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Happy Gita Jayanti 2021: गीता जयंती आज, अपने करीबियों को भेजें ये मैसेजेस

Gita Jayanti 2021: गीता में कुल 18 अध्याय और 700 श्लोक हैं. इनमें उन सभी की समस्याओं का समाधान है, जो लोगों के जीवन में किसी न किसी पड़ाव पर आते ही हैं. इसी वजह से गीता जयंती के दिन लोग गीता का पाठ करते हैं.

Gita Jayanti 2021 Gita Jayanti 2021
स्टोरी हाइलाइट्स
  • Gita Jayanti 2021 आज मनाई जा रही
  • सनातन धर्म में गीता का अहम स्थान

Gita Jayanti 2021 Wishes, Messages, Quotes, Shlokes: सनातन धर्म में गीता जयंती का काफी महत्व है और यह आज मनाई जा रही है. कुरुक्षेत्र के युद्ध के मैदान में श्रीकृष्ण और अर्जुन के बीच हुई बातचीत ने भगवद गीता को जन्म दिया. गीता जयंती को काफी पूजनीय माना जाता है और यह शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को मनाई जाती है. दुनियाभर में मौजूद बड़ी संख्या में हिंदू मानते हैं कि इस दिन गीता का पाठ करने से शख्स को मृत्यु के मोक्ष की प्राप्ति होती है और इसी वजह से लोगों के जीवन में भगवद गीता का अहम स्थान है.

गीता में कुल 18 अध्याय और 700 श्लोक हैं. इनमें उन सभी की समस्याओं का समाधान है, जो लोगों के जीवन में किसी न किसी पड़ाव पर आते ही हैं. इसी वजह से गीता जयंती के दिन लोग गीता का पाठ करते हैं. गीता जयंती के आज के दिन आप अपने करीबियों को संदेश भेज सकते हैं. पढ़ें, कुछ ऐसे ही मैसेजेस, विशेज आदि...

Gita Jayanti Wishes, Messages, Shlokes

- सूनी है जिंदगी गीता के बिन,
अपनाओं इसके नियम प्रतिदिन
हम देते हैं आपको शुभकामना,
आज है गीता जयंती का दिन
गीता जयंती की बहुत-बहुत शुभकामनाएं!

- नैनं छिद्रन्ति शस्त्राणि नैनं दहति पावक:
न चैनं क्लेदयन्त्यापो न शोषयति मारुत
अर्थ- आत्मा को न तो शस्त्र काट सकते हैं और न ही आग उसे जला सकती है. न पानी उसे भिगो सकता है, न हवा उसे सुखा सकती है.

- यदा यदा हि धर्मस्य ग्लानिर्भवति भारत
अभ्युत्थानमधर्मस्य तदात्मानं सृजाम्यहम्
अर्थ- मैं प्रकट होता हूं, मैं आता हूं जब जब धर्म की हानि होती है, तब तब मैं आता हूं, जब जब अधर्म बढ़ता है. सज्जन लोगों की रक्षा करने के लिए मैं आता हूं. दुष्टों के विनाश करने के लिए मैं आता हूं, धर्म की स्थापना के लिए में आता हूं और युग युग में जन्म लेता हूं.

क्रोधाद्भवति संमोह: संमोहात्स्मृतिविभ्रम:
स्मृतिभ्रंशाद्बुद्धिनाशो बुद्धिनाशात्प्रणश्यति
अर्थ- क्रोध करने से मनुष्य की मति मारी जाती है. यानी आदमी मूढ़ हो जाती है, जिससे स्मृति भ्रमित हो जाती है. स्मृति-भ्रम हो जाने से मनुष्य की बुद्धि नष्ट हो जाती है और बुद्धि का नाश हो जाने पर मनुष्य खुद अपना ही का नाश कर बैठता है.

-हरे कृष्णा! गीता जयंती की ढेरों शुभ और मंगलकामनाएं.
-गीता जयंती के पावन अवसर पर मेरा प्रणाम स्वीकार कीजिए.

 

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