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डैम और कुएं में सीखी तैराकी, सरकार ने विदेश में करवाई सेलिंग की ट्रेनिंग; सिल्वर विनर 17 साल की नेहा की कहानी

Asian Games Hangzhou 2023: 17 साल नेहा ठाकुर ने सेलिंग (नौकायन) में सिल्वर मेडल दिलाकर देश के साथ ही देवास जिले का भी नाम रोशन कर दिया. नेहा मूलत: देवास जिले के आमलाताज की रहने वाली हैं.

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सिल्वर मेडल के साथ नेहा ठाकुर.
सिल्वर मेडल के साथ नेहा ठाकुर.

Asian Games Hangzhou:  19वें एशियन गेम्स के तीसरे दिन हांगझोउ में भारत को 28 पॉइंट के साथ 17 साल नेहा ठाकुर ने सेलिंग (नौकायन) में सिल्वर मेडल दिलाकर देश के साथ ही देवास जिले का भी नाम रोशन कर दिया. नेहा मूलत: देवास जिले के आमलाताज की रहने वाली हैं. फिलहाल भोपाल में अपनी बीकॉम की पढ़ाई करने के साथ ही एशियन गेम्स की तैयारी के लिए वाटर स्पोर्टस एकेडमी से जुड़ी हैं. 

नेहा के पिता मुकेश ठाकुर ने बताया कि साल 2017 में ट्रायल के दौरान नेहा का वाटर स्पोर्टस एकेडमी भोपाल में सिलेक्शन हुआ था. नेहा ने कक्षा 8वीं तक की पढ़ाई अपने मामा के घर इंदौर में की. उसके बाद पिता उसे हाटपीपल्या स्थिित अपने गांव लेकर आ गए थे. फिर एक वर्ष तक क्षेत्र में ही सरस्वती शिशु मंदिर में पढ़ाई करवाई. उसके बाद से ही वह नौकायन (सेलिंग) में रुची लेने लगी थी.

खिलाड़ी नेहा के पिता मुकेश ठाकुर को तैराकी का काफी अनुभव है. उन्होंने अपनी बेटी को ट्रायल के दौरान हाटपीपल्या क्षेत्र में बने छोटे डेम और कुएं में तैराकी की काफी ट्रेनिंग करवाई. मुकेश ने बताया कि नेहा को सेलिंग स्पोर्ट्स (नौकायन खेल) में जाने के लिए अंकल के लड़के विशाल सिंह ठाकुर ने प्रेरित किया. विशाल भी पहले वाटर सेलिंग में था और फिलहाल वह नेवी में है. उसने मुझे कहा था. उसके बाद नेहा को हमने तैयारी करवाई.

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युवा सेलर नेहा के परिवार में उसके माता-पिता के साथ उसके दो छोटे भाई हैं. पिता खेती किसानी करते हैं. साथ ही मां रीना गृहिणी हैं. दो छोटे भाई पढ़ाई कर रहे हैं. 

नेहा ने एशियन गेम्स के पहले कई नेशनल गेम्स में भाग लिया था और गोल्ड व सिल्वर मेडल प्राप्त किए. साथ ही 2022 एशियन चैम्पियनशिप में कांस्य पदक जीता और यूरोप चैम्पियनशिप में भी पदक जीता. उसके बाद दो वर्ल्ड चैम्पियनशिप में भी भाग लिया. लेकिन मेडल नहीं जीत पाई. हालांकि, खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया.

पिता ने खुशी ज़ाहिर करते हुए कहा है कि परिवार और गांववाले बहुत खुश हैं. बेटी ने देश के लिए मेडल जीता. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और देश के खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने भी ट्वीट कर नेहा को बधाई दी. 

उन्होंने कहा कि नेहा की इस सफलता का श्रेय मप्र की खेल मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया को जाता है. सिंधिया ने ही एशियन गेम्स के पहले नेहा की तीन माह तक ट्रेनिंग विदेशों में करवाई. पूरा खर्च मप्र खेल विभाग ने उठाया. यशोधरा राजे सिंधिया ने नेहा की इस सफलता पर हमें फोन कॉल पर बधाई भी दी. इसके अलावा नेहा के कोच जेएल यादव, नरेन्द्र सिंह राजपूत और अनिल शर्मा को इसका श्रेय जाता है. उन्होंने विशेष सहयोग कर बेटी की प्रतिभा को निखारने में मदद की.

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नेहा की मां रीना अपनी बेटी की इस उपलब्धि से बेहद खुश हैं. मां का कहना है कि घर आने पर नेहा को उसकी पसंद का खाना दाल-बाटी बनाकर खिलाएंगी.

वहीं, गांव के सरपंच राजकुमार सिंह सेंधव का कहना है कि यह हमारे छोटे से गांव के लिए गर्व की बात है. हमारे गांव के किसान की बेटी ने देश को रजत पदक दिलाया है. एशियन गेम्स से लौटने के बाद नेहा का गांव में आने पर जोरदार स्वागत कर सम्मान करेंगे. 

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