बचपन में आपने जब साइकिल चलाना सीखा होगा, तो बार-बार गिरे जरूर होंगे. तब यही कहा जाता था कि ऐसे ही सीखेंगे, गिरते-गिरते ही सीखा जाता है. तब ये फॉर्मूला सही साबित हो जाता था, लेकिन टीम इंडिया की साइकिल देखकर ऐसा लगता है कि सारे फॉर्मूला धरे के धरे रह गए हैं. टीम इंडिया बार-बार गलतियां करती हैं, गलतियों से सीखने की बात कर रही है लेकिन बस सीख नहीं पा रही है और यही अब एक रूटीन-सा बन गया है.
आखिर कबतक सीखते रहेंगे?
टी-20 वर्ल्डकप 2021 में टीम इंडिया की करारी हार हुई तो एक्सपर्ट्स ने कप्तान और कोच की रणनीति को जिम्मेदार बताया. वर्ल्डकप के बाद कप्तान और कोच दोनों बदल दिए गए, शुरुआत में द्विपक्षीय सीरीज़ में जीत मिली तो फैन्स काफी गदगद नज़र आए. लेकिन इस बीच प्रयोगों की नई खेप शुरू कर दी गई, कई नई चीजें देखने को मिली जिसके बाद कहा गया कि इनसे सीखने का मौका मिलेगा.
एक साल में करीब आधा दर्जन से अधिक ओपनिंग जोड़ी आईं, आधा दर्जन से अधिक कप्तान आए. लेकिन जब बड़े टूर्नामेंट की बारी आई, तब वही पुरानी कहानी ही देखने को मिली जो पिछले कप्तान और कोच के वक्त हुई. एशिया कप में टीम इंडिया सुपर-4 से आगे जगह ही नहीं बना पाई और पाकिस्तान-श्रीलंका के सामने बेबस हो गई.
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ऐसे जीतेंगे वर्ल्डकप?
राहुल द्रविड़ और रोहित शर्मा की अगुवाई में सबसे बड़ा टारगेट आईसीसी ट्रॉफी ही था. अब टी-20 वर्ल्डकप 2022 सिर पर खड़ा है, लेकिन पिछले एक साल में जो प्रयोग किए गए वह सभी बेकार नज़र आते हैं. क्योंकि अभी भी टीम इंडिया किस कॉम्बिनेशन के साथ उतरेगी, यह साफ ही नहीं हो पाया है.
क्या ओपनिंग के लिए राहुल और रोहित की जोड़ी ही सही है, या विराट कोहली से ओपनिंग करवाई जाएगी. ऋषभ पंत को प्लेइंग-11 में जगह मिलेगी या नहीं, बाएं हाथ का बल्लेबाज कौन होगा. दिनेश कार्तिक क्या लगातार सभी मैच खेल पाएंगे. जसप्रीत बुमराह क्या वर्ल्डकप तक फिट होंगे, तीसरा पेसर कौन बनेगा?
टी-20 वर्ल्डकप के लिए जब 30 दिन से भी कम का वक्त बचा है, तब इतने सारे सवाल हैं जिनसे कन्फ्यूजन पैदा हो रहा है. कप्तान रोहित शर्मा जिन्हें बड़े टूर्नामेंट जीतने वाला कप्तान कहा जाता है, उनकी भी कई रणनीतियां फेल साबित हो रही हैं और वह खुद ही एक ही गलती को दोहराते नज़र आ रहे हैं. टारगेट को बचाने वाले पिछले तीन मैच में उन्होंने हर बार 19वां ओवर भुवनेश्वर कुमार को दिया और हर बार वही टीम इंडिया की हार की वजह साबित हुआ, लेकिन रोहित शर्मा अपनी गलती से नहीं सीख पाए.
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क्या होगा कोई बैकअप प्लान?
टीम इंडिया ने पिछले एक साल में करीब दो दर्जन से अधिक खिलाड़ियों को आजमाया है. लेकिन टी-20 वर्ल्डकप के लिए 15 खिलाड़ियों का ऐलान हुआ तो अब कोई बैक-अप प्लान नज़र नहीं आता है. यानी ऑस्ट्रेलिया में अगर कहीं गेम फंसता है तो संकटमोचक कौन बनेगा? ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले टी-20 में रोहित-कोहली फेल हुए तो बल्लेबाजों ने मोर्चा संभाल लिया, लगा कि यहां पर टीम इंडिया ने पकड़ मजबूत कर ली है.
लेकिन बॉलर्स ने लंका लगवा दी और 208 रन भी लुटवा दिए. ऐसा तब हुआ जब टी-20 वर्ल्डकप की बॉलिंग यूनिट से सिर्फ यहां पर जसप्रीत बुमराह नहीं थे, क्या वर्ल्डकप में टीम इंडिया सिर्फ जसप्रीत बुमराह के भरोसे होगी. क्या भुवनेश्वर कुमार अभी भी प्लेइंग-11 का हिस्सा होंगे, अगर हां तो उनसे किस तरह ओवर करवाएं जाएंगे. यह भी अब एक बड़ा प्रश्न हो गया है.
टी-20 वर्ल्डकप के लिए भारतीय टीम इस प्रकार है: रोहित शर्मा (कप्तान), केएल राहुल (उप-कप्तान), विराट कोहली, सूर्यकुमार यादव, दीपक हुड्डा, ऋषभ पंत (विकेटकीपर), दिनेश कार्तिक (विकेटकीपर), हार्दिक पंड्या, आर. अश्विन, युजवेंद्र चहल, अक्षर पटेल, जसप्रीत बुमराह, भुवनेश्वर कुमार, हर्षल पटेल, अर्शदीप सिंह.
स्टैंडबाय खिलाड़ी - मोहम्मद शमी, श्रेयस अय्यर, रवि बिश्नोई, दीपक चाहर.