गुजरात टाइटन्स और कोलकाता नाइट राइडर्स के बीच शुक्रवार (17 अप्रैल) को इंडियन प्रीमियर लीग (IPL 2026) का मैच नंबर-25 खेला गया. अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में हुए इस मुकाबले को गुजरात की टीम ने 2 गेंद शेष रहते हुए 5 विकेट से अपने नाम किया. इस जीत के साथ गुजरात ने सीजन की लगातार तीसरी जीत दर्ज की, खास बात यह है कि टीम ने शुरुआत में दो मैच गंवाए थे. वहीं कोलकाता की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं, क्योंकि टीम अब भी इस सीजन में अपनी पहली जीत का इंतजार कर रही है.
इस मुकाबले में गिल ने 50 गेंदों में 86 रनों की बेहतरीन पारी खेली, जिसके लिए वो 'प्लेयर ऑफ द मैच' रहे. इससे पहले कोलकाता ने पहले बल्लेबाजी की, लेकिन उनकी शुरुआत अच्छी नहीं रही. वो तो भला हो, कैमरन ग्रीन का जिन्होंने पूरी जिम्मेदारी संभालते हुए 55 गेंदों में 79 रन की जुझारू पारी खेली. उनकी इस पारी की बदौलत कोलकाता की टीम 20 ओवर में 180 रन तक पहुंच सकी, हालांकि पूरी टीम ऑलआउट हो गई.
पिच के बाहर गिरी गेंद: वाइड या नो बॉल?
आईपीएल के इस मुकाबले में 11वें ओवर के दौरान एक दिलचस्प पल देखने को मिला, जब गुजरात के गेंदबाज अशोक शर्मा की एक गलती ने बल्लेबाज को बड़ा मौका दे दिया, लेकिन वह इसे भुना नहीं सका. अशोक ने कैमरन ग्रीन को चकमा देने के लिए धीमी गेंद डालने की कोशिश की, लेकिन गेंद काफी ज्यादा वाइड हो गई और पिच के बाहर जा गिरी. नियम के मुताबिक इसे नो बॉल करार दिया गया और बल्लेबाजी टीम को फ्री हिट मिल गई.
वहीं फ्री हिट पर आमतौर पर बल्लेबाज बड़े शॉट की कोशिश करता है, लेकिन यहां कहानी अलग रही. अशोक शर्मा ने अगली गेंद 143.7kph की रफ्तार से शॉर्ट और आउटसाइड ऑफ स्टम्प की दिशा में डाली. ग्रीन ने पुल शॉट खेलने की कोशिश की, लेकिन गेंद को पूरी तरह मिस कर बैठे. नतीजा फ्री हिट पर कोई रन नहीं बना.
लेकिन सवाल यही रहा कि यह गेंद नो बॉल क्यों दी गई, वाइड क्यों नहीं?
पिच से बाहर गिरी गेंद को अंपायर ने क्यों कहा नो बॉल?
आईपीएल की प्लेइंग कंडीशन्स के रूल 21.7 मुताबिक- गेंद का एक से ज्यादा बार उछलना, जमीन पर रोल होना या पिच से बाहर गिरना होता है तो
अंपायर उसे नो बॉल घोषित करेगा. 
थर्ड अंपायर अंपायर की मदद ली जा सकती है, अगर जरूरत पड़े तो वह टीवी रीप्ले देखकर भी यह फैसला दे सकता है कि नो बॉल है या नहीं.
आईपीएल की प्लेइंग कंडीशंस के रूल 6.1 में पिच के बारे में जानकारी दी गई है, यानी क्रिकेट की पिच एक आयताकार क्षेत्र है
लंबाई: 22 गज (20.12 मीटर)
चौड़ाई: 10 फीट (3.05 मीटर)पिच की सीमाएं:दोनों तरफ बॉलिंग क्रीज से बंद होती है.
दोनों तरफ काल्पनिक लाइनें होती हैं, ये लाइनें मध्य के दो स्टंप्स के बीच की काल्पनिक लाइन से 5 फीट (1.52 मीटर) दूर होती हैं.
कुल मिलाकर जैसा अशोक शर्मा ने किया, ऐसे में गेंद को बॉलर को सीधी और क्लियर तरीके से फेंकनी चाहिए, गेंद एक बार ही उछलनी चाहिए, जमीन पर रोल नहीं होनी चाहिए. गेंद पिच के अंदर ही गिरनी चाहिए, बाहर नहीं. अगर ये नियम टूटे तो नो बॉल हो जाएगी.