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Iran Protest: यहूदियों को तबाही से बचाने वाला बादशाह, इस्लाम में जुलकरनैन... ईरान आंदोलन के बीच साइरस द ग्रेट की चर्चा

Iran Protest : इन दिनों ईरान में हालात काफी गंभीर हैं. देश के कई शहरों में लोग सड़कों पर उतर आए हैं और खामेनेई शासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. ये प्रदर्शन देश की आर्थिक, राजनीतिक और सामाजिक नाराजगी के साथ शुरू हुआ था लेकिन लोग अब शासन में बदलाव की मांग कर रहे हैं. इस बीच एक महान बादशाह साइरस द ग्रेट की खूब चर्चा हो रही है.

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ईरान प्रदर्शन में जुलकरनैन और साइरस द ग्रेट की चर्चा.
ईरान प्रदर्शन में जुलकरनैन और साइरस द ग्रेट की चर्चा.

ईरान में जारी आंदोलन और पश्चिमी देशों से बढ़ते तनाव के बीच एक ऐतिहासिक शख्सियत फिर से चर्चा में है - साइरस द ग्रेट. प्राचीन फारस के इस महान सम्राट को न सिर्फ यहूदियों का उद्धारक कहा जाता है, बल्कि इस्लाम में उन्हें जुलकरनैन के नाम से भी जाना जाता है. हाल ही में ईरान के प्रिंस रेजा पहलवी ने अपने इजरायली दौरे का जिक्र किया और बताया कि इस महान बादशाह ने यहूदी समुदाय को बेबिलोन की चंगुल से कैसे बचाया था और उन्हें यरूशलम लौटने में मदद की थी.

ईरान के वर्तमान संकट में यह चर्चा इसलिए प्रासंगिक है क्योंकि पहलवी खानदान साइरस की विरासत को पुनर्जनन का प्रतीक बना रहा है, जो तेहरान की इस्लामी शासन व्यवस्था के खिलाफ विद्रोह की वजह बन सकती है.

कौन थे साइरस द ग्रेट?

साइरस द ग्रेट का जन्म लगभग 600 ईसा पूर्व में हुआ था. वे प्राचीन फारस के महान शासक थे और उन्होंने आचेमेनिड साम्राज्य की स्थापना की थी. साइरस ने कई बड़े राज्यों पर जीत हासिल की और अपने समय का दुनिया का सबसे बड़ा साम्राज्य बनाया. उन्हें एक ऐसे बादशाह के रूप में जाना जाता है जो ताकतवर होने के साथ-साथ दयालु और न्याय करने वाला भी था.

यहूदियों को गुलामी से कैसे दिलाई आजादी?

539 ईसा पूर्व में साइरस ने बेबिलोन पर कब्जा किया. उस समय यहूदी लोग वहां गुलामी में रह रहे थे. साइरस ने उन्हें इस गुलामी से आजाद कर दिया और अपने घर यरूशलम (मौजूदी फिलिस्तीन) लौटने की इजाजत दी. उन्होंने यहूदियों को उनके सोलोमन टेम्पल (सोलोमन को इस्लाम में सुलेमान अलैहिस्सलाम के रूप में जाना जाता है, जिन्होंने यहूदी मान्यता के मुताबिक फर्स्ट टेम्पल का निर्माण किया था) के दोबारा निर्माण के लिए पैसा और जरूरी सामान भी दिया. इसी वजह से यहूदियों की पवित्र किताब बाइबिल में साइरस को ईश्वर द्वारा चुना गया राजा बताया गया है.

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साइरस सिलेंडर क्या है?

साइरस की सोच का सबूत साइरस सिलेंडर में मिलता है, जो आज ब्रिटिश म्यूजियम में रखा है. इसमें लिखा है कि साइरस ने लोगों को अपने धर्म के अनुसार जीने की आजादी दी. उन्होंने किसी पर जबरदस्ती नहीं की. इसी कारण कई लोग इसे दुनिया का पहला मानवाधिकार दस्तावेज भी मानते हैं.

इस्लाम में साइरस द ग्रेट माने जाते हैं जुलकरनैन

इस्लाम में कुरान की सूरह अल-कहफ में जुलकरनैन नाम के एक नेक और ताकतवर बादशाह का जिक्र है. मुसलमानों की पवित्र किताब कुरान में कहा गया है कि जुलकरनैन ने लोगों की मदद की, इंसाफ किया और याजूज-माजूज से बचाने के लिए एक दीवार बनवाई. कई इस्लामी विद्वान मानते हैं कि जुलकरनैन कोई और नहीं बल्कि साइरस द ग्रेट ही थे, क्योंकि उनके काम और यात्राएं कुरान के वर्णन से मिलती हैं.

रेजा पहलवी और साइरस की विरासत

ईरान के पूर्व शाह के बेटे रेजा पहलवी ने हाल ही में बताया कि उन्होंने अपनी इजरायल यात्रा के दौरान साइरस द ग्रेट का जिक्र किया था. उन्होंने बताया कि कैसे साइरस ने यहूदियों को बेबिलोन की तबाही से बचाया था. पहलवी परिवार साइरस को इंसाफ, आजादी और बेहतर शासन का प्रतीक बताकर ईरानी युवाओं को प्रेरित करने की कोशिश कर रहा है और वैश्विक समर्थन जुटाने की कोशिश में है.

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सरकार और युवाओं की सोच में फर्क

ईरान की मौजूदा सरकार साइरस को इस्लाम से पहले का राजा बताकर ज्यादा महत्व नहीं देती लेकिन ईरान के युवा सोशल मीडिया पर साइरस और जुलकरनैन की कहानियां साझा कर रहे हैं. उनके लिए साइरस तानाशाही के खिलाफ एक उम्मीद और बदलाव का प्रतीक बन गए हैं.

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