भारतीय फुटबॉल टीम ने लगातार दूसरी बार एएफसी एशियन कप के लिए क्वालिफाई कर लिया है. फिलिपींस के खिलाफ फिलिस्तीन की 4-0 से जीत के बाद भारत ने यह उपलब्धि हासिल की है. अब भारत यदि मंगलवार (14 जून) को होने वाले अपने अगले मैच में हॉग्कॉन्ग से हार भी जाता है, तो क्वालिफिकेशन पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा.
भारतीय टीम ने ऑवरऑल पांचवीं बार इस टूर्नामेंट में जगह बनाई है. साथ ही यह पहली बार होने जा रहा कि भारतीय टीम लगातार दो मौके पर इस टूर्नामेंट में भाग लेगी. भारत ने सबसे पहले 1964 में इस टूर्नामेंट में भाग लिया था. फिर इसने 1984, 2011 और 2019 का टूर्नामेंट भी खेला.
भारत ने एएफसी एशियन कप क्वालिफायर के तीसरे राउंड में शुरुआती दो मुकाबलों में कंबोडिया और अफगानिस्तान को हराया था. जहां कंबोडिया के खिलाफ भारत को 2-0 से जीत मिली थी, वहीं अफगानिस्तान को सुनील छेत्री की टीम ने 2-1 से रौंद दिया था. कंबोडिया के खिलाफ दोनों गोल सुनील छेत्री ने ने किए. वहीं, अफगानिस्तान के खिलाफ छेत्री और सहल अब्दुल समद स्कोर करने में कामयाब रहे.
अफगानिस्तान के खिलाफ गोल दागने के बाद भारतीय कप्तान सुनील छेत्री के अब 128 इंटरनेशनल मुकाबलों में 83 गोल हो गए थे. क्रिय फुटबॉलरों में छेत्री से आगे सिर्फ क्रिस्टियानो रोनाल्डो (पुर्तगाल) और लियोनेल मेसी (अर्जेंटीना) हैं. रोनाल्डो ने 189 मैचों में 117 और मेसी ने 86 (162 मैच) गोल किए हैं. हॉन्कॉन्ग के खिलाफ मैच में सुनील छेत्री की नजरें मेसी के करीब पहुंचने की होगी.