पूर्व भारतीय क्रिकेटर और कमेंटेटर संजय मांजरेकर ने विराट कोहली के वनडे क्रिकेट खेलने को लेकर की जो कमेंट किया, उस पर अब उनके भाई विकास कोहली ने खुलकर नाराजगी जाहिर की है.
मांजरेकर ने हाल ही में कहा था कि विराट कोहली ने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेकर केवल वनडे जैसे 'सबसे आसान फॉर्मेट' को चुना, जो उन्हें निराश करता है.
न्यूज़ीलैंड के खिलाफ हालिया वनडे मैच में विराट कोहली ने 108 गेंदों पर शानदार 124 रन बनाए, हालांकि भारत 337 रन का लक्ष्य हासिल नहीं कर सका. इस पारी के बाद विकास कोहली ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Threads पर मांजरेकर पर निशाना साधते हुए लिखा- मुझे हैरानी है कि Mr Expert of Cricket के पास आसान फॉर्मेट को लेकर क्या सुझाव हैं. ऐसा करने के लिए मैदान पर होना पड़ता है. आसान कहना अलग बात है, करना अलग.
यह पहली बार नहीं है जब विकास कोहली ने मांजरेकर की आलोचना की हो. कुछ दिन पहले भी उन्होंने पोस्ट किया था-इतना आसान फॉर्मेट है ना… किसी ने ज्ञान दिया था कुछ दिन पहले… आसान कहना और करना अलग बात है.
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दरअसल, मांजरेकर ने विराट कोहली के टेस्ट क्रिकेट से रिटायरमेंट पर कहा था कि पिछले पांच सालों में उनका टेस्ट एवरेज 31 रहा और उन्होंने अपनी तकनीकी समस्याओं पर काम नहीं किया. उन्होंने यह भी कहा कि अगर विराट पूरी तरह क्रिकेट से संन्यास ले लेते तो ठीक था, लेकिन केवल वनडे खेलना उन्हें ज्यादा निराश करता है क्योंकि यह टॉप ऑर्डर बल्लेबाजो के लिए सबसे आसान फॉर्मेट है.
न्यूज़ीलैंड के खिलाफ मुकाबले में भारत के टॉप ऑर्डर बैटर रोहित शर्मा, शुभमन गिल और श्रेयस अय्यर बड़ी पारी नहीं खेल पाए. ऐसे में विराट की सेंचुरी के बावजूद टीम हार गई. यह उनके पिछले 9 लिस्ट-A मैचों में चौथा शतक था.
विकास कोहली के इस जवाब से साफ है कि कोहली परिवार मांजरेकर की टिप्पणियों से खुश नहीं है और विराट के प्रदर्शन के जरिए ही आलोचकों को जवाब देने में भरोसा रखता है.
मांजरेकर ने कोहली के ODI करियर के बारे में क्या कहा?
मांजरेकर ने कहा था- ठीक है, जैसे-जैसे जो रूट टेस्ट क्रिकेट में नई ऊंचाइयों को छू रहे हैं, मेरा ध्यान विराट कोहली पर जाता है, वह टेस्ट से दूर चले गए हैं, और यह दुख की बात है कि रिटायर होने से पहले जिन पांच सालों में उन्होंने संघर्ष किया, उन्होंने उन समस्याओं का पता लगाने में अपना दिल और आत्मा नहीं लगाई कि टेस्ट में पांच साल तक उनका औसत 31 क्यों रहा, वह क्या कर सकते थे, यह किसी और समय के लिए है. यह ठीक था, विराट कोहली ने क्रिकेट छोड़ दिया, सभी क्रिकेट से रिटायर हो गए, लेकिन उन्होंने वनडे क्रिकेट खेलना चुना, इससे मुझे और निराशा हुई, क्योंकि यह एक ऐसा फॉर्मेट है, जो एक टॉप-ऑर्डर बैट्समैन के लिए, जैसा कि मैंने पहले भी कहा है, सबसे आसान फॉर्मेट है.