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Cyclone Arnab Live: कमजोर पड़ने लगा महातूफान अर्नब, आंध्र से ओडिशा की ओर बढ़ रहा

आजतक साइंस डेस्क | 28 अक्टूबर 2026, 10:55 AM IST

Cyclone Arnab Live Updates: प्रचंड चक्रवात अर्नब 28 अक्टूबर को आंध्र तट पर लैंडफॉल कर चुका है. 125-150 किमी/घंटा हवाएं चल रही हैं. कई जगहों पर बाढ़ और भारी बारिश हो रही है. 84 हजार लोग शिफ्ट किए गए हैं. रेस्क्यू शेल्टर तैयार है.

Cyclone Arnab Live Updates Cyclone Arnab Live Updates

बहुत गंभीर चक्रवाती तूफान अर्नब ने 28 अक्टूबर 2026 की तड़के आंध्र प्रदेश के तट पर लैंडफॉल शुरू कर दिया. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार लैंडफॉल करीब 1:20 बजे शुरू हुआ. यह बापटला से विशाखापट्टनम के बीच, यनम के दक्षिण में काकीनाडा के पास हुई. 

तूफान की निरंतर हवा की गति 125 से 135 किलोमीटर प्रति घंटा रही, जबकि झोंके 150 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच गए. लैंडफॉल के बाद भी सिस्टम ने अपनी तीव्रता बनाए रखी और तटीय इलाकों में भारी तबाही मचाई. आंध्र प्रदेश के कई जिलों में घरों की छतें उखड़ गईं, पेड़ गिरे और निचले इलाकों में समुद्री पानी घुस गया. ओडिशा के दक्षिणी जिलों में भी तेज हवाएं और भारी बारिश जारी रही.

10:55 AM (6 मिनट पहले)

Cyclone Arnab Tracking: साइक्लोन के झोंके हुए कमजोर, 140 से 135 KM हुई स्पीड

Posted by :- Richeek Mishra

चक्रवात अर्नब आज सुबह 2:00 बजे से 8:00 बजे के बीच आंध्र प्रदेश और यनम के तटों को पार कर गया. यह यनम के दक्षिण-पश्चिम में अक्षांश 16.45°N और देशांतर 81.9°E के पास से गुजरा. यह स्थान नरसपुर से लगभग 20 किलोमीटर पूर्व-उत्तर-पूर्व, यनम से 40 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम और काकीनाडा से 60 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में था. इसने बहुत गंभीर चक्रवाती तूफान के रूप में लैंडफॉल किया, जिसमें अधिकतम निरंतर हवा की गति 125-135 किलोमीटर प्रति घंटा थी और झोंके 150 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच रहे थे. लैंडफॉल की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है. चक्रवात का केंद्र क्षेत्र अब पूरी तरह जमीन पर आ गया है.

यह भी पढ़ें: लैंडफॉल के बाद अब किधर जाएगा साइक्लोन अर्नब? क्या है लखनऊ-गोरखपुर कनेक्शन

 

8:56 AM (2 घंटे पहले)

Cyclone Arnab Weather Update: आंध्र प्रदेश में कोई जान नहीं गई, मुख्यमंत्री नायडू समीक्षा बैठक की

Posted by :- Richeek Mishra

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने मंगलवार को चक्रवात अर्नब के प्रभाव की समीक्षा के लिए करीब 32,000 अधिकारियों के साथ टेलीकॉन्फ्रेंस की. इसमें जिला कलेक्टरों से लेकर मैदान स्तर के कर्मचारियों तक शामिल थे. अधिकारियों ने बताया कि अब तक कोई जान-माल का नुकसान नहीं हुआ है. मुख्यमंत्री ने रात भर काम करने वाले अधिकारियों की सराहना की. उन्होंने कहा कि प्रशासन की अग्रिम तैयारियों के कारण जानें बच सकीं. उन्होंने निर्देश दिया कि चक्रवात का असर कम होने और सामान्य स्थिति लौटने तक उसी जोश से काम जारी रखें. कई जिलों में बारिश कम हो गई है, लेकिन तेज हवाएं अभी भी चल रही हैं.

नायडू ने संपत्ति के नुकसान को न्यूनतम रखने, प्रभावित क्षेत्रों में जल्द सामान्य स्थिति बहाल करने और लोगों को सुरक्षा का भरोसा दिलाने को कहा.  उन्होंने ऊर्जा, सिंचाई, सड़क, कृषि समेत विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ भी समीक्षा की. फसल नुकसान का आकलन तैयार करने और केंद्र को राज्य के कदमों की जानकारी देने का निर्देश दिया. मुख्य निर्देशों में गिरे पेड़ों को दो घंटे में हटाना, बिजली जल्द बहाल करना, आश्रय स्थलों में भोजन-पानी-चिकित्सा सुनिश्चित करना, टैंक-नहरों की सुरक्षा और एनडीआरएफ-एसडीआरएफ टीमों को अलर्ट रखना शामिल है. (इनपुट-अनघा)
 

 

8:16 AM (2 घंटे पहले)

