस्करी को बड़ा खतरा बताया.
पश्चिम बंगाल सरकार ने बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठियों के लिए होल्डिंग सेंटर बनाने के आदेश दिए हैं. इन सेंटरों में संदिग्ध विदेशी नागरिकों को रखा जाएगा, जहां उनकी नागरिकता और दस्तावेजों की जांच होगी. इसके बाद घुसपैठियों को सीमा सुरक्षा बल (BSF) के हवाले कर दिया जाएगा, जो उन्हें वापस बांग्लादेश भेजेगा.
पश्चिम बंगाल में नई सरकार बनने के बाद अवैध घुसपैठ और सीमा सुरक्षा को लेकर बड़ा प्रशासनिक फैसला सामने आया है. मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा है कि अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और जरूरत पड़ने पर उन्हें सीधे BSF को सौंपा जाएगा. सरकार का कहना है कि सीमा सुरक्षा, घुसपैठ रोकने और कानून व्यवस्था मजबूत करने के लिए यह कदम उठाया गया है. हालांकि इस प्रक्रिया को लेकर कानूनी बहस भी तेज हो सकती है.
गृहमंत्री अमित शाह ने भारत-पाकिस्तान और भारत-बांग्लादेश सीमा को पूरी तरह 'स्मार्ट बॉर्डर' में बदलने का बड़ा ऐलान किया है. इसके तहत कटीले तारों के साथ हाईटेक कैमरे, सेंसर और रडार लगाए जाएंगे ताकि घुसपैठ, पशु तस्करी और डेमोग्राफी चेंज को पूरी तरह रोका जा सके.
भारत सरकार अब पाकिस्तान और बांग्लादेश सीमा को हाईटेक “स्मार्ट बॉर्डर” मॉडल में बदलने की तैयारी कर रही है. नई व्यवस्था के तहत सीमाओं पर कैमरे, सेंसर, रडार और रियल-टाइम निगरानी तकनीक तैनात की जाएगी. सरकार का लक्ष्य घुसपैठ, ड्रग्स तस्करी और कैटल स्मगलिंग पर सख्ती से रोक लगाना है. अधिकारियों के मुताबिक, स्मार्ट फेंसिंग और आधुनिक निगरानी तकनीक से सीमा सुरक्षा पहले से ज्यादा मजबूत और प्रभावी बनाई जाएगी.
पश्चिम बंगाल सरकार ने भारत-बांग्लादेश सीमा पर बाड़ लगाने के लिए BSF को जमीन देने की प्रक्रिया शुरू की. फैसले पर बांग्लादेश ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वे “कंटीले तारों से नहीं डरता”.