भारत ने जिम्बाब्वे को टी20 सीरीज के दूसरे मुकाबले में 100 रनों से हरा दिया. इस जीत के साथ ही शुभमन गिल की अगुवाई वाली भारतीय टीम ने पांच मैचों की सीरीज में 1-1 से बराबरी कर ली. दोनों टीमों के बीच तीसरा टी20 मुकाबला 10 जुलाई को इसी मैदान पर खेला जाना है.
हार के बाद थरूर ने बोर्ड पर साधा था निशाना
दूसरे टी20 मैच में भारत की जीत के बाद कांग्रेस नेता शशि थरूर सुर्खियों में आ गए. थरूर अपने एक दिन पुराने ट्वीट को लेकर ट्रोल हो गए. उस ट्वीट में उन्होंने जिम्बाब्वे के खिलाफ पहले टी20 मैच में टीम इंडिया की हार के बाद भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (BCCI) की आलोचना की थी. थरूर ने बीसीसीआई को 'अहंकारी' कहा और उस पर 'चीजों को हल्के में लेने' का आरोप लगाया था. साथ ही थरूर ने इस हार के बहाने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर भी कटाक्ष किया था.
तिरुवनंतपुरम के सांसद ने ट्वीट किया था, 'भारत की टी20 वर्ल्ड कप जीत के बाद मुंबई में हुए जश्न की गूंज अभी थमी भी नहीं है कि हरारे में जिम्बाब्वे के हाथों हमारी हार हो गई. बीसीसीआई ने चीजों को हल्के में लिया और यही उसकी सजा थी. चाहे 4 जून हो या 6 जुलाई, अहंकार में कमी आई है. जिम्बाब्वे अच्छा खेला.'
So even while the echoes of the wild celebrations at Mumbai for India’s win have not died down, we have been beaten by minnows Zimbabwe today in Harare. It’s just what deserved for taking things for granted. Whether on June 4 or on July 6, arrogance has been…
— Shashi Tharoor (@ShashiTharoor)
थरूर ने कहा था, 'अगर किसी टीम को INDIA कहा जाता है तो उसे इस लेबल के योग्य होना चाहिए. इसे भारत-ए टीम कहना बेस्ट रहता. अगर सूर्या, पंत, हार्दिक, कुलदीप, सिराज, बुमराह, अर्शदीप जैसे खिलाड़ी उपलब्ध नहीं थे, तो दौरे को स्थगित कर दिया जाना चाहिए था. मेरी निराशा इसलिए नहीं है कि हम हार गए, बल्कि इसलिए है कि हमने उतना भी आत्म-सम्मान नहीं दिखाया.'
If a team is called INDIA it needs to be worthy of the label. This was at best "India A". If SKY, Pant, Hardik, Kuldeep, Siraj, Bumrah and Arshdeep, plus Sanju, Jaiswal, Chahal, Dube, were ALL unavailable this week, the tour should have been postponed. At least half of them…
— Shashi Tharoor (@ShashiTharoor)
हालांकि जब भारत को दूसरे टी20 में जीत मिली तो थरूर ने टीम इंडिया को जीत की बधाई दी. साथ ही थरूर ने ये भी कहा कि सुखद उद्देश्य के लिए ट्रोल होने पर उन्हें खुशी है. थरूर ने लिखा, 'युवा भारतीय टीम को बधाई, जिसने आज जिम्बाब्वे को 100 रनों से हरा दिया. खासकर अभिषेक शर्मा को, जिनका शतक टी20 में भारत की ओर से तीसरा सबसे तेज शतक रहा. खुशी है कि उन्होंने कल के खराब प्रदर्शन से इतनी जल्दी वापसी की. एक सुखद उद्देश्य के लिए ट्रोल किए जाने पर मुझे खुशी है.'
Congratulations to the young India team that just thrashed Zimbabwe today by 100 runs, especially whose century was the third-fastest ever scored for India in T20Is. Happy they bounced back so quickly from their poor showing yesterday (and glad to be trolled for a…
— Shashi Tharoor (@ShashiTharoor)
दूसरे टी20 मैच में भारत की जीत के बाद अब थरूर बीजेपी के निशाने पर आ गए हैं. बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने लिखा, 'क्या शशि थरूर और कांग्रेस टीम इंडिया से माफी मांगेंगे. कांग्रेस, शशि थरूर और उनके इकोसिस्टम ने पीएम मोदी और बीजेपी से अपनी नफरत में भारतीय क्रिकेट टीम को अपनी नफरत और नकारात्मकता का शिकार बनाया.
पूनावाला ने आगे कहा, 'एक दिन बाद हमारे खिलाड़ियों ने जिम्बाब्वे के खिलाफ बड़ी जीत दर्ज करके पलटवार किया. सवाल यह है कि कांग्रेस भारत की हार का जश्न क्यों मना रही थी. वे भारत की सेना, संस्था और यहां तक कि खेलों को सिर्फ इसलिए कमतर आंकते रहते हैं क्योंकि वे पीएम मोदी से नफरत करते हैं. कांग्रेस भारत विरोधी है.' BJP की केरल इकाई ने भी शशि थरूर पर निशाना साधा. केरल भाजपा ने लिखा कि कांग्रेस के पोस्टर बॉय शशि थरूर ने फिर से वही किया है. सिर्फ एक हार और उन्होंने राष्ट्र को बदनाम करने का मौका नहीं गंवाया.
सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहते हैं थरूर
68 साल के शशि थरूर उन कांग्रेसी नेताओं में शामिल हैं, जो सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहते हैं. हालांकि, कई मौकों पर उनके बयानों ने कांग्रेस पार्टी के लिए मुश्किलें खड़ी की हैं. 2006 में थरूर ने संयुक्त राष्ट्र (UN) के महासचिव का चुनाव लड़ा था, लेकिन जीत नहीं सके. इसके बाद उन्होंने भारतीय राजनीति में कदम रखते हुए कांग्रेस की सदस्यता ली.
शशि थरूर ने साल 2009 में तिरुवनंतपुरम से अपना पहला लोकसभा चुनाव लड़ा और जीत हासिल की. इसके बाद 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों में भी थरूर इस सीट से विजयी रहे. 2009 में मनमोहन सिंह के दूसरे कार्यकाल में शशि थरूर को केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री बनाया गया. इसके बाद वह 2012-14 तक मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री भी रहे.