इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में मैचों और टीमों की संख्या बढ़ाने की चर्चा लंबे समय से चल रही है, लेकिन फिलहाल इसमें कोई बड़ा बदलाव देखने को नहीं मिलेगा. आईपीएल चेयरमैन अरुण धूमल ने साफ कर दिया है कि 74 से 94 मैचों तक विस्तार और 10 से 12 टीमों तक बढ़ाने की योजना अभी अटकी हुई है.
IPL का आगाज 2008 में आठ टीमों के साथ हुआ था. बाद में दो नई टीमों की एंट्री हुई, लेकिन कुछ समय बाद वे बाहर भी हो गईं. 2022 में एक बार फिर दो नई टीमों को जोड़कर लीग को 10 टीमों तक विस्तार दिया गया. इसके बावजूद मैचों की कुल संख्या 74 ही बनी हुई है.
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दरअसल, जब पिछली बार भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (Board of Control for Cricket in India) ने मीडिया राइट्स बेचे थे, तब प्लान था कि शुरुआती दो साल 74 मैच खेले जाएंगे और उसके बाद इसे बढ़ाकर 94 मैच कर दिया जाएगा. हालांकि, यह योजना अब तक लागू नहीं हो सकी है. मौजूदा स्थिति को देखते हुए यह लगभग तय माना जा रहा है कि 2027 सीजन में भी IPL 74 मैचों के साथ ही खेला जाएगा.
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अरुण धूमल ने 'फाइनेंशियल टाइम्स' को दिए इंटरव्यू में बताया कि IPL में 94 मैच कराने के लिए बड़ी विंडो की जरूरत है. लेकिन मौजूदा फ्यूचर टूर प्रोग्राम (FTP) पहले से ही द्विपक्षीय सीरीज के शेड्यूल से भरा हुआ है, जिससे IPL के लिए अतिरिक्त समय निकालना मुश्किल हो जाता है.
उन्होंने कहा कि IPL के लिए मौजूदा विंडो मार्च के मध्य से मई के अंत तक सीमित है. जून के बाद भारत के दक्षिणी हिस्सों में मानसून शुरू हो जाता है, जिससे मैच कराना व्यावहारिक नहीं रहता. ऐसे में अगर इसी विंडो में 74 से 94 मैच कराने की कोशिश की जाए, तो रोजाना ज्यादा डबल हेडर (एक दिन में दो मैच) कराने पड़ेंगे, जो ब्रॉडकास्टर्स के लिहाज से सही नहीं है.
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धूमल ने यह भी साफ किया कि ब्रॉडकास्टर्स के हितों को ध्यान में रखना जरूरी है, क्योंकि IPL का बड़ा हिस्सा टीवी और डिजिटल व्यूअरशिप पर निर्भर करता है. इसलिए फिलहाल 74 मैचों के फॉर्मेट को ही बनाए रखा गया है.
टीमों की संख्या बढ़ाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह फैसला भी विंडो पर ही निर्भर करता है. अगर टीमों की संख्या 12 की जाती है, तो होम और अवे फॉर्मेट के तहत शेड्यूल बनाना और भी जटिल हो जाएगा. ऐसे में पहले मौजूदा 10 टीमों के साथ मैचों की संख्या बढ़ाने पर फोकस किया जाएगा.
उन्होंने यह भी माना कि IPL में नई टीमों को लेकर काफी रुचि है, लेकिन कोई भी बड़ा फैसला तभी लिया जाएगा जब ICC के साथ अगले FTP चक्र में बड़ी विंडो सुनिश्चित हो पाएगी.