नासा (NASA) के दो अंतरिक्ष यात्रियों ने शनिवार को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) के बाहर, सात घंटे स्पेसवॉक की. आईएसएस में बिजली बढ़ाने और उसे रीस्टोर करने के लिए ये स्पेसवॉक की गई.
एक्सपिडीशन 68 क्रू के दो सदस्य जोश कसाडा (Josh Cassada) और फ्रैंक रुबियो (Frank Rubio) ने एक नए रोल-आउट सोलर ऐरे (Roll-Out Solar Array) को स्पेस स्टेशन पर फिट किया. ये इन दोनों का एक साथ दूसरा स्पेसवॉक था. इस दौरान इन्होंने स्टेशन के आठ पावर चैनलों में से एक को बायपास किया. दोनों ने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के बाहर 7 घंटे, 5 मिनट की एक्टिविटी की और अपने सभी काम पूरे किए.

स्पेसवॉकर्स ने सुबह 7:16 पर पर काम शुरू किया. क्रू ने यू.एस. क्वेस्ट एयरलॉक (U.S. Quest airlock) से बाहर निकलने से पहले, अपने सूट को इंटर्नल बैटरी पावर पर सेट किया. वहां से, दोनों अपने वर्क स्टेशन पर काम शुरू करने के लिए आगे बढ़े. उन्होंने कैरियर से दो नए आईएसएस रोल-आउट सोलर ऐरे (iROSA) में से एक को फ्री किया. 27 नवंबर को ये कैरियर SpaceX के CRS-26 ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट द्वारा छोड़ा गया था.
नीचे दिए गए वीडियो में इन दोनों एस्ट्रोनॉट्स को स्पेस में काम करते देखा जा सकता है.
. spacewalker Josh Cassada has released the roll-out solar array from its attachment point and rides the robotic arm to its installation site.
— International Space Station (@Space_Station)
कसाडा ने स्टेशन के रोबोटिक आर्म के आखिर में, एक फुट रेस्ट्रेंट भी इंस्टाल किया. नासा की एस्ट्रोनॉट निकोल मान (Nicole Mann) और JAXA (जापान एयरोस्पेस एक्सप्लोरेशन एजेंसी) के एस्ट्रोनॉट कोइची वाकाटा (Koichi Wakata) ने स्पेस स्टेशन के अंदर से रोबोटिक आर्म को ऑपरेट किया.
NASA astronauts deploy roll-out solar array while spacewalking outside space station
— SPACE.com (@SPACEdotcom)
अपने पहले से इंस्टॉल किए गए ब्रैकेट माउंट के ऊपर नए ऐरे के साथ, कसाडा और रुबियो ने iROSA को खोल दिया और फिर इसे जगह पर रखकर बोल्ट से कस दिया. स्पेस स्टेशन पर पारंपरिक सोलर ऐरे से बिजली उत्पादित नहीं हो रही थी, इसलिए अंतरिक्ष यात्रियों ने बिजली आपूर्ति ठीक करने के लिए नए iROSA को जोड़ा.
रोल-आउट सोलर ऐरे को स्टेशन के पुराने, सोलर पैनल विंग्स के सामने इंस्टॉल किया गया है. इसे अपड्रेड करके, स्पेस स्टेश की बिजली आपूर्ति 20 से 30 प्रतिशत तक बढ़ जाएगी. रोलआउट ऐरे के एक जैसे सेट का इस्तेमाल, आने वाले सालों में लॉन्च होने वाले गेटवे लूनर ऑर्बिट प्लेटफॉर्म को बिजली देने के लिए किया जाएगा. ये इन दोनों अंतरिक्ष यात्रियों के करियर का दूसरा स्पेसवॉक था. ये दोनों अंतरिक्ष के निर्वात में 14 घंटे 16 मिनट काम कर चुके हैं.