रविचंद्रन अश्विन को आईपीएल मैच में जोस बटलर को ‘Mankading’ आउट करने का कोई मलाल नहीं है और उन्होंने कहा कि यह फैसला उन्होंने अनायास लिया और अगर यह खेल भावना के विपरीत है, तो क्रिकेट के नियमों पर पुनर्विचार होना चाहिए.
किंग्स इलेवन पंजाब के कप्तान अश्विन ने सोमवार की रात के मैच में राजस्थान रॉयल्स के बटलर को Mankading करके बड़े विवाद को जन्म दे दिया. इंडियन प्रीमियर लीग के 12 साल के इतिहास में इस तरह आउट होने वाले बटलर पहले खिलाड़ी बने.
Aise to log gully cricket me bhi nai krte jaisa Ashwin ne Butler ko out krne k liye kiya 😪
But no surprise, he was always like this.
— ⚽️ Thor Happu ⚽️🔨🔨 (@HappuDroga2)
टीवी रिप्ले में दिख रहा था कि अश्विन ने गिल्लियां बिखेरने से पहले बटलर के क्रीज से बाहर निकलने का इंतजार किया. अश्विन ने मैच जीतने के बाद कहा ,‘ यह अनायास लिया गया फैसला था. यह सोच समझकर नहीं किया गया. यह नियम के दायरे में था. मुझे समझ में नहीं आता कि खेल भावना का मसला बीच में कहां से आया.’
उन्होंने कहा ,‘यह नियमों में है. शायद हमें नियमों पर पुनर्विचार करना होगा.’ उन्हें याद दिलाया गया कि वेस्टइंडीज के पूर्व कप्तान कर्टनी वॉल्श ने लाहौर में 1987 विश्व कप के अहम मैच में इस तरह के हालात में पाकिस्तान के सलीम जाफर को बख्श दिया था. इस पर अश्विन ने तीखी प्रतिक्रिया दी.
"My actions were within cricket's rules, can't be called unsporting."
- responds to accusations of him unfairly running out .
— IndianPremierLeague (@IPL)
उन्होंने कहा ,‘उस समय ना तो मैं खेल रहा था और ना ही बटलर. ऐसे में यह तुलना बेमानी है .’ इस पर भी बहस हो रही है कि क्या अश्विन ने जान बूझकर गेंद लोड करने में विलंब किया.
अश्विन ने कहा ,‘मैने गेंद लोड भी नहीं की थी और वह क्रीज से बाहर आ गया. यह क्रीज का मेरा हाफ है और मेरा हमेशा से यही मानना रहा है .’ उन्होंने यह भी कहा कि बल्लेबाज को इस तरह के मैच की तस्वीर बदलने वाले पलों में क्रीज जल्दी छोड़ने से बचना चाहिए.