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AI से बदलेगा AC और TV का गेम! 5-Star AC खरीदना अब क्यों होगा महंगा? कंपनी ने दिया जवाब

AI का असर सिर्फ इंसान पर नहीं बल्कि घर में इस्तेमाल होने वाले सामान पर भी दिखाई देगा. AI का यूज AC, TV, वैक्यूम क्लीनर आदि में हो रहा है. AI की मदद से पावर सेविंग से लेकर बेहतर कूलिंग भी मिलेगी. इसकी वजह से बिजली बिल भी कम करने में मदद मिलेगी. जानते हैं कि हाइसेंस कंपनी रे सीईओ पंकज राणा ने AI की वजह से बदलते कंज्यूमर इलेक्ट्रोनिक्स को लेकर क्या-क्या कहा.

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AI की वजह से टीवी और AC पर दिखेंगे कई बदलाव.(Photo: Hisense)
AI की वजह से टीवी और AC पर दिखेंगे कई बदलाव.(Photo: Hisense)

AI ने न सिर्फ इंसान बल्कि होम एप्लाइसेंस कैटेगरी को भी बदलकर रख दिया है. कंपनियां AI की मदद से अपने प्रोडक्ट को बेहतर बनाने की दिशा में काम कर रही हैं. AI की वजह से होम एप्लाइसेंस की कैटेगरी पर क्या असर पड़ेगा, उसके बारे में डिटेल्स से जानने के लिए हाइसेंस ग्रुप इंडिया के सीईओ पंकज राणा से बातचीत की. 

पंकज राणा ने बताया है कि आने वाले दिनों में AI अधिकतर होम एप्लाइसेंस कैटेगरी में नजर आएगा. उन्होंने बताया है कि हाइसेंस के अधिकांश टीवी में AI शामिल है, जिससे कस्टमर को भी फायदा होता है. 

एयर कंडीशनर (AC) में AI कैसे कम आता है, जिसपर पंकज राणा ने बताया है कि AC में मौजूद AI यूजर के बिहेवियर को समझता है और फिर खुद कूलिंग एडजस्ट करता है. वॉयस कंट्रोल और पावर सेविंग फीचर्स भी शामिल हैं जो भारतीय गर्मी के हिसाब से काम करते हैं. इन सभी AI फीचर्स से करीब 20 से 30 प्रतिशत तक एनर्जी की बचत होती है. इससे स्मार्ट परफॉर्मेंस मिलती है और बिजली की खपत भी कम होती है. 

ग्रीन मैन्युफैक्चरिंग में AI कैसे मदद करता है?

पंकज राणा ने बताया है कि AI ग्रीन मैन्युफैक्चरिंग में अहम भूमिका अदा करता है. दुनियाभर में जीरो कार्बन फैक्ट्रियों में AI बेस्ड प्रोसेस का यूज होता है. इसमें एडवांस इन्वर्टर एसी मैन्युफैक्चरिंग भी शामिल है.

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भारत में यह कोशिश मेक इन इंडिया के तहत लोकल असेंबली के जरिए सप्लाई चेन एमिशन कम करने और लंबे समय तक चलने वाले एफिशिएंट प्रोडक्ट डिजाइन के रूप में दिखते हैं. 

यह भी पढ़ें: हिंदी में बोलने से चलेगा ये AC, Hisense ने लॉन्च की न्यू सीरीज, AI और पावर सेविंग मोड हैं खास

कॉपर की कीमत बढ़ने से भारत में AC, टीवी और रेफ्रिजरेटर की कीमतों पर क्या असर पड़ेगा?

पंकज राणा ने बताया है कि कॉपर की कीमतें बढ़ रही हैं, जिसका सीधा असर कंज्यूमर एप्लाइसेंस पर पड़ता है. इसका असर हाइसेंस के प्रोडक्ट पर भी पड़ता है, खासकर उन प्रोडक्ट में, जिनके अंदर कॉपर का ज्यादा इस्तेमाल होता है. राणा ने बताया है कि एयर कंडीशनर में 100 प्रतिशत कॉपर ट्यूबिंग का इस्तेमाल किया जाता है, जिससे बेहतर मजबूती, बेहतर हीट ट्रांसफर और लंबी लाइफ मिलती है.

उन्होंने आगे बताया है कि टीवी और रेफ्रिजरेटर में भी परफॉर्मेंस के लिए कॉपर कंपोनेंट्स जरूरी होते हैं. इस असर को कम करने के लिए हाइसेंस ने ई-पैक ड्यूरेबिल (EPACK Durable) के साथ पार्टनरशिप की है. आंध्र प्रदेश के श्री सिटी में नए प्लांट में पायलट प्रोडक्शन शुरू हो चुका है. इससे लोकल कंपोनेंट्स का इस्तेमाल बढ़ेगा, सप्लाई चेन आसान होगी, फास्ट डिलिवरी होगी और इंपोर्ट पर निर्भरता कम होगी. इसके साथ ही स्क्रू फ्री प्लास्टिक लॉक डिजाइन से सर्विसिंग भी आसान होगी. 

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2026 में नए BEE और BIS नियमों के लिए हाइसेंस कैसे तैयार है?

भारत के नए BEE स्टार रेटिंग नियमों और BIS क्वालिटी ऑर्डर के लिए हाइसेंस पूरी तरह तैयार है. ये नियम मार्च 2026 से लागू हो चुके हैं और उन्होंने नए स्टैंडर्ड पर AC का प्रोडक्शन शुरू हो चुका है. 

सीईओ ने आगे बताया है कि AC की न्यू रेंज में 10-12 न्यू मॉडल लॉन्च होंगे. इनमें 1 टन, 1.5 टन और 2 टन कैपैसिटी AC ऑप्शन शामिल हैं. 3 स्टार और 5 स्टार दोनों रेटिंग उपलब्ध होंगी. इन प्रोडक्ट्स में इन्वर्टर टेक्नोलॉजी का यूज किया है. इसका फोकस बेहतर कूलिंग, कम आवाज और ज्यादा एनर्जी एफिशिएंसी पर है. 

नए नियमों के कारण 5 स्टार AC की कीमतें करीब 7 से 8 प्रतिशत बढ़ेंगी. 3 स्टार मॉडल में 2 से 4 प्रतिशत बढ़ोतरी हो सकती है. हालांकि बिजली की बचत और बेहतर परफॉर्मेंस ग्राहकों के लिए फायदे का सौदा साबित होगी. 

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