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Cyclone Arnab Live: समंदर से ओडिशा तट की ओर बढ़ा चक्रवात अर्नब, कई इलाकों में तेज बारिश, छत्तीसगढ़-झारखंड तक अलर्ट

आजतक साइंस डेस्क | नई दिल्ली | 27 अक्टूबर 2026, 11:33 AM IST

Cyclone Arnab Live Updates: चक्रवात अर्नब बंगाल की खाड़ी में बहुत प्रचंड चक्रवाती तूफान बन चुका है. 28 अक्टूबर सुबह आंध्र प्रदेश के बापटला से विशाखापत्तनम तट पर 115-125 किमी प्रति घंटा हवा के साथ लैंडफॉल होगा. 89000 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है. कई ट्रेनें रद्द हैं. स्कूल बंद हैं. भारी बारिश और बाढ़ का खतरा है.

Cyclone Arnab Cyclone Arnab

बंगाल की खाड़ी में बना चक्रवात अर्नब अब बहुत प्रचंड चक्रवाती तूफान का रूप ले चुका है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार यह तूफान 28 अक्टूबर की सुबह आंध्र प्रदेश और यानम तट पर बापटला से विशाखापत्तनम के बीच, यानम के करीब, लैंडफॉल करने वाला है. लैंडफॉल के समय हवा की रफ्तार 115 से 125 किलोमीटर प्रति घंटा रहेगी और झोंके 140 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकते हैं. 

यह खबर सिर्फ मौसम की चेतावनी नहीं है बल्कि तटीय क्षेत्रों के लाखों लोगों की सुरक्षा, आजीविका और बुनियादी ढांचे के लिए गंभीर चुनौती है. तूफान के मजबूत होने की प्रक्रिया, संभावित प्रभाव और प्रशासनिक तैयारियों को समझना जरूरी है ताकि आम नागरिक सही फैसले ले सकें. 

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11:32 AM (16 मिनट पहले)

Cyclone Arnab Latest News: 24 घंटों में बस्तर, दंतेवाड़ा और सुकमा में तेज हवाओं साथ बारिश

Posted by :- Richeek Mishra

अगले 24 घंटों में बस्तर, दंतेवाड़ा और सुकमा के कुछ इलाकों में तेज हवाओं (60-80 किमी प्रति घंटा) के साथ भारी बारिश होने की संभावना है.  ऐसे चक्रवात सिर्फ तात्कालिक नुकसान नहीं पहुंचाते बल्कि लंबे समय तक अर्थव्यवस्था पर असर डालते हैं. तटीय क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था मछली पालन, कृषि और पर्यटन पर निर्भर है. फसलों का नुकसान किसानों को कर्ज में धकेल सकता है. बिजली कटौती से उद्योग और घरेलू जीवन प्रभावित होता है. सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त होने पर आपूर्ति श्रृंखला टूट जाती है. पिछले चक्रवातों के अनुभव से पता चलता है कि अच्छी तैयारी से जान का नुकसान काफी कम किया जा सकता है, लेकिन संपत्ति का नुकसान अभी भी बड़ा होता है. जलवायु परिवर्तन के कारण बंगाल की खाड़ी में चक्रवातों की तीव्रता बढ़ रही है. गर्म समुद्री जल तूफानों को ज्यादा ऊर्जा देता है, इसलिए भविष्य में ऐसे घटनाक्रम और गंभीर हो सकते हैं.

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10:32 AM (एक घंटा पहले)

अगले 3 घंटों में दक्षिण ओडिशा के जिलों में मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना

Posted by :- Richeek Mishra

अगले 3 घंटों में भद्रक, कटक, गजपति, गंजम, जगतसिंहपुर, जाजपुर, कंधमाल, केंद्रपाड़ा, खुर्दा, कोरापुट, मालकानगिरि, नयागढ़, पुरी और रायगड़ा के कई स्थानों पर मध्यम बारिश, गरज-चमक और बिजली के साथ 50-60 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से हवा चलने की बहुत संभावना है. 

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10:21 AM (एक घंटा पहले)

Cyclone Arnab: आंध्र प्रदेश पर सबसे ज्यादा असर कहां पड़ेगा

Posted by :- Richeek Mishra

आंध्र प्रदेश के तटीय जिले जैसे श्रीकाकुलम, विशाखापत्तनम, काकीनाड़ा, पूर्वी गोदावरी, पश्चिमी गोदावरी, कृष्णा, गुंटूर, बापटला, प्रकासम और नेल्लोर सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाले हैं. इन जिलों में लाल अलर्ट जारी किया गया है. भारी बारिश के साथ तेज हवाएं पेड़ों को उखाड़ सकती हैं, बिजली के खंभे गिरा सकती हैं और कमजोर मकानों को नुकसान पहुंचा सकती हैं. 

समुद्र का जल स्तर 1 से 1.5 मीटर तक बढ़ सकता है, जिससे तटीय गांवों में बाढ़ आ सकती है. कृषि क्षेत्र में धान की फसल और बागवानी फसलों को भारी नुकसान होने की आशंका है. मछुआरों के लिए समुद्र में जाना पूरी तरह प्रतिबंधित है. अधिकारियों ने 30 हजार से ज्यादा मछली पकड़ने वाली नौकाओं को सुरक्षित बंदरगाहों में पहुंचा दिया है. गर्भवती महिलाओं को अस्पतालों में शिफ्ट किया जा रहा है ताकि आपात स्थिति में तुरंत इलाज मिल सके.

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9:37 AM (2 घंटे पहले)

Cyclone Arnab Live: तूफान कैसे बना और क्यों इतना खतरनाक हो गया?

Posted by :- Richeek Mishra

अक्टूबर के अंत में बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र पहले गहन अवसाद बना, फिर चक्रवाती तूफान और अब बहुत प्रचंड चक्रवाती तूफान बन गया. समुद्र की सतह का तापमान अनुकूल होने और हवाओं के पैटर्न के कारण यह तेजी से ऊर्जा जमा कर रहा है. मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार तूफान पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है और तट के करीब आने पर और तीव्र हो सकता है. 

लैंडफॉल के बाद यह उत्तर की ओर मुड़कर छत्तीसगढ़ और उत्तरी क्षेत्रों की तरफ जा सकता है, जिससे बारिश का असर कई दिनों तक रह सकता है. अगर लैंडफॉल के बाद रुक जाए या धीरे चले तो बाढ़ का खतरा और बढ़ जाएगा. पिछले वर्षों के अनुभव बताते हैं कि ऐसे तूफान तटीय जिलों में न सिर्फ तेज हवाएं लाते हैं बल्कि भारी से अत्यधिक भारी बारिश भी करते हैं, जिससे नदियों का जल स्तर बढ़ जाता है और निचले इलाकों में पानी भर जाता है.

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