scorecardresearch
 

Shani Vakri 2026: सावन में शनि की टेढ़ी चाल, इन 4 राशियों पर टूट सकता है दुखों का पहाड़

27 जुलाई से 11 दिसंबर तक शनि वक्री रहेंगे. यानी सावन के महीने में भी शनि की उल्टी चाल जारी रहने वाली हैं. ज्योतिषविदों का कहना है कि यह समय चार राशियों के लिए बहुत कठिन नजर आ रहा है. आइए इनके बारे में जानते हैं.

Advertisement
X
सावन माह में शनि की टेढ़ी चाल चार राशियों के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती है. (Photo: ITG)
सावन माह में शनि की टेढ़ी चाल चार राशियों के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती है. (Photo: ITG)

27 जुलाई से शनि देव मीन राशि में वक्री होने वाले हैं. यानी इस दिन शनि की उल्टी चाल शुरू हो जाएगी, जो कि 11 दिसंबर तक जारी रहेगी. इस बीच 30 जुलाई से सावन का महीना भी शुरू होने वाला है. ज्योतिषविदों का कहना है कि सावन माह में शनि की टेढ़ी चाल चार राशियों के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती है. ज्योतिषविदों का कहना है कि शनि की चाल पलटते ही चार राशियों के दिन पलट जाएंगे. इन राशियों करियार, व्यापार और आर्थिक मोर्चे पर नुकसान झेलना पड़ सकता है.

मेष राशि
मेष राशि के जातकों के लिए वक्री शनि कार्यक्षेत्र में दबाव बढ़ा सकता है. नौकरी करने वालों पर अचानक जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मतभेद की स्थिति भी बन सकती है. कारोबार में नए निवेश से बचने की सलाह दी गई है, क्योंकि धन फंसने की आशंका बनी रह सकती है. इस दौरान किसी भी विवाद या अनावश्यक बहस से दूरी रखना बेहतर रहेगा.

कर्क राशि
कर्क राशि के जातकों के लिए यह समय आर्थिक और पारिवारिक मामलों में सावधानी का संकेत दे रहा है. अचानक बढ़ने वाले खर्च बजट को प्रभावित कर सकते हैं. परिवार में किसी बात को लेकर तनाव या मतभेद की स्थिति भी बन सकती है. स्वास्थ्य संबंधी मामलों में लापरवाही नहीं करनी चाहिए और वाहन चलाते समय विशेष सतर्कता बरतना आवश्यक रहेगा.

Advertisement

मकर राशि
मकर राशि के जातकों के लिए वक्री शनि व्यापारिक गतिविधियों में परीक्षा का समय ला सकता है. लाभदायक दिखने वाले सौदे भी अटक सकते हैं. साझेदारी के कामों में सावधानी जरूरी रहेगी और किसी को धन उधार देने से बचने की सलाह दी गई है. इस अवधि में वाणी पर संयम बनाए रखना और हर आर्थिक निर्णय सोच-समझकर लेना अधिक लाभकारी रहेगा.

मीन राशि
मीन राशि के जातकों को वक्री शनि के दौरान मानसिक तनाव और कार्यों में देरी का सामना करना पड़ सकता है. बनते हुए काम अंतिम समय में अटक सकते हैं, जिससे निराशा बढ़ सकती है. अनिद्रा और अनजाने भय जैसी स्थितियां भी परेशान कर सकती हैं. कोर्ट-कचहरी से जुड़े मामलों से दूरी बनाए रखना और किसी भी प्रकार के नए निवेश से बचना इस अवधि में बेहतर माना गया है.

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement