आज ज्येष्ठ माह का दूसरा बड़ा मंगल है. यह पवित्र दिन हनुमान को समर्पित है. आपने देश में हनुमान जी के कई बड़े और प्रसिद्ध मंदिरों के बारे में सुना होगा. लेकिन क्या आप जानते हैं कि हनुमान जी के प्रति आस्था का ऐसा ही एक दिव्य धाम पाकिस्तान के कराची में भी है. इस मंदिर में भी हनुमान जी के दर्शन के लिए भक्तों की भारी भीड़ इकट्ठा होती है. बड़ा मंगल और हनुमान जयंती जैसे शुभ अवसरों पर मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना और अनुष्ठानों का आयोजन होता है.
पाकिस्तान के कराची शहर में मौजूद इस ऐतिहासिक मंदिर को 'पंचमुखी हनुमान मंदिर' के नाम से जाना जाता है. इस मंदिर को सिंध सांस्कृतिक विरासत अधिनियम (1994) के अंतर्गत राष्ट्रीय धरोहर का दर्जा प्राप्त है. इस मंदिर को करीब 1500 साल पुराना बताया जाता है. इस मंदिर को पाकिस्तान के उन चुनिंदा मंदिरों में गिना जाता है, जो बड़े उतार-चढ़ाव के बावजूद आज भी सुरक्षित हैं और भक्ति की अकल्पनीय मिसाल बने हुए हैं.
लोक मान्यताओं के अनुसार, यहां हनुमान जी ने अपने एक भक्त को स्वयं दर्शन दिए थे. भक्त रोज हनुमान जी की विधिवत पूजा-अर्चना करता था. एक बार उसे पहाड़ के ऊपर से एक दिव्य रोशनी निकलती दिखाई दी. जब वहां खोज की गई तो हनुमान जी की एक प्रतिमा निकली. तब उस प्रतिमा को वहां स्थापित कर मंदिर बनवा दिया गया. कहते हैं कि वो प्रतिमा आज भी इस मंदिर में स्थापित है. इस घटना को लोग त्रेता युग से जोड़कर बताते हैं.
11 या 21 परिक्रमा करने से पूरी होती है मन्नत
कराची के सोल्जर बाजार इलाके में स्थित यह मंदिर पाकिस्तान में रहने वाले हिंदुओं के लिए प्रमुख धार्मिक स्थल माना जाता है. इस मंदिर के दर्शन करने भक्त दूर-दूर से आते हैं. पूजा के दौरान श्रद्धालु हनुमान जी को उनकी प्रिय चीजें और भोग अर्पित करते हैं. इस मंदिर को लेकर एक मान्यता यह भी है कि यहां पंचमुखी हनुमान की प्रतिमा की 11 या 21 परिक्रमा करने से मनचाही प्रार्थना स्वीकार हो जाती है. मंदिर रोज सुबह 5 बजे खुलता है.
ऐसा भी कहा जाता है कि इस मंदिर के आस-पास बंदरों का हुजूम भी इकट्ठा रहता है. लोगों का विश्वास है कि जब भी यहां मंदिर के आस-पास किसी हिंदू को परेशान किया जाता है तो बंदरों की यह सेना उन पर टूट पड़ती है. हालांकि स्थानीय लोगों ने इस मंदिर में कई बार तोड़फोड़ की और नकदी व गहने चुराने की घटनाएं भी सामने आती रहीं, लेकिन हनुमान जी की प्रतिमा आज भी इस मंदिर में शान से विराजमान है.