रविवार शाम को मेलबर्न के रोड लेवर एरिना पर सिर्फ ऑस्ट्रेलियन ओपन की ट्रॉफी ही नहीं, बल्कि इतिहास भी दांव पर था. मेन्स सिंगल्स फाइनल में आमने-सामने थे 24 बार के ग्रैंड स्लैम चैम्पियन सर्बिया के नोवाक जोकोविच और स्पेनिश युवा सनसनी कार्लोस अल्कारेज. 3 घंटे तक चले मुक़ाबले में दुनिया के नंबर-1 खिलाड़ी अल्कारेज ने 10 बार के ऑस्ट्रेलियन ओपन विजेता जोकोविच को 2-6, 6-2, 6-3, 7-5 से हराकर इतिहास के पन्नों में अपना नाम सुनहरे अक्षरों में दर्ज करा लिया. आखिर अल्कारेज की ये जीत क्यों है इतनी खास, आइए जानते हैं:..
करियर स्लैम पूरा करने वाले सबसे युवा
अल्कारेज ने ना सिर्फ अपना पहला ऑस्ट्रेलियन ओपन खिताब जीता, बल्कि वो टेनिस के इतिहास में करियर स्लैम (टेनिस के चारों ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंटों को कम से कम एक बार जीतना) पूरा करने वाले सबसे युवा खिलाड़ी भी बन गए. महज 22 साल और 272 दिन की उम्र में उन्होंने ये उपलब्धि हासिल कर 87 साल पुराना रिकोर्ड तोड़ दिया. पहले ऑस्ट्रेलियन ओपन खिताब पर कब्जा जमाने के अलावा स्पेनिश खिलाड़ी अबतक फ्रेंच ओपन, विम्बलडन और यूएस ओपन 2-2 बार जीत चुके हैं. इतने छोटे से करियर में ही अल्कारेज का ये सातवां ग्रैंड स्लैम टाइटल है. ऐसा करने वाले भी वो सबसे युवा खिलाड़ी हैं.
ऑस्ट्रेलियन ओपन की जीत ने ये भी दिखा दिया कि स्पेनिश खिलाड़ी खुद के ही अलग रास्ते पर चल रहे हैं और ‘बिग-3’ एरा के बाद वो बाकी सभी खिलाड़ियों से कहीं आगे हैं. इस बात में कोई दो राय नहीं कि फिलहाल दुनिया के नंबर-2 खिलाड़ी और पांच ग्रैंड स्लैम जीत चुके इटली के 24 वर्षीय जैनिक सिनर ही अल्कारेज के सबसे बड़े प्रतिद्वंद्वी हैं और आगे भी होंगे. लेकिन इतनी असाधारण प्रतिभा, कभी ना हार मानने वाला जज्बा और गजब की दृढ़ता किसी और खिलाड़ी में नहीं दिखती.
फाइनल में पिछड़ने के बाद किया कमबैक
सेमीफाइनल में दुनिया के नंबर-2 खिलाड़ी इटली के यानिक सिनर को हराने वाले जोकोविच ने फाइनल की शुरुआत तूफानी अंदाज में की. एक-के-बाद एक कई दनदनाते विनर्स लगाए. उन्होंने पहले सेट में अल्कारेज की सर्विस दो बार ब्रेक कर सिर्फ आधे घंटे में पहला सेट अपने नाम कर लिया.
शानदार लय में दिख रहे जोकोविच की नजरें रिकॉर्ड 25वें ग्रैंड स्लैम पर थीं, लेकिन स्पेनिश खिलाड़ी को कुछ और ही मंजूर था. उन्होंने अपने शॉट्स की पेस को बढ़ाया और जोकोविच को गलतियां करने पर मजबूर कर दिया. कोर्ट के हर कोने से अल्कारेज उन्हें छका रहे थे. अपनी फिटनेस और स्पीड के दम पर अल्कारेज अब लंबी रैलियां डॉमिनेट कर रहे थे और जोकोविच के पास अपने से 16 साल छोटे प्रतिद्वंद्वी का कोई तोड़ नहीं था. इस तरह अल्कारेज ने जबरदस्त वापसी करते हुए दूसरा और तीसरा सेट जीता. चौथे सेट में कड़ी टक्कर देखने को मिली. दोनों खिलाड़ियों को बढ़त बनाने के मौके मिले. आखिरकार 5-6, 15-40 से पिछड़ रहे जोकोविच के फोरहैंड मिस करते ही अल्कारेज ने नॉर्मन ब्रूक्स ट्रॉफी पर कब्जा कर लिया.
मुश्किलों और सवालों का जीत से जवाब
हालांकि, अल्कारेज के लिए करियर ग्रैंड स्लैम पूरा करना इतना आसान नहीं था. उनके सामने कई चुनौतियां भी थीं. ऑस्ट्रेलियन ओपन शुरू होने से ठीक एक महीने पहले वो अपने कोच जुआन कार्लोस फेरेरो से 7 साल बाद अलग हो गए. दुनिया के नंबर-1 खिलाड़ी के इस फैसले ने सबको हैरान कर दिया. खासकर मीडिया में अल्कारेज के भविष्य के बारे में तमाम तरह के सवाल उठाए जाने लगे. लेकिन उन्होंने मुश्किलों को अपने ऊपर हावी नहीं होने दिया और नई टीम के साथ अपना पहला ही टूर्नामेंट जीतकर परिपक्वता और दृढ़ता का शानदार प्रदर्शन किया. उन्होंने साबित किया कि वो इतनी कम उम्र में ही पूरी जिम्मेदारी लेते हुए बड़े फैसले लेने से पीछे नहीं हटते.
इतना ही नहीं, अलेक्जेंडर ज्वेरेव के खिलाफ सेमीफाइनल के दौरान अल्कारेज अचानक मसल क्रैम्प्स से जूझने लगे. 2 सेट की बढ़त बनाने के बाद वो अगले दो सेट हार गए. ऐसा लगा कि शायद वो किसी भी पल रिटायर हो जाए, लेकिन अपनी शारीरिक और मानसिक मजबूती का परिचय देते हुए वो डटे रहे. पांचवें सेट में 3-5 से पिछड़ने के बावजूद उन्होंने शानदार वापसी की और करीब साढ़े 5 घंटे तक चले मैराथन मुकाबला जीतकर फाइनल में जगह बनाई.
ऑस्ट्रेलियन ओपन जीतने के साथ ही अल्कारेज ने खुद को टेनिस इतिहास के अब तक के सर्वश्रेष्ठ युवा पुरुष खिलाड़ी होने का दावा औऱ मजबूत कर लिया है. ये कहना अभी जल्दबाजी होगा कि अल्कारेज टेनिस के ‘बिग-3’- जोकोविच, राफेल नडाल और रोजर फेडरर के बराबर मुकाम हासिल करने में सफल होंगे या नहीं, लेकिन इतना तो तय है कि 22 वर्षीय स्पेनिश सनसनी सही रास्ते पर महानता की ओर अग्रसर हैं और उन्हें बहुत कुछ हासिल करना बाकी है. जैसा कि जोकोविच ने हार के बाद खुद कहा कि अल्कारेज के मामले में सबकुछ संभव है.