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ChatGPT का जवाब और युवक की हो गई मौत, परिवार ने कंपनी पर किया मुकदमा

अगर आप भी मेडिकल सलाह को लेकर ChatGPT पर पूरी तरह से डिपेंडेंट हो गए हैं तो सावधान हो जाएं. दरअसल AI कभी-कभी गलत जानकारी भी दे देता है. हाल ही में हुआ इंसिडेंट जिससे एक टीनेजर की मौत हो गई.

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OpenAI पर मुकदमा, मर्डर का आरोप!
OpenAI पर मुकदमा, मर्डर का आरोप!

अमेरिका में एक 19 साल के लड़के की मौत के बाद OpenAI और उसके पॉपुलर चैटबॉट ChatGPT पर गंभीर आरोप लगे हैं. रिपोर्ट के मुताबिक चैटजीपीटी की गलत सलाह की वजह से युवक की जान चली गई.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मृतक पिछले कुछ समय से ChatGPT का इस्तेमाल कर रहा था. शुरुआत में वह इसे पढ़ाई और सामान्य जानकारी के लिए यूज करता था.

धीरे-धीरे उसने नशे से जुड़ी जानकारी भी पूछनी शुरू कर दी. फैमिली का आरोप है कि ChatGPT ने उसे अलग-अलग नशे वाली चीजों को एक साथ लेने के बारे में डिटेल से जानकारी दी और यह भी बताया कि किस तरह उनका असर कम या ज्यादा किया जा सकता है.

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इस मामले में लड़के के परिवार ने कंपनी पर मुकदमा कर दिया है. इस लॉसूट में दावा किया गया है कि युवक ने कुछ दवाओं और शराब का कॉम्बिनेशन लिया था, जो बेहद खतरनाक साबित हुआ.

परिवार का कहना है कि यह जानकारी उसे ChatGPT से मिली थी. उनका आरोप है कि चैटबॉट ने न केवल जानकारी दी, बल्कि उसे इस तरह पेश किया जिससे वह इसे सुरक्षित मान बैठा. इसी के बाद ओवरडोज की स्थिति बनी और उसकी मौत हो गई.

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परिवार ने यह भी कहा है कि पहले ChatGPT ऐसे सवालों पर सीधे जवाब देने से बचता था, लेकिन बाद में इसमें बदलाव देखने को मिला. उनका दावा है कि नए वर्जन में चैटबॉट ज्यादा खुलकर जवाब देने लगा, जिससे इश्यू बढ़ गया. इसी आधार पर OpenAI के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है.

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दूसरी तरफ OpenAI ने इस घटना पर दुख जताया है और कहा है कि कंपनी लगातार अपने सिस्टम को सिक्योर बनाने पर काम कर रही है. कंपनी का कहना है कि ChatGPT को किसी भी तरह के मेडिकल ट्रीटमेंट या एक्सपर्ट सलाह के विकल्प के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए. साथ ही यह भी कहा गया है कि समय-समय पर इसमें नए सुरक्षा उपाय जोड़े जाते हैं ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके.

गौरतलब है कि पिछले कुछ समय में इस तरह के कई मामले सामने आए हैं, जिनमें लोगों ने दावा किया है कि चैटबॉट ने उन्हें गलत दिशा में जाने वाली जानकारी दी. खासकर मानसिक तनाव या सेंसिटिव सबजेक्ट्स में यह चिंता और बढ़ जाती है.

एक्सपर्ट्स का मानना है कि टेक्नोलॉजी जितनी तेजी से आगे बढ़ रही है, उतनी ही तेजी से उसके नियम और जिम्मेदारियां तय करने की जरूरत है. आम लोगों के लिए यह समझना भी जरूरी है कि ChatGPT जैसे टूल्स जानकारी देने के लिए बनाए गए हैं, लेकिन हर जानकारी सही या सिक्योर हो, यह जरूरी नहीं है.

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फिलहाल यह मामला अदालत में है और आगे की सुनवाई में ही साफ होगा कि इस घटना के लिए जिम्मेदारी किसकी है. लेकिन इसने एक अहम सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या हमें तकनीक का इस्तेमाल करते समय ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है.

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