सनातन धर्म में व्रत और पूजा-पाठ सिर्फ स्त्रियों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि पुरुषों के लिए भी इनका विशेष महत्व बताया गया है. हिंदू कैलेंडर में ऐसे कई व्रत-त्योहार आते हैं, जिनमें पुरुष समाज बढ़ चढ़कर पूजा-पाठ में शामिल होता है. इसका उद्देश्य कर्मों की शुद्धता, जीवन में सुख-शांति और मनोवांछित फल की प्राप्ति हो सकता है. आइए इसी कड़ी में जानते हैं कि हिंदू पंचांग में पुरुषों द्वारा किए जाने वाले सबसे महत्वपूर्ण व्रत कौन से हैं और साल 2026 में वो कब-कब आएंगे.
1. बड़ा मंगल
बड़ा मंगल ज्येष्ठ माह में आने वाला विशेष मंगलवार होता है, जिसे अत्यंत फलदायी माना जाता है. इस दिन हनुमान जी की विशेष पूजा अर्चना की जाती है. यह व्रत पुरुषों द्वारा बड़े पैमाने पर रखा जाता है. कहते हैं कि इस दिन बजरंगबली की पूजा से बल, साहस और रोग मुक्ति का वरदान प्राप्त होता है. नए साल में पांच बड़े मंगल होंगे. पहला बड़ा मंगल 5 मई 2026 को होगा.
2. हनुमान जयंती
हनुमान जयंती का पर्व हनुमान जी के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है. यह व्रत हर साल चैत्र शुक्ल पूर्णिमा को रखा जाता है. हनुमान जयंती का व्रत श्रद्धा, संयम और भक्ति का प्रतीक माना जाता है. इस व्रत में ब्रह्मचर्या का विशेष रूप से पालन किया जाता है. यह व्रत भी खासतौर से पुरुषों द्वारा किया जाता है. इस दिन हनुमान जी को चोला चढ़ाने का विधान है. हनुमान जंयती पर हनुमान चालीसा, सुंदरकांड और बजरंग बाण का पाठ विशेष फलदायी माना गया है. नए साल में हनुमान जयंती का व्रत 2 अप्रैल को रखा जाएगा.
3. चैत्र और शारदीय नवरात्र
चैत्र माह और आश्विन माह में आने वाले नवरात्र व्रत भी पुरुषों द्वारा बड़े पैमाने पर किए जाते हैं. इन पावन दिनों में देवी दुर्गा के नौ स्वरूपों की विधिवत उपासना होती है. अष्टमी और नवमी पर कन्या पूजन के साथ नवरात्र समाप्त हो जाते हैं. इस साल चैत्र नवरात्र 20 मार्च से शुरू होंगे. जबकि शारदीय नवरात्र 11 अक्टूबर से प्रारंभ होंगे.
4. सावन सोमवार
सावन के सोमवार का व्रत भी पुरुषों के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है. श्रावण मास के पवित्र दिनों में भक्त कांवड़ यात्रा पर भी जाते हैं. और महाशिवरात्रि के दिन शिवलिंग का गंगाजल से अभिषेक करते हैं. ऐसा कहा जाता है कि सावन सोमवार के व्रत करने से इंसान की हर इच्छा पूरी हो जाती है. 2026 में सावन सोमवार के व्रत 3 अगस्त, 10 अगस्त, 17 अगस्त और 24 अगस्त को रखे जाएंगे.
5. भौम प्रदोष व्रत
मंगलवार के दिन पड़ने वाले प्रदोष व्रत को भौम प्रदोष व्रत कहा जाता है. इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती के साथ-साथ मंगल ग्रह और हनुमान जी की पूजा का भी विधान है. कहते हैं कि इस दिन व्रत-उपासना से पापों का नाश, कर्ज मुक्ति और साहस शक्ति में वृद्धि होती है. इस साल तीन भौम प्रदोष व्रत होंगे. 28 अप्रैल को पहला भौम प्रदोष व्रत होगा. इसके बाद 25 अग्सत और फिर 8 सितंबर को भौम प्रदोष व्रत होगा.