Budh Nakshatra Parivartan 2026: ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों के राजकुमार और बुद्धि के कारक माने जाने वाले बुध जल्द ही अपनी चाल बदलने वाले हैं. बुध देव 19 मई 2026, मंगलवार को दोपहर 02:37 बजे रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करेंगे. बुध का यह नक्षत्र परिवर्तन ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इसका सीधा असर इंसान की बुद्धि, व्यापार और आर्थिक स्थिति पर पड़ता है.
क्या होता है रोहिणी नक्षत्र और क्यों है यह खास?
आकाशमंडल के 27 नक्षत्रों में रोहिणी चौथा नक्षत्र है. ज्योतिष गणना के अनुसार, जब चंद्रमा वृषभ राशि में 10 डिग्री से 23 डिग्री 20 मिनट के बीच होता है, तब रोहिणी नक्षत्र बनता है. आसमान में यह 5 तारों के समूह के रूप में बैलगाड़ी की तरह दिखाई देता है. इस नक्षत्र के स्वामी चंद्रमा हैं और इसके देवता स्वयं ब्रह्मा जी हैं.
पौराणिक मान्यताओं में रोहिणी को चंद्रमा की सबसे प्रिय पत्नी माना गया है. यह सुंदरता, धन और विकास का प्रतीक है. जब बुध (बुद्धि) इस नक्षत्र (सौंदर्य और विकास) में आते हैं, तो यह कई राशियों के लिए राजयोग जैसी स्थिति पैदा करते हैं.
इन 4 राशियों के शुरू होंगे अच्छे दिन
बुध का रोहिणी नक्षत्र में गोचर 25 मई तक रहेगा. इस दौरान इन राशियों को सबसे ज्यादा लाभ होगा.
1. मिथुन राशि (Gemini):
आपकी राशि के स्वामी बुध ही हैं. रोहिणी नक्षत्र में इनके आने से आपके रुके हुए सरकारी काम गति पकड़ेंगे. अगर आप निवेश करने की सोच रहे हैं, तो यह समय सबसे सटीक है. आपकी वाणी से लोग प्रभावित होंगे .
2. कर्क राशि (Cancer):
चूँकि रोहिणी का स्वामी चंद्रमा है और कर्क राशि के स्वामी भी चंद्रमा ही हैं, इसलिए यह गोचर आपके लिए भाग्यशाली रहेगा. नौकरीपेशा लोगों को प्रमोशन या इंक्रीमेंट मिल सकता है. व्यापार में भी नए कॉन्ट्रैक्ट मिलने के योग हैं.
3. सिंह राशि (Leo): सिंह राशि वालों के लिए धन आगमन के नए स्रोत खुलेंगे. कर्ज से मुक्ति मिलने की संभावना है. पारिवारिक जीवन सुखद रहेगा, अगर आप नया वाहन या संपत्ति खरीदने का मन बना रहे हैं, तो बुध देव आपकी इच्छा पूरी कर सकते हैं.
4. तुला राशि (Libra):
व्यापारियों के लिए यह समय किसी स्वर्ण काल से कम नहीं है. आपकी कोई बड़ी डील फाइनल हो सकती है. जो लोग कला, लेखन या मार्केटिंग से जुड़े हैं, उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने का बड़ा मंच मिलेगा. दांपत्य जीवन में मधुरता आएगी.