भारतीय हॉकी में चल रहा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा. दिग्गज गोलकीपर और ओलंपियन पीआर श्रीजेश ने एक बार फिर हॉकी इंडिया अध्यक्ष दिलीप तिर्की ( Dilip Tirkey) पर खुलकर निशाना साधा है. जूनियर पुरुष टीम के मुख्य कोच पद से उनका कार्यकाल खत्म होने के बाद अब श्रीजेश ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कई गंभीर सवाल उठाए हैं.
श्रीजेश ने कहा कि उन्हें 'डेवलपमेंट टीम' की जिम्मेदारी देने की पेशकश की गई थी, लेकिन जब उन्होंने इस टीम को लेकर बुनियादी सवाल पूछे तो किसी के पास जवाब नहीं था. उन्होंने पूछा कि क्या वास्तव में कोई डेवलपमेंट टीम मौजूद है? उसमें कौन खिलाड़ी होंगे? उसका स्ट्रक्चर क्या होगा? किन कैम्प और टूर्नामेंट की तैयारी कराई जाएगी? श्रीजेश के मुताबिक इन सवालों का कोई स्पष्ट जवाब उन्हें नहीं मिला.
When the Hockey India president offered me the “development team,” I asked a few simple questions:
— sreejesh p r (@16Sreejesh) May 14, 2026
Do we really have a development team?
Who are the players in this development group?
What is the structure of the program?
What camps are approved for them?
What tournaments are…
पूर्व भारतीय कप्तान ने गोलकीपिंग कोच की भूमिका को लेकर भी नाराजगी जताई. उन्होंने कहा कि जूनियर वर्ल्ड कप में ब्रॉन्ज मेडल जिताने के बाद उन्हें फिर से सिर्फ गोलकीपिंग कोच बनाना क्या प्रमोशन माना जाएगा या डिमोशन?
श्रीजेश करीब डेढ़ साल तक जूनियर पुरुष टीम के मुख्य कोच रहे और उनके कार्यकाल में टीम ने पांच बार पोडियम फिनिश हासिल किए, जिसमें जूनियर वर्ल्ड कप का कांस्य पदक भी शामिल है.
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उन्होंने हॉकी इंडिया के मौजूदा कोचिंग सेटअप पर भी सवाल उठाए. श्रीजेश ने आंकड़े गिनाते हुए लिखा कि चार टीमों के लिए छह विदेशी कोच, तीन विदेशी स्ट्रेंथ एंड कंडीशनिंग कोच, एक विदेशी वीडियो एनालिस्ट, दो विदेशी गोलकीपर कोच और एक विदेशी स्पोर्ट्स साइकोलॉजिस्ट मौजूद हैं. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अच्छा है कम से कम हर टीम में एक भारतीय कोच अब भी बचा हुआ है.
सरदार सिंह और रानी रामपाल का नाम लेकर साधा निशाना
श्रीजेश ने भारतीय दिग्गजों की अनदेखी का मुद्दा भी उठाया. उन्होंने कहा कि सरदार सिंह और रानी रामपाल अच्छा काम कर रहे हैं, लेकिन शायद अध्यक्ष को लगता है कि वे अभी पर्याप्त अनुभवी या योग्य नहीं हैं. उन्होंने सवाल किया कि क्या अब अंडर-18 टीमों में भी विदेशी कोचों की नियुक्ति होगी. अपने पोस्ट में दिलीप तिर्की, हॉकी इंडिया के अलावा उन्होंने खेल मंत्री मनसुख मंडाविया को भी टैग किया.
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इस पूरे विवाद ने भारतीय हॉकी में कोचिंग ढांचे और भारतीय बनाम विदेशी कोचों की बहस को फिर तेज कर दिया है. हाल के दिनों में श्रीजेश और हॉकी इंडिया के बीच तनातनी लगातार चर्चा का विषय बनी हुई है.