यहां जानें दिनभर क्या रहा टेक जगत का हाल. हम यहां आपको टेक्नोलॉजी की दुनिया की 5 बड़ी खबरें दे रहे हैं, नीचे दिए गए लिंक्स पर क्लिक कर विस्तार से पढ़ सकते हैं हमारी पूरी खबर...
आपके पॉकेट में मौजूद किसी साइज का फोन कुछ मात्रा में रेडिएशन निकालता है और ये इनफर्टिलिटी का कारण हो सकता है. इस बारे में पहले से ही काफी चर्चा है कि हाई SAR (स्पेसिफिक अब्जॉर्प्शन रेट) वैल्यू वाले बॉडी को सेल्यूलर लेवल पर नुकसान पहुंचाते हैं. खासकर तब जब अपने फोन को कानों पर लगाकर घंटों बात करते हैं. लेकि अब इस विषय पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया गया कि स्मार्टफोन से निकलने वाले रेडिएशन स्पर्म को भी नुकसान पहुंचाते हैं.
हैकिंग का दौर चल रहा है, हाल ही में 77 करोड़ ईमेल आईडी और पासवर्ड एक साधारण फाइल शेयरिंग वेबसाइट पर शेयर कर दिए गए थे. अब एक नया मामला है. बताया जा रहा है कि 16 पॉपुलर वेबसाइट्स से लगभग 61.7 करोड़ ईमेल अकाउंट्स के डीटेल चोरी कर लिए गए.
भारत सरकार की टेलीकॉम विंग बीएसएनल बंद होने के कगार पर है? देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनियों में से एक बीएसएनल नुकसान में चल रही है. रिपोर्ट के मुताबिक सरकार ने कंपनी से सभी ऑप्शन तलाशने को कहा है. इनमें कंपनी को बंद करने का भी ऑप्शन है. कुल मिला कर रिपोर्ट्स के मुताबिक अगर सभी ऑप्शन्स फेल होते हैं तो मुमकिन है बीएसएनल को बंद करना पड़े या सरकार इसे बेच दे.
TVS मोटर कंपनी ने भारत में Apache RTR 160 4V के ABS वर्जन को उतार दिया है. TVS Apache RTR 160 4V ABS फिलहाल केवल फ्यूल इंजेक्टेड वर्जन में ही दिया गया है. कंपनी ने इसकी कीमत 98,644 रुपये (एक्स-शोरूम, पुणे) रखी है. ABS वर्जन, नॉन ABS मॉडल की तुलना में 6,999 रुपये तक ज्यादा महंगी है. फिलहाल Apache 160 के कार्ब्युरेटर वर्जन में ये फीचर नहीं दिया गया है लेकिन आने वाले हफ्तों में इसकी सेल शुरू हो सकती है और ये करीब 5,000 रुपये तक ज्यादा महंगी होगी.
पिछले कुछ हफ्तों से टेलीकॉम रेगुलेटरी ऑथोरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) को अपने नए DTH नियम को लेकर काफी शिकायतें मिल रही हैं. इस नियम को इस साल 1 फरवरी से लागू किया गया है और इसने सारे सब्सक्राइबर्स का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है. लोगों ने ट्विटर पर पहले से ज्यादा टीवी बिल आने की शिकायत की है. साथ ही कुछ लोगों ने ये भी कहा है कि उन्हें ऑपरेटर्स से बेहतर सर्विस नहीं मिल पा रही है. बहुत से लोग ऐसे भी हैं जो अब तक नए नियमों में शिफ्ट भी नहीं हुए हैं. अब TRAI इसमें सुधार करना चाहता है.