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IND vs NZ: 5 मैच में केवल 46 रन, बतौर ओपनर भी फ्लॉप... वर्ल्ड कप से पहले संजू सैमसन के आंकड़ों ने बढ़ाई टेंशन

टी20 वर्ल्ड कप से पहले संजू सैमसन का प्रदर्शन टीम इंडिया के लिए चिंता का विषय बन गया है. घरेलू मैदानों पर ओपनर के रूप में उन्हें लगातार मौके मिले, लेकिन वह पावरप्ले में जल्दी आउट हो रहे हैं. तेज गेंदबाजों के खिलाफ कमजोर आंकड़े और निरंतरता की कमी वर्ल्ड कप से पहले भारतीय टीम की रणनीति पर सवाल खड़े कर रही है.

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वर्ल्ड कप से पहले खराब फॉर्म में संजू सैमसन (Photo: ITG)
वर्ल्ड कप से पहले खराब फॉर्म में संजू सैमसन (Photo: ITG)

टी20 वर्ल्ड कप में अब एक हफ्ते से भी कम का वक्त बचा है. इससे पहले टीम इंडिया ने अपने संयोजन और खिलाड़ियों के फॉर्म को लेकर लगातार काम और प्रयोग किया है. लेकिन इस बड़े टूर्नामेंट से पहले संजू सैमसन का प्रदर्शन कप्तान सूर्या और कोच गंभीर के लिए एक मुसीबत बनता जा रहा है. न्यूजीलैंड के खिलाफ पूरी टी20 सीरीज में संजू का बल्ला खामोश रहा है. घरेलू मैदानों पर ओपनर के तौर पर उन्हें जितने मौके मिले हैं, उसके मुकाबले उनका आउटपुट निराशाजनक रहा है.

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आंकड़े जो बढ़ा रहे मुसीबत

संजू सैमसन ने भारत में खेले गए टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 15 बार पारी की शुरुआत की है. इन 15 मौकों में वह केवल दो बार ही तीस रन का आंकड़ा पार कर सके हैं. पहला मौका हैदराबाद में बांग्लादेश के खिलाफ 2024 में आया, जब उन्होंने शानदार शतक लगाया. दूसरा मौका अहमदाबाद में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 2025 में रहा, जहां वह 37 रन बना सके. इन दो पारियों को छोड़ दिया जाए, तो बाकी 13 पारियों में वह बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहे हैं.

अगर 2025 के बाद से तेज गेंदबाजों के खिलाफ उनके आंकड़ों पर नजर डालें, तो तस्वीर और भी चिंताजनक हो जाती है. इस दौरान उन्होंने 16 पारियों में बल्लेबाजी की है, जिसमें 131 गेंदों पर 166 रन बनाए हैं. इस दौरान वह 13 बार आउट हुए हैं. उनका औसत लगभग 13 का रहा है, जबकि स्ट्राइक रेट करीब 135 का रहा. सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि इन 13 आउट में से 10 बार वह पावरप्ले के भीतर ही पवेलियन लौट गए.

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पावरप्ले में जल्दी आउट होना किसी भी ओपनर के लिए खतरे की घंटी माना जाता है, खासकर टी20 वर्ल्ड कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में, जहां शुरुआती ओवर मैच की दिशा तय कर देते हैं. संजू सैमसन से उम्मीद रहती है कि वह तेज शुरुआत देंगे और टीम को मजबूत मंच प्रदान करेंगे, लेकिन बार-बार शुरुआती झटके लगना टीम की रणनीति पर असर डाल सकता है.

यह भी पढ़ें: IND vs NZ: टॉस के वक्त प्लेइंग 11 ही भूल गए कप्तान सूर्या, संजू को लेकर दर्शकों से किया मजाक, VIDEO

इस सीरीज में रहे बुरी तरह फ्लॉप

न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज की बात करें तो संजू बुरी तरह से फ्लॉप रहे हैं. उन्होंने पहले मैच में केवल 10 रन बनाए, दूसरे मैच में केवल 6 रन बनाकर आउट हो गए. तीसरे मैच में वो खाता भी नहीं खोल सके. चौथे मैच में उनके बल्ले से 24 रन आए. लेकिन तिरुवनंतपुर में फिर वो 6 रन बनाकर आउट हो गए. यानी 5 मैच में संजू के बल्ले से केवल 46 रन निकले. यानी पूरी सीरीज के रन को जोड़ दें तब भी 50 का आंकड़ा पार नहीं होता है.

ऐसे कैसे खेलेंगे वर्ल्ड कप

वर्ल्ड कप जैसे टूर्नामेंट में टीम को ऐसे बल्लेबाज की जरूरत होती है, जो न सिर्फ तेजी से रन बनाए, बल्कि पारी को संभालकर आगे ले जाए. संजू सैमसन में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, लेकिन मौजूदा आंकड़े यह संकेत देते हैं कि वह दबाव में अपनी लय खो रहे हैं. तेज गेंदबाजों के खिलाफ उनकी कमजोरी विपक्षी टीमों के लिए एक साफ रणनीति बन सकती है.

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टीम इंडिया के लिए यह समय बेहद अहम है. चयनकर्ताओं और टीम मैनेजमेंट को यह तय करना होगा कि क्या संजू सैमसन को लगातार मौके देकर भरोसा दिखाया जाए या फिर किसी ऐसे विकल्प की ओर देखा जाए, जो पावरप्ले में ज्यादा भरोसेमंद साबित हो सके. 

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