आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर एक नई बहस छिड़ गई है. Reddit पर एक सॉफ्टवेयर डेवलपर ने अपनी कहानी शेयर की, जिसमें उसने बताया कि AI की मदद से लिखा गया कोड उसकी नौकरी ले गया. पोस्ट वायरल हो गई और हजारों लोगों ने इस पर अपनी राय दी.
डेवलपर ने लिखा कि कंपनी में प्रोडक्टिविटी बढ़ाने के लिए AI टूल्स का इस्तेमाल करने का दबाव था. उसने एक फीचर के लिए AI से कोड जनरेट कराया. शुरुआती टेस्ट में सब ठीक लगा, लेकिन जैसे ही कोड को लाइव सर्वर पर डाला गया, सिस्टम क्रैश हो गया. कंपनी का प्रोडक्शन एनवायरनमेंट घंटों तक डाउन रहा.
AI पर भरोसा पड़ा भारी
पोस्ट के मुताबिक, मैनेजमेंट ने इस गलती को गंभीर माना. डेवलपर का कहना है कि उसने AI से मिला कोड खुद भी चेक किया था, लेकिन उसमें कुछ ऐसे हिस्से थे जो रियल-टाइम लोड में फेल हो गए. अगले ही दिन उसे मीटिंग में बुलाकर नौकरी खत्म करने की जानकारी दे दी गई.
यह मामला सिर्फ एक कर्मचारी की नौकरी जाने तक सीमित नहीं रहा. Reddit पर यह चर्चा शुरू हो गई कि क्या कंपनियां AI पर जरूरत से ज्यादा भरोसा कर रही हैं. कई यूजर्स ने लिखा कि AI कोडिंग में मदद कर सकता है, लेकिन अंतिम जिम्मेदारी इंसान की ही होती है. कुछ लोगों ने कहा कि असली समस्या यह है कि कई कंपनियां समय बचाने के लिए AI टूल्स पर पूरा भरोसा कर लेती हैं, जबकि सही रिव्यू और टेस्टिंग नहीं होती.
AI गलती भी कर सकता है
टेक एक्सपर्ट्स का भी मानना है कि AI से कोड जनरेट करना अब आम बात हो चुकी है, लेकिन इसे सीधे लाइव सिस्टम में डालना जोखिम भरा हो सकता है. AI पैटर्न के आधार पर जवाब देता है, उसे सिस्टम की पूरी समझ या बिजनेस कॉन्टेक्स्ट नहीं होता. ऐसे में अगर इंसानी निगरानी मजबूत न हो, तो गलती की संभावना बढ़ जाती है.
इस घटना ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है. क्या AI डेवलपर्स की मदद कर रहा है या उन पर दबाव बढ़ा रहा है? कई कंपनियां कर्मचारियों से कह रही हैं कि AI टूल्स अपनाओ, काम तेज करो और लागत घटाओ. लेकिन अगर गलती हो जाए, तो जिम्मेदारी किसकी होगी?
AI पर निर्भरता भारी पड़ सकती है
Reddit पर इस पोस्ट के बाद कई और डेवलपर्स ने भी अपने अनुभव साझा किए. कुछ ने कहा कि उन्हें भी AI जनरेटेड कोड पर पूरी तरह निर्भर रहने के लिए कहा गया था. वहीं कुछ ने यह भी माना कि सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए तो AI डेवलपर की ताकत बढ़ा सकता है, लेकिन बिना समझ के इस्तेमाल खतरनाक हो सकता है.
यह कहानी बताती है कि AI सिर्फ एक टूल है. अगर उसे बिना सही टेस्टिंग और निगरानी के इस्तेमाल किया जाए, तो नुकसान बड़ा हो सकता है. और उस नुकसान की कीमत कभी-कभी किसी की नौकरी से भी चुकानी पड़ सकती है.