अहमदाबाद में हुई इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (IPL) की बोर्ड मीटिंग सिर्फ एक सामान्य बैठक नहीं थी, बल्कि क्रिकेट के भविष्य को बदलने वाले बड़े फैसलों का मंच बन गई. टेस्ट मैचों, महिला क्रिकेट और एसोसिएट देशों को लेकर कुछ बड़े निर्णय लिए गए. सबसे ज्यादा चर्चा टेस्ट क्रिकेट में पिंक बॉल के नए इस्तेमाल और महिला क्रिकेट के ग्लोबल विस्तार को लेकर हो रही है.
आईसीसी ने खराब रोशनी की वजह से बार-बार रुकने वाले टेस्ट मैचों की समस्या को दूर करने के लिए बड़ा फैसला लिया है. अब दोनों टीमों की सहमति होने पर टेस्ट क्रिकेट में पिंक बॉल इस्तेमाल करने का ट्रायल किया जाएगा. आईसीसी का मानना है कि गुलाबी गेंद खराब रोशनी में ज्यादा साफ नजर आती है, जिससे खेल रुकने की संभावना कम होगी.
♦ आईसीसी ने मेरिलबोन क्रिकेट क्लब (MCC) के साथ मिलकर नई लाइटिंग टेक्नोलॉजी पर रिसर्च करने का भी फैसला लिया है. इसका मकसद अंपायर्स और मैच अधिकारियों को बेहतर विजिबिलिटी देना और खराब रोशनी के कारण होने वाले समय के नुकसान को कम करना है.
♦ T20 क्रिकेट से जुड़े नियमों में भी बड़ा बदलाव किया गया.अब मैच के दौरान ब्रेक में हेड कोच और सपोर्ट स्टाफ के अन्य सदस्य खिलाड़ियों से सीधे बातचीत कर सकेंगे. इससे पहले मैदान पर इस तरह की बातचीत सीमित थी. इसके अलावा आईसीसी ने मैच अधिकारियों को अवैध गेंदबाजी एक्शन की जांच के दौरान हॉक आई डेटा इस्तेमाल करने की अनुमति भी दे दी है. यानी अब संदिग्ध बॉलिंग एक्शन पर फैसले और ज्यादा टेक्नोलॉजी आधारित होंगे.
♦ महिला क्रिकेट को लेकर आईसीसी ने कई ऐतिहासिक कदम उठाए. आईसीसी विमेंस चैम्पियंस ट्रॉफी 2027 की विंडो बदलते हुए टूर्नामेंट को जून-जुलाई से हटाकर 14 से 28 फरवरी 2027 के बीच कराने का फैसला लिया गया है. इसके साथ ही आईसीसी ने विमेंस इमर्जिंग नेशन्स ट्रॉफी 2026 लॉन्च करने की घोषणा की, यह 10 टीमों का टूर्नामेंट होगा, जिसमें 5 फुल मेंबर और 5 एसोसिएट देश हिस्सा लेंगे. आईसीसी का मानना है कि इससे महिला क्रिकेट का दायरा और मजबूत होगा.
♦ आईसीसी विमेंस टी20 वर्ल्ड कप 2028 के क्वालिफिकेशन सिस्टम को भी मंजूरी मिल गई. 12 टीमों वाले इस टूर्नामेंट में 10 टीमों को सीधे एंट्री मिलेगी, जबकि बाकी दो टीमें ग्लोबल क्वालिफायर के जरिए आएंगी.
♦ एसोसिएट देशों के लिए भी आईसीसी ने नई राह खोल दी है. मेन्स T20 वर्ल्ड कप के लिए अब अलग 16 टीमों वाला ग्लोबल क्वालिफायर आयोजित किया जाएगा. आईसीसी का मानना है कि इससे छोटे क्रिकेटिंग देशों को बड़ा मंच मिलेगा. बैठक का सबसे सख्त फैसला क्रिकेट कनाडा के खिलाफ आया. गंभीर प्रशासनिक गड़बड़ियों और सदस्यता नियमों के उल्लंघन के चलते आईसीसी ने क्रिकेट कनाडा की सदस्यता तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया.
हालांकि आईसीसी ने साफ किया कि कनाडाई खिलाड़ियों को नुकसान नहीं होने दिया जाएगा. कनाडा की राष्ट्रीय टीमें आईसीसी इवेंट्स में हिस्सा लेती रहेंगी और फंडिंग भी नियंत्रित व्यवस्था के तहत जारी रहेगी. साथ ही आईसीसी ने क्रिकेट कनाडा को दोबारा बहाली के लिए कुछ शर्तें भी दी हैं, जिनकी निगरानी आईसीसी की नॉर्मलाइजेशन कमेटी करेगी.
कुल मिलाकर अहमदाबाद में हुई यह मीटिंग क्रिकेट की दिशा बदलने वाले फैसलों से भरी रही. टेस्ट क्रिकेट में नई तकनीक, महिला क्रिकेट का विस्तार, आईपीएल में नए नियम और एसोसिएट देशों को ज्यादा मौके- आईसीसी ने साफ संकेत दे दिए हैं कि आने वाले सालों में क्रिकेट पहले से ज्यादा आधुनिक, तेज और ग्लोबल होने वाला है.