scorecardresearch
 

FB के पूर्व प्रेसिडेंट शॉन पार्कर ने कंपनी के कुछ राज खोले, बताया- कैसे लोगों को किया जाता है मजबूर

शॉन पार्कर ने कहा है, ‘हम आपका ज्यादा से ज्यादा समय और अटेंशन कैसे ले सकें, इन ऐप्लिकेशन्स को बनाने के पीछे इस तरह के थॉट प्रोसेस होते हैं और फेसबुक भी ऐसा ही है'

Advertisement
X
शॉन पार्कर
शॉन पार्कर

फेसबुक के पूर्व फाउंडिंग प्रेसिडेंट शॉन पार्कर ने फेसबुक की ही आलोचना की है. उन्होंने कहा है कि फेसबुक को बनाने वाले ये जानते हैं कि लोगों को इसके लिए मजबूर किया जा रहा है. शॉन पार्कर ने बताया कि कैसे सोशल नेटवर्क जानबूझ कर और संभावित तौर पर हमारे दिमाग को तकलीफ पहुंचा रहा है.

अमेरिकी न्यूज वेबसाइट axios के एक इवेंट में फेसबुक के बारे में कुछ ऐसी बाते बताई हैं जो शायद आपने पहले किसी फेसबुक के आला अधिकारी से नहीं सुनी होंगी. शॉन पार्कर ने फेसबुक के बारे में इन सब बातों को बताने के बाद मजाक में यह भी कहा कि इसे पढ़कर शायद मार्क जकरबर्ग उनका अकाउंट ब्लॉक कर देंगे.

शॉन पार्कर ने फेसबुक से कुछ इस्तेमाल करने के लिए मजबूर किया गया. शॉन पार्कर ने कहा है कि फेसबुक ने खास तरीके डेवेलप किए थे, जिससे यह सुनिश्चित किया जाता था कि लोग अनजाने में अपनी पर्सनल जिंदगी फेसबुक पर लाएं. उन्होंने यह भी कहा है कि इसे भी सुनिश्चित किया गया कि अगर कुछ लोग इस वेबसाइट को छोड़ना चाहें तो उन्हें कुछ ट्रिक्स के जरिए कैसे रोका जाए.

Advertisement

शॉन पार्कर ने कहा है, ‘हम आपका ज्यादा से ज्यादा समय और अटेंशन कैसे ले सकें, इन ऐप्लिकेशन्स को बनाने के पीछे इस तरह के थॉट प्रोसेस होते हैं और फेसबुक वैसे ऐप में पहला है.’

मतलब ये है कि हमें आपको समय-समय पर डोपामाइन देना होता है, क्योंकि किसी ने फोटो या पोस्ट पर लाइक या कॉमेंट किया है. ऐसा करके आप ज्यादा से ज्यादा कॉन्टेंट का योगदान देते हैं और इससे आपको ज्यादा लाइक्स और कॉमेंट्स की उम्मीद होती है. इस प्रोसेस को उन्होंने सोशल वैलिडेशन फीडबैक लूप कहा है. यानी जितना ज्यादा लोग फेसबुक पर समय बिताएंगे वो उतना ही ज्यादा समय बिताना और चीजें अपलोड करना चाहेंगे. उन्होंने कहा कि यह प्रोसेस ऐप और वेबसाइट डेवेलपमेंट की शुरुआत से ही रहा है.

गौरतलब है कि डोपामाइन के दिमागी हॉर्मोन होता है जो शरीर और दिमाग में होने वाली कई गतिविधियों के लिए जिम्मेदार होता है.  

शॉन पार्कर ने कहा, ‘निवेशक, क्रिएटर, मैं, मार्क जकरबर्ग, केविन सिस्ट्रॉम ये सब लोग हैं हम इसे समझते हैं और और इस तरह की चीजों को जानबूझकर किया है’

आपको बता दें कि शॉन पार्कर पहले ही कंपनी छोड़ चुके हैं और उन्होंने पार्कर इंस्टिट्यूट ऑफ कैंसर इम्यूनोथेरेपी की स्थापना की है.

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement