बॉलीवुड एक्टर अक्षय कुमार अपनी आने वाली फिल्म भूत बंगला को लेकर काफी सुर्खियों में हैं. इस बीच अक्षय कुमार उज्जैन स्थित महाकालेश्वर मंदिर के दर्शन करने पहुंचे. अक्षय के साथ उनकी सास डिंपल कपाड़िया और एक्टर टाइगर श्रॉफ भी दिखाई दिए. अक्षय-टाइगर ने पूरी श्रद्धा भाव से बाबा महाकाल की पूजा की. उन्होंने न सिर्फ बाबा महाकाल का विधिवत पूजन किया, बल्कि नंदी महाराज के कान में अपनी मनोकामना भी कही. हालांकि नंदी के कान में मनोकामना कहते हुए अक्षय-टाइगर से एक चूक हो गई.
ज्योतिषाचार्य डॉ. अरुणेश कुमार शर्मा के अनुसार, अक्षय और टाइगर जब नंदी के कान में अपनी मनोकामना कह रहे थे, तब उन्हें नंदी का दूसरा कान बंद करना चाहिए था. जब भी नंदी के कान में कोई मनोकामना कही जाती है तो नंदी बाबा का दूसरा कान बंद कर दिया जाता है. अगर ये बात अक्षय और टाइगर नहीं जानते थे तो मंदिर परिसर में मौजूद पुजारियों को उन्हें यह बताना चाहिए था. हालांकि यह कोई बड़ा पाप या गलती नहीं है. इसे आप एक चूक कह सकते हैं.
उन्होंने बताया कि डिंपल कपाड़िया ने जब नंदी के कान में अपनी मनोकामना कही तो उन्होंने इसके नियम का पूरा ख्याल रखा. नंदी के कान में अपनी बात कहते हुए उन्होंने नंदी का दूसरा कान बंद कर दिया था. बता दें कि अक्षय पहले भी यहां परिवार के साथ कई बार आकर दर्शन कर चुके हैं.
नंदी के कान में मनोकामना कहने की सही विधि क्या है?
प्रत्येक शिव मंदिर के परिसर में नंदी बैल जरूर होते हैं. मान्यता है कि जब भी कोई भक्त नंदी के कान में अपनी मनोकामना कहता है तो भोलेनाथ तक वो जरूर पहुंचती है. शिवजी अपने भक्तों की सुनते हैं और नंदी के कान में कही गई मनोकामना को पूरा करते हैं. लेकिन मनोकामना कहने का तरीका या नियम एकदम सही होना चाहिए.
पंडित अरुणेