19 अप्रैल को धन, वैभव और सुखों के कारक शुक्र वृषभ राशि में गोचर कर चुके हैं. अब वो 14 मई तक इसी राशि में रहने वाले हैं. इस राशि के स्वामी शुक्र देव ही हैं. इसलिए यहां शुक्र की स्थिति को बहुत मजबूत माना जाता है. हालांकि शुक्र जब केंद्र भावों (6, 8 और 12) में प्रवेश करते हैं तो विपरीत राजयोग बनता है. यानी वृषभ राशि में बैठे शुक्र फिलहाज मिथुन, तुला और धनु राशि में विपरीत राजयोग का निर्माण कर रहे हैं, जो कि कुछ राशियों को नकारात्मक परिणाम दे सकते हैं.
मिथुन राशि
मिथुन राशि के 12वें भाव में विपरीत राजयोग बन रहा है. शुक्र की यह स्थिति आपके खर्चों को बढ़ा सकती है. गैर जरूरी चीजों पर आपका खर्च अधिक हो सकता है. इस वक्त आपको धन उधार देना या आय से अधिक निवेश करने से बचना चाहिए. सुख-सुविधाओं पर फिलहाल ज्यादा पैसा न खर्च करें. यदि कोई वाहन या प्रॉपर्टी आदि लेना चाहते हैं तो थोड़ा इंतजार करें.
उपाय
प्रत्येक शुक्रवार माता लक्ष्मी की विधिवत पूजा करें और श्री सूक्त का पाठ करें.
तुला राशि
तुला राशि के आठवें भाव में विपरीत राजयोग बना रहे हैं. शुक्र यहां सीधे तौर पर आपकी आर्थिक स्थिति को प्रभावित करेंगे. धन की बचत कर पाना आपके लिए जरा मुश्किल होगा. अचानक बजट से बाहर कोई बड़ा खर्च आ सकता है, जिससे आपका बैंक-बैलेंस गड़बड़ हो सकता है. साथ ही, आपके सुखों में भी इस दौरान कुछ कमी हो सकती है.
उपाय
शुक्रवार को श्रीसूक्त या कनकधारा स्तोत्र का पाठ करें. शाम के वक्त सफेद चीजों का दान करें.
धनु राशि
धनु राशि के छठे भाव में विपरीत राजयोग बन रहा है. आपके करियर-कारोबार की स्थिति बिगड़ सकती है. नौकरीपेशा जातकों को भी इस दौरान थोड़ा संभलकर रहने की सलाह दी जाती है. आने वाला समय आपके लिए जरा कठिन रहने वाला है. योजनाओं पर अमल कर पाना आपके लिए मुश्किल होगा. प्रतिद्वंद्वी हावी रहेंगे और आपकी योजनाओं को बिगाड़ने की साजिश रचेंगे.
उपाय
मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु की संयुक्त पूजा करें. 'ॐ शुं शुक्राय नमः' या 'ॐ द्रां द्रीं द्रौं सः शुक्राय नमः' का हर शुक्रवार को जाप करें.