पहलवान सुशील कुमार ने बीजिंग ओलंपिक की अपनी पर्फोर्मेंस में काफी सुधार किया, और उन्होंने पुरूष 66 किलो भार वर्ग फ्रीस्टाइल कुश्ती में सिल्वर मेडल पर कब्जा जमाया. अपने जबरदस्त प्रदर्शन से सुशील ये भी साबित कर दिखाया आखिर क्यों उनके नाम का डंका पीटा जा रहा था.
लंदन ओलंपिक में हर किसी का ध्यान गगन नारंग और दूसरे शूटरों पर लगा था. लेकिन विजय कुमार ने पिस्टल शूटिंग इवेंट में सिल्वर मेडल जीतकर हर किसी चौंका दिया.
सुशील कुमार की छाया में योगेश्वर दत्त लंदन ओलंपिक में शिरकत करने पहुंचे थे. लेकिन हरियाणा के इस पहलवान ने 60 किलो भार वर्ग फ्रीस्टाइल कुश्ती में कांस्य पदक जीतकर इतिहास रच दिया.
सायना नेहवाल ओलंपिक में पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला बैडमिंटन खिलाड़ी बनीं. वो काफी भाग्यशाली रहीं की उनकी विरोधी चीनी खिलाड़ी को चोट के चलते बाहर मैच से होना पड़ा. लेकिन इस बात में कोई दो राय नहीं है कि सायना भारतीय खेलों में एक नई सुबह लेकर आईं.
आखिरकार गगन नारंग ओलंपिक पदक हासिल करने में कामयाब हो गए. लंदन ओलंपिक में उन्होंने 10 मीटर एयर राइफल में कांस्य पदक जीता.
मैरी कॉम लंदन ओलंपिक में गोल्ड मेडल तो नहीं जीत सकीं. लेकिन अपने शानदार खेल की बदौलत उन्होंने मुक्केबाजी में कांस्य पदक
हासिल कर भारतीय महिला बॉक्सिंग में नई इबारत लिख डाली.
देवेंद्रो भले ही कोई पदक नहीं जीत पाए हों लेकिन उन्होंने अपने शानदार प्रदर्शन से क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई. और इस बात का भरोसा दिलाया कि वो आने वाले दिनों में देश के लिए बॉक्सिंग की परचम लहराएंगे.
रोइंग में स्वर्ण सिंह और दूसरे नौंकाचालकों नें शानदार प्रदर्शन किया और विरोधी खिलाड़ियों के सामने जबरदस्त चुनौती रखी. स्वर्ण का जबरदस्त प्रदर्शन देखकर भारतीय खेल प्रेमियों का सिर गर्व से ऊंचा किया.
ट्रैक एंड फील्ड में भारतीय एथलीट कभी कोई खास प्रदर्शन नहीं कर सके. लेकिन डिस्कस थ्रोअर कृष्णा पुनिया ने सभी बाधाओं को पर करते हुए फाइनल में जगह बनाई.
विकास गौड़ा ने भी लंदन ओलंपिक में जबरदस्त प्रदर्शन किया. लेकिन वो पोडियम तक तो नहीं पहुंच सके. उन्हें आठवें स्थान से ही संतोष करना पड़ा.