एशिया के सबसे बड़े मल्टी-स्पोर्ट इवेंट एशियन गेम्स के शेड्यूल में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया (OCA) 2026 के बाद इस टूर्नामेंट को ओलंपिक से एक साल पहले कराने की योजना पर विचार कर रहा है.
यह अहम मुद्दा 21 अप्रैल को चीन के सान्या शहर में हुई OCA की एग्जीक्यूटिव बोर्ड मीटिंग में चर्चा के लिए रखा गया. मौजूदा समय में एशियन गेम्स ओलंपिक से दो साल पहले आयोजित होते हैं, लेकिन नए प्रस्ताव के तहत इन्हें ऑड (odd-numbered) वर्षों में शिफ्ट किया जा सकता है, ताकि यह सीधे ओलंपिक की तैयारी और क्वालीफिकेशन का हिस्सा बन सके.
हालांकि, 2026 एशिय गेम्स (आइची-नागोया, जापान) का आयोजन 19 सितंबर से 4 अक्टूबर 2026 के बीच तय कार्यक्रम के अनुसार ही होगा. अगर बदलाव को मंजूरी मिलती है, तो इसका असर अगली मेजबानी पर पड़ेगा.
तो 2030 वाला एशियन गेम्स कब होगा?
इस योजना के तहत 2030 Asian Games को 2030 के बजाय 2031 में कराया जा सकता है. इसके बाद रियाद 2034 में और भारत ने 2038 एशियन गेम्स की मेजबानी के लिए रुचि दिखाई है. इस बदलाव का मकसद एशियन गेम्स को ओलंपिक चक्र के और करीब लाना है, ताकि ज्यादा खेलों में इसे क्वालीफाइंग इवेंट के तौर पर इस्तेमाल किया जा सके. फिलहाल हॉकी और वेटलिफ्टिंग जैसे सीमित खेलों में ही इसका उपयोग होता है, जबकि इसमें 40 से ज्यादा खेल शामिल हैं.
हालांकि, इस प्रस्ताव के साथ चुनौतियां भी जुड़ी हैं. खासकर एथलेटिक्स में, जहां वर्ल्ड एथलेटिक्स की वर्ल्ड चैम्पियनशिप वर्षों में होती है और वही ओलंपिक क्वालफिकेशन का मुख्य जरिया है. ऐसे में टॉप एथलीट एशियन गेम्स की बजाय वर्ल्ड चैम्पियनशिप को प्राथमिकता दे सकते हैं.
दिलचस्प बात यह है कि पैन अमेरिकन, यूरोपियन और अफ्रीकन गेम्स पहले से ही ओलंपिक से एक साल पहले आयोजित होते हैं. ऐसे में एशियन गेम्स का यह संभावित बदलाव ग्लोबल स्पोर्ट्स कैलेंडर को और संतुलित कर सकता है.