कुंभ मेला में श्रद्धालुओं और संतों ने तीसरे ‘परवणी’ के अवसर पर कुशावर्ततिर्थी तालाब में ‘शाही स्नान’ किया. त्र्यंबकेश्वर में शुक्रवार को अंतिम ‘शाही स्नान’ था, जिससे इस धार्मिक मेले में सभी शाही स्नान समाप्त हो गए.
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़नवीस ने कुशावर्ततिर्थी तालाब में गुरुवार रात पूजा की. असम के राज्यपाल पीबी आचार्य ने शुक्रवार को नासिक में पूजा की.
तालाब में सात अखाड़ों के संतों ने स्नान किया. वे रंगारंग जुलूस के साथ यहां पहुंचे थे. त्र्यंबकेश्वर पुरोहित संघ के अध्यक्ष जयंत शिकारे ने कहा कि इन विशेष दिनों में जो लोग शाही स्नान के लिए कुंभ नहीं आ सके, उन्हें निराश होने की जरूरत नहीं है, क्योंकि मेला अगले वर्ष अगस्त तक चलेगा. श्रद्धालु नासिक और त्र्यंबकेश्वर में किसी भी वक्त पवित्र स्नान के लिए आ सकते हैं.
बहरहाल, इस शाही स्नान के लिए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे. जिले के पुलिस अधीक्षक संजय मोहिते ने कहा कि विभिन्न स्थानों पर अतिरिक्त कर्मियों को तैनात किया गया है और नियंत्रण कक्ष से वे स्थिति पर निगरानी रख रहे हैं. संभागीय राजस्व आयुक्त एकनाथ दावले, जिला कलेक्टर दीपेन्द्र सिंह कुशवाह, विशेष आईजी (नासिक रेंज) जेजे सिंह और अन्य अधिकारी गुरुवार से ही डेरा डाले हुए हैं.
शहर के बाहरी इलाके में स्थित पार्किंग क्षेत्र से घाटों तक श्रद्धालुओं को स्नान कराने के लिए राज्य सड़क परिवहन निगम 700 विशेष बस चला रहा है.