Virat Kohli Full Speech DPS RK Puram: भारतीय स्टार बल्लेबाज विराट कोहली ने नई दिल्ली के डीपीएस आरके पुरम में अपने बचपन के कोच राजकुमार शर्मा की वेस्ट दिल्ली क्रिकेट अकादमी की नई ब्रांच का उद्घाटन किया. इस मौके पर कोहली ने छात्रों को स्कूल और शिक्षकों का सम्मान करने, लक्ष्य पर फोकस रखने और अपने करियर को लेकर ईमानदार रहने की सलाह दी.
इस खास मौके पर कोहली ने छात्रों से बातचीत की और उन्हें जीवन में सफलता हासिल करने के लिए जरूरी मूल मंत्र दिए. उन्होंने कहा कि स्कूल सिर्फ पढ़ाई का स्थान नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण की सबसे मजबूत नींव है. कोहली ने बच्चों से अपील की कि वे अपने शिक्षकों का सम्मान करें और स्कूल के माहौल को समझें, क्योंकि यही वातावरण उन्हें बेहतर इंसान और सफल प्रोफेशनल बनने में मदद करता है.
कोहली ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि उन्होंने बहुत कम उम्र में ही यह तय कर लिया था कि उन्हें क्रिकेट में करियर बनाना है. उन्होंने यह भी बताया कि यह फैसला उन्होंने पूरी ईमानदारी से लिया और अपने परिवार व शिक्षकों के साथ साफ तौर पर साझा किया.
उन्होंने कहा- आप जो भी रास्ता चुनते हैं, उसमें सबसे जरूरी है खुद के प्रति ईमानदारी, यही चीज आपके भविष्य को तय करती है. कोहली ने यह भी बताया कि उनका इस अकादमी से गहरा रिश्ता है, क्योंकि उन्होंने आठ साल की उम्र से यहीं ट्रेनिंग शुरू की थी. उन्होंने कहा कि आज भी जब उन्हें समय मिलता है, वे यहां आकर कुछ नया सीखने की कोशिश करते हैं.
अंत में उन्होंने उम्मीद जताई कि यह नई शाखा स्कूल और यहां के क्रिकेट सेटअप को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगी और आने वाले समय में कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी यहां से निकलेंगे.
आइए अब जान लेते हैं, कोहली ने आखिर डीपीएस आरकेपुर में बच्चो से बाचतीत में क्या कहा? उनके स्पीच का अनुवाद...
The Virat Kohli speech (DPS RK Puram sidelines of inaugurating a new branch of West Delhi Cricket Academy). ♥️ pic.twitter.com/bxMx0fwJBL
— Kohlistic🔥 (@Kohlistic18) April 28, 2026
सबसे पहले, मैं प्रिंसिपल और यहां मौजूद सभी गणमान्य लोगों का धन्यवाद करना चाहता हूं कि आपने मुझे यहां बुलाया. मैं स्कूलों में बोलने का आदी नहीं हूं, इसलिए मेरे लिए यह थोड़ा अजीब हो सकता है, क्योंकि मैं काफी समय पहले क्रिकेट के लिए स्कूल के माहौल से दूर हो गया था. और मैं इसी बारे में बात करना चाहता हूं. मैं स्कूल के माहौल को समझता हूं. मैं भी उसी प्रोसेस और उस दौर से गुजरा हूं, जिसका आप सभी बच्चे अभी हिस्सा हैं.
मैं अपने अनुभव से बस यह साझा कर सकता हूं कि मेरे जीवन में बहुत जल्दी मेरा फोकस और प्राथमिकताएं कैसे बदल गईं. मैं यह कहना चाहता हूं कि स्कूल एक ऐसी जगह है जहां आप सीखने आते हैं, आगे बढ़ते हैं, बेहतर इंसान बनते हैं. यहां अच्छे शिक्षक होते हैं, एक मजबूत नेतृत्व होता है. जो आप सभी को मार्गदर्शन देता है और ऐसा माहौल तैयार करता है, जो आपको सबसे अच्छा इंसान और सबसे सक्षम छात्र बनने का मौका देता है, चाहे वह पढ़ाई हो, खेल हो या कोई भी क्षेत्र जिसे आप चुनते हैं. यह आपके लिए सबसे बेहतरीन जगह है. इसलिए सबसे पहले इस माहौल का सम्मान करें, अपने शिक्षकों का सम्मान करें, जो आपको सिखा रहे हैं, वे अपनी जिंदगी का एक हिस्सा आपको दे रहे हैं.
उन्हें सम्मान देना, उन पर ध्यान देना बहुत जरूरी है. दूसरी बात मैं यह कहना चाहूंगा कि मैंने बहुत कम उम्र में ही खेल को चुना, लेकिन वह फैसला पूरी ईमानदारी से लिया गया था. मुझे पूरा यकीन था कि मुझे क्रिकेट में आगे बढ़ना है और मुझे अपने आप से, अपने परिवार से और अपने शिक्षकों से ईमानदार रहना था, ताकि मैं उन्हें बता सकूं कि यही वह रास्ता है जिसे मैं चुनना चाहता हूं. इसलिए आप जो भी चाहते हैं, उसके प्रति पूरी तरह आश्वस्त रहें और ईमानदार रहें, यही एक चीज है जो आपके भविष्य में फर्क पैदा करेगी.
मैं आप सभी को शुभकामनाएं देता हूं. मैं बहुत गर्व और खुशी महसूस कर रहा हूं कि आज हमारी अकादमी का उद्घाटन हुआ है. यह मेरे जीवन का एक बहुत बड़ा हिस्सा है. मैंने आठ साल की उम्र में सर के साथ यहां अभ्यास शुरू किया था और आज भी जब मुझे समय मिलता है, मैं यहां आता हूं, इसे महत्व देता हूं और कुछ नया सीखने की कोशिश करता हूं. मुझे उम्मीद है कि यह अकादमी स्कूल और यहां के क्रिकेट सेटअप के लिए बहुत अच्छा काम करेगी. मैं आप सभी को ढेर सारी शुभकामनाएं देता हूं. मुझे यहां बुलाने के लिए धन्यवाद. मेरे पास कहने के लिए ज्यादा कुछ नहीं है. आप सभी को शुभकामनाएं और भगवान आपका भला करे.