नवरात्रि पर देवी पूजन और नौ दिन के व्रत का बहुत महत्व है. मां दुर्गा के नौ रूपों की अराधना का पावन पर्व शुरू हो रहा है. इन नौ दिनों में व्रत रखने वालों के लिए कुछ नियम होते हैं. इससे जुड़े महत्वपूर्ण नियमों में से एक है नौ दिनों तक अन्न न खाना और इसी के साथ ही प्याज-लहसुन, शराब और नॉन वेज भी का भी परहेज बताया गया है.
नवरात्रि में सिर्फ फलाहारी क्यों?
नवरात्रि के दिन नौ दिन व्रत करने वाले लोग हों या फिर सिर्फ दो दिन का व्रत करने वाले. इस व्रत में सिर्फ फलाहारी का सेवन करना ही अनिवार्य बताया गया है. व्रत रखने वाले लोग फल, जूस, दूध और मावा की बनी मिठाई खाते हैं. इस दौरान सेंधा नमक का सेवन भी किया जा सकता है. कुट्टू का आटा और साबूदाने की बनी चीजों को भी खाना लोग पसंद करते हैं.
नवरात्रि से जुड़ी धार्मिक मान्यताएं
धार्मिक मान्यताओं की मानें तो व्रत करने से शरीर शुद्ध और मन साफ होता है. इसी वजह से इंसान भगवान की साधना शांति से कर पाता है. ऐसे करने से उसकी होती है.
व्रत पर क्या कहता है विज्ञान
धार्मिक ही नहीं व्रत-उपवास के महत्व को सांइस भी मानता है. साल में दो बार आने वाली मौसम बदल रहा होता है और बदलते मौसम में शरीर को रोगमुक्त रखने के लिए अगर नौ दिन के व्रत करना लाभकारी होता है.
क्या कहता है आयुर्वेद?
प्राचीन समय में तपस्वी और मुनि कठोर तप करते थे और इस दौरान वह सिर्फ फूल-फल और पेय पदार्थों का सेवन करते थे. इस कारण से उनका शरीर विषैले तत्वों से दूर रहता था. आयुर्वेद के मुताबिक जब मौसम बदलता है तो मांसाहार, लहसुन, प्याज आदि के सेवन से परहेज करना चाहिए. के दौरान शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता काफी कम होती है. इसलिए हल्का भोजन सेहत के लिए अच्छा होता है.