Shani Asta 2026: ज्योतिष शास्त्र में शनि को कर्मों का फल देने वाला ग्रह माना जाता है. यह सबसे धीमी गति से चलने वाले ग्रहों में से एक है और एक राशि में करीब ढाई साल तक रहता है. इसी वजह से इसका प्रभाव लंबे समय तक बना रहता है. इस समय शनि मीन राशि में स्थित हैं और 2 जून 2027 तक यहीं रहने वाले हैं. इस दौरान शनि कभी वक्री, कभी मार्गी और कभी अस्त-उदय की अवस्था में रहेंगे.
द्रिक पंचांग के अनुसार, 13 मार्च 2026, शुक्रवार को शाम 7 बजकर 13 मिनट पर शनि मीन राशि में अस्त हो जाएंगे. इसके बाद लगभग 40 दिनों तक अस्त रहने के बाद 22 अप्रैल 2026, बुधवार को सुबह 4 बजकर 49 मिनट पर दोबारा उदित होंगे. मान्यता है कि जब शनि अस्त होते हैं, तो उनके कठोर प्रभाव कुछ हद तक कम हो जाते हैं. ऐसे में कुछ राशियों को इस दौरान राहत और लाभ मिलने के योग बनते हैं.
मेष राशि
मेष राशि के लिए शनि का अस्त होना राहत देने वाला साबित हो सकता है. आपकी कुंडली के बारहवें भाव में शनि अस्त होंगे, जहां पहले से साढ़ेसाती का पहला चरण चल रहा है. ऐसे में खर्चों पर कंट्रोल आ सकता है और आर्थिक स्थिति धीरे-धीरे सुधर सकती है. स्वास्थ्य से जुड़ी परेशानियों में भी राहत मिलने के संकेत हैं. विदेश जाने या विदेश से जुड़े कामों में सफलता मिल सकती है. जो काम लंबे समय से अटके हुए थे, उनमें भी अब प्रगति देखने को मिल सकती है. हालांकि कार्यस्थल पर विवादों से दूर रहना और सतर्क रहना जरूरी होगा.
वृश्चिक राशि
वृश्चिक राशि वालों के लिए यह समय कई मामलों में फायदेमंद रह सकता है. शनि आपके पांचवें भाव में अस्त होंगे, जिससे आत्मविश्वास बढ़ेगा और रुके हुए काम दोबारा शुरू हो सकते हैं. नौकरी और बिजनेस दोनों में तरक्की के मौके मिल सकते हैं. प्रमोशन या नई जिम्मेदारियां मिलने की संभावना है. व्यापार करने वालों को नए ऑर्डर या डील मिल सकती है. हालांकि पढ़ाई और संतान से जुड़ी कुछ चिंताएं बढ़ सकती हैं, इसलिए इस क्षेत्र में लापरवाही न करें. खर्चों पर भी ध्यान देना जरूरी होगा.
कुंभ राशि
कुंभ राशि के लिए शनि का अस्त होना मिलाजुला असर दे सकता है, लेकिन कुल मिलाकर फायदे के संकेत हैं. शनि आपके दूसरे भाव में अस्त होंगे और साढ़ेसाती का अंतिम चरण चल रहा है. इस दौरान आमदनी के नए रास्ते खुल सकते हैं और मेहनत का फल मिल सकता है. नौकरी में आपके काम की सराहना हो सकती है. संपत्ति से जुड़े मामलों में भी लाभ मिल सकता है. हालांकि इस समय बोलचाल में सख्ती आ सकती है, जिससे रिश्तों में तनाव पैदा हो सकता है. इसलिए सोच-समझकर बोलना और खर्चों पर नियंत्रण रखना जरूरी है.