फीफा वर्ल्ड कप 2022 में सऊदी अरब ने बड़ा उलटफेर करते हुए अर्जेंटीना टीम को 2-1 से मात दी.अब सऊदी अरब की इस शानदार जीत की खुशी में किंग सलमान ने बुधवार (23 नवंबर) को छुट्टी की घोषणा की है. ये अवकाश, पब्लिक और प्राइवेट सेक्टर के सभी कर्मचारियों के साथ साथ सभी छात्रों के लिए है.
सऊदी अरब की जीत के बाद टीम के प्रशंसक काफी उत्साहित दिखे. एक प्रशंसक ने कहा, 'ऊपर वाले का शुक्र है, खिलाड़ी काफी उत्साहित थे और उन्होंने अर्जेंटीना को हरा दिया. वे एक खिलाड़ी पर भरोसा कर रहे थे, हमने एक टीम के रूप में प्रतिस्पर्धा की और हमने उन्हें हरा दिया, हम काफी खुश हैं.'
: King Salman orders that tomorrow, Wednesday, will be a holiday for all employees in public and private sectors as well as for students in all phases of education, in celebration of 's stunning victory against Argentina in
— Saudi Gazette (@Saudi_Gazette)
सऊदी अरब की राजधानी रियाद से कतर की यात्रा करने वाले एक प्रशंसक फहद अल-कनानी ने कहा, 'उस दूसरे गोल के बाद मुझे लगा कि हम 4-1 से जीत सकते हैं. मैं अपने कुछ दोस्तों की तरह चिंतित नहीं था. हमें केवल बचाव करना था. सारा दबाव अर्जेंटीना पर था.'
सऊदी अरब की जीत के हीरो सालेह अलशेहरी और सलेम अल-दावसारी रहे, जिन्होंने एक-एक गोल दागे. अर्जेंटीना की ओर से मैच में इकलौता गोल कप्तान लियोनेल मेसी ने किया. अर्जेंटीना की टीम फिलहाल फीफा रैंकिंग में तीसरे स्थान पर है. वहीं सऊदी अरब की टीम 51वें नंबर पर है. ऐसे में यह वर्ल्ड कप के इतिहास के एक बड़े उलटफेरों में से एक है.

सऊदी के पास अब बेहतरीन मौका
सऊदी अरब को मौजूदा वर्ल्ड कप के ग्रुप-सी में अर्जेंटीन, मेक्सिको और पोलैंड के साथ रखा गया है. अब सऊदी अरब आने वाले मैचों में मेक्सिको और पोलैंड का सामना करेगी. यदि वह इन मैचों में अच्छा प्रदर्शन करती है तो वह नॉकआउट दौर में पहुंच जाएगी. वहीं हार के बाद अर्जेंटीना की टीम पर प्रेशर बढ़ गया है. अर्जेंटीना की टीम पिछले 36 मैचों से अजेय थी, ऐसे में उसका यह स्ट्रीक भी टूट गया. इटली के नाम सबसे ज्यदा 37 मैचों में नहीं हारने का रिकॉर्ड है, जो मेसी की टीम नहीं तोड़ सकी.
2015 में किंग बने थे सलमान
किंग सलमान 86 साल के हैं और 2015 में अपने भाई अब्दुल्लाह बिन अजीज के मरने पर सऊदी अरब के शाह बने थे. उन्होंने फिर 2017 में अपने बेटे मोहम्मद बिन सलमान को क्राउन प्रिंस के तौर पर नियुक्त किया था. यानी कि उनके मरने के बाद मोहम्मद बिन सलमान सऊदी अरब के किंग बनेंगे.