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BCCI की COA से रिक्वेस्ट, जांच के दौरान पंड्या-राहुल को खेलने दें

BCCI president urges CoA Let Hardik Pandya and K L Rahul play: पंड्या और राहुल एक टीवी कार्यक्रम के दौरान अपनी आपत्तिजनक टिप्पणियों के लिए अभी निलंबन झेल रहे हैं और यह मामला उच्चतम न्यायलय में लंबित है.

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Hardik Pandya and KL Rahul (फोटो-Twitter)
Hardik Pandya and KL Rahul (फोटो-Twitter)

BCCI president urges CoA Let Hardik Pandya and K L Rahul play: बीसीसीआई के कार्यवाहक अध्यक्ष सीके खन्ना ने शनिवार को प्रशासकों की समिति (COA) से हार्दिक पंड्या और केएल राहुल पर उनकी आपत्तिजनक टिप्पणियों के लिए लगाए गए निलंबन को हटाने का आग्रह किया और इस मामले में विशेष आम बैठक (SGM) बुलाने से इन्कार कर दिया. खन्ना ने कहा कि बोर्ड अधिकारियों की इन दोनों खिलाड़ियों के व्यवहार की जांच के लिए लोकपाल नियुक्त करने के लिए एसजीएम बुलाने की मांग सही नहीं है, क्योंकि उच्चतम न्यायालय में अगले सप्ताह इस मामले पर सुनवाई होनी है.

पंड्या और राहुल एक टीवी कार्यक्रम के दौरान अपनी आपत्तिजनक टिप्पणियों के लिए अभी निलंबन झेल रहे हैं और यह मामला उच्चतम न्यायलय में लंबित है. खन्ना ने बीसीसीआई को संचालन कर रहे सीओए को पत्र में लिखा, ‘उन्होंने गलती की और उन्हें पहले ही निलंबित किया जा चुका है और ऑस्ट्रेलिया से वापस बुलाया गया. उन्होंने बिना शर्त माफी भी मांग ली है.’

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उन्होंने कहा, ‘मेरा सुझाव है कि जांच लंबित रहने तक हमें दोनों क्रिकेटरों को तुरंत प्रभाव से भारतीय टीम में शामिल करना चाहिए और उन्हें जल्द से जल्द न्यूजीलैंड में टीम से जुड़ने की अनुमति दी जानी चाहिए.’ सीओए चाहते हैं कि उच्चतम न्यायालय पंड्या और राहुल के भाग्य का फैसला करने के लिए लोकपाल की नियुक्ति करे. वे ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे सीरीज में नहीं खेल पाए थे और उनका न्यूजीलैंड सीरीज से भी बाहर रहना तय है.

इन दोनों को कई महिलाओं के साथ संबंध बनाने और कार्यक्रम में इसको लेकर मजाक उड़ाने की कड़ी आलोचना झेलनी पड़ी थी. लगभग 14 राज्य इकाईयों, जिनमें अधिकतर बीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष एन श्रीनिवासन के वफादार हैं, ने खन्ना से आपात एसजीएम बुलाने का आग्रह किया है जिसे दस दिन के समय में बुलाना होता है.

कोषाध्यक्ष अनिरूद्ध चौधरी ने भी खन्ना को पत्र लिखकर जल्द से जल्द एसजीएम बुलाने का आग्रह किया है ताकि बोर्ड के सदस्य लोकपाल की नियुक्ति पर फैसला कर सकें. खन्ना ने अपने पत्र में लिखा है कि क्योंकि मामला अभी न्यायालय के अधीन है, इसलिए वह इंतजार करना चाहेंगे. खन्ना ने चौधरी के जवाब में कहा, ‘बीसीसीआई के संविधान के अनुसार लोकपाल की नियुक्ति वार्षिक आम बैठक (एजीएम) में की जा सकती है और इसके अलावा मामला न्यायालय के अधीन है.’

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खन्ना ने इस पर बीसीसीआई के कार्यवाहक सचिव अमिताभ चौधरी की राय भी जाननी चाही और उन्होंने भी लोकपाल की नियुक्ति को लेकर नए  संविधान के अनुच्छेद 40 का हवाला दिया. बीसीसीआई के एक सीनियर अधिकारी ने गोपनीयता की शर्त पर कहा, ‘खन्ना या अमिताभ विशेष आम बैठक बुलाने के लिए नोटिस पर क्यों हस्ताक्षर करें जबकि मामला न्यायालय के अधीन है. इसमें अदालत की अवमानना का जोखिम बना रहेगा.’

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