Cyclone Arnab Live Updates: ओडिशा में तेज तूफान और भारी बारिश

Posted by :- Richeek Mishra

ओडिशा के दक्षिणी जिलों में भी अर्नब का असर साफ दिख रहा है. गंजम, गजपति, रायगड़ा, कोरापुट और मलकानगिरी जैसे जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश हो रही है. तेज हवाओं ने पेड़ों को झुका दिया और कुछ जगहों पर दीवारें गिर गईं. एक रिपोर्ट में पुरी जिले में पेड़ गिरने से दीवार ढहने की घटना में एक महिला की मौत का जिक्र है, हालांकि आधिकारिक पुष्टि अभी और विवरण की प्रतीक्षा में है. राज्य सरकार ने करीब 48,000 लोगों को निकालने की योजना बनाई थी. स्कूल, कॉलेज और आंगनवाड़ी केंद्रों को 28 और 29 अक्टूबर को बंद रखा गया. चिल्का झील में नाव सेवाएं स्थगित कर दी गईं. ओडिशा में स्थायी और अस्थायी आश्रय स्थल तैयार किए गए. एनडीआरएफ और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल की टीमें तैनात हैं. तटीय इलाकों में मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई थी और ज्यादातर नौकाएं सुरक्षित लौट आईं.

 

7:58 AM (3 घंटे पहले)

Cyclone Arnab Updates:  समुद्री पानी घुसने से लोग हुए परेशान

Posted by :- Richeek Mishra

रिहायशी इलाकों में पानी घुसने से लोग परेशान हो गए. काकीनाडा के आसपास के गांवों में समुद्री लहरें घरों तक पहुंच गईं. कई परिवारों को रात के अंधेरे में आश्रय स्थलों की ओर जाना पड़ा. पेड़ों के गिरने से सड़कें अवरुद्ध हो गईं और कुछ इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई. प्रशासन ने बिजली बहाली के लिए टीमें तैनात कीं और राहत सामग्री वितरित की. एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें बचाव कार्यों में जुटी रहीं. गर्भवती महिलाओं को अस्पतालों में शिफ्ट किया गया. चिकित्सा दल तैयार रखे गए.

 

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7:44 AM (3 घंटे पहले)

Cyclone Arnab News: 2000 से ज्यादा शेल्टर बनाए गए हैं

Posted by :- Richeek Mishra

आंध्र प्रदेश के मंगलपालेम में 65 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई जब टूटी बिजली की लाइव तार पानी में गिरने के बाद उसके संपर्क में आई. यह तूफान से जुड़ी पहली पुष्टि मौत थी. मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के निर्देश पर प्रशासन ने पहले ही तैयारियां कर ली थीं. राज्य में करीब 84,396 से 89,000 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया. 290 से ज्यादा चक्रवात आश्रय स्थल बनाए गए थे, जबकि कुछ रिपोर्टों में 2,000 से अधिक अस्थायी आश्रयों का जिक्र है. 30,000 से ज्यादा मछली पकड़ने वाली नौकाओं को सुरक्षित बंदरगाहों पर लाया गया. कई ट्रेनें रद्द कर दी गईं. विशाखापट्टनम और विजयवाड़ा हवाई अड्डों पर 21 से ज्यादा उड़ानें रद्द हुईं.

7:25 AM (3 घंटे पहले)

Cyclone Arnab: आंध्र प्रदेश में तबाही का मंजर

Posted by :- Richeek Mishra

चक्रवात अर्नब के तीव्र होने पर विशाखपट्टनम आरके बीच पर तेज हवाएं और ऊंची लहरें देखी गईं. गंभीर चक्रवाती तूफान का केंद्र समुद्र तट के बहुत करीब है. लैंडफॉल की प्रक्रिया अगले कुछ घंटों तक जारी रहेगी. आंध्र प्रदेश के उत्तरी और तटीय जिलों में तूफान ने भारी नुकसान पहुंचाया. विशाखापट्टनम में सैकड़ों पेड़ उखड़ गए. अनकापल्ली, काकीनाडा, कोनसीमा, पूर्व गोदावरी और पश्चिम गोदावरी जिलों में बहुत भारी से अत्यधिक भारी बारिश हुई. कई जगहों पर 100 मिलीमीटर से ज्यादा बारिश दर्ज की गई. सड़कें पानी में डूब गईं, बिजली के खंभे गिरे और घरों की दीवारें क्षतिग्रस्त हुईं.  

 

7:13 AM (3 घंटे पहले)

Cyclone Arnab Landfall: लैंडफॉल का समय और तूफान की तीव्रता

Posted by :- Richeek Mishra

आईएमडी के नवीनतम बुलेटिन के मुताबिक अर्नब पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी से आंध्र तट की ओर तेजी से बढ़ा. पहले पूर्वानुमान दोपहर का था, लेकिन तेज गति के कारण लैंडफॉल सुबह जल्दी हो गया. तूफान का केंद्र तट के बहुत करीब था और उत्तरी बैंड जमीन पर प्रवेश कर चुका था. लैंडफॉल प्रक्रिया तीन से चार घंटे तक चलने की संभावना जताई गई. इस दौरान काकीनाडा, यनम, नरसपुर और आसपास के क्षेत्रों में सबसे ज्यादा असर पड़ा. तूफानी लहरें (स्टॉर्म सर्ज) 1.5 से 2.5 मीटर ऊंची रहीं, जबकि गोदावरी नदी के मुहाने पर 2 से 3.5 मीटर तक पहुंचने का अनुमान था. इससे निचले तटीय इलाकों में पानी भर गया और कई रिहायशी बस्तियों में समुद्री पानी घुस आया.

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