क्या आपने पिछले 10 साल में कोई कार लोन लिया है? अगर हां, तो मुमकिन है कि आपका नाम, पता, फोन नंबर, बैंक अकाउंट नंबर, डीलर का नाम और कार खरीदने की तारीख. ये तमाम जानकारी किसी प्राइवेट वेबसाइट पर करोड़ों लोगों के लिए 'फ्री' उपलब्ध है. यों कहें कि आपकी जानकारी वेबसाइट पर बेची जा रही है. यहां आपको बाकायदा Excel शीट मिलेगी जिसमें कस्टमर्स से जुड़ी जानकारियां उपलब्ध हैं.
हालांकि एक तथ्य यह भी है कि भारत के ज्यादातर यूजर्स प्राइवसी को लेकर बमुश्किल ही सचेत होते हैं, क्योंकि उन्हें ऐसा लगता है कि अगर जानकारियां उपलब्ध भी हैं तो इससे उनका क्या नुकसान. ऐसे उदाहरण देखने को मिले हैं, जहां पब्लिक को अपनी ही ऑनलाइन प्राइवेसी कि चिंता नहीं होती.
बहरहाल जिन लोगों को अपनी प्राइवसी की चिंता है और वो नहीं पब्लिक कर दी जाए तो उसे इस बात की जानकारी होनी चाहिए
इस वेबसाइट (http://cars.indian.net.in/) के सर्वर पर कई सारी Excel फाइल्स मिलेंगी जिनमें कस्टमर्स की जानकारियां दर्ज हैं. इनमें से कुछ फाइल्स में तारीख और महीने भी लिखे हैं जिस दिन इसे अपलोड किया गया है. कुछ फाइल शहरों के आधार पर हैं जिनमें उस शहर से जुड़े कस्टमर्स की जानकारी मिलेगी.

खबर लिखे जाने के बाद इस यह वेबसाइट नहीं खुल रही है, लेकिन कैशे कॉपी में तमाम चीजें देखी जा सकती हैं. आप हैरान रह जाएंगे ये देखकर कि कैसे यहां तमाम जानकारियां पब्लिक की गई हैं.
होश उड़ जाएंगे इतनी विस्तार से जानकारियां देखकर
जानकारियां इतने विस्तार से हैं कि यहां आप यह भी पता लगा सकते हैं और घर का पता सबकुछ पब्लिक किया गया है. इसके अलावा यहां उसकी भी जानकारी मिल सकती है जिसेमं कस्टमर को लोने लेने के लिए रेफर किया था.
इन तमाम डेटा के साथ और भी जानकारियां बिक्री के लिए भी उपलब्ध हैं. कथित तौर पर डेटा कलेक्ट करने वाली एजेंसी का कहना है, ‘ये डेटा Infinte Loop Development Ltd. द्वारा कलेक्ट किया गया है. अगर इस वेबसाइट से पर्सनल डेटा हटाने चाहते हैं तो info@infiniteloop.ie पर URL के साथ मेल कर सकते हैं. अगर आपको दिलच्सपी है तो मेल करें’
पर्सनल डेटा लीक होने की यह रिपोर्ट पहली नहीं है, बल्कि हाल ही में सरकार की वेबसाइट पर लाखों आधार डीटेल्स लीक हुई हैं. सिर्फ आसान गूगल सर्च से लोगों के आधार की जानकारी हासिल की जा सकती थी. हालांकि मीडिया रिपोर्ट्स के बाद इसे हटाया गया.
इस तरह ही लचर स्थिति देखते हुए कहा जा सकता है कि इन सब के खिलाफ जल्द से जल्द सख्त कदम उठाया जाना चाहिए. क्योंकि इससे कई बड़े खतरे हो सकते हैं.
जब सरकारी वेबसाइट से लेकर प्राइवेट कंपनियां भी सर्वर पर रख रहीं, चाहे यह गलती से हो जानबूझ कर. ऐसी स्थिति में जरूरी है कि सख्त प्राइवेसी कानून लाया जाए जो यह सुनिश्चित करे कि लोगों की पर्सनल जानकारियां करोड़ों लोगों के पहुंच में न हो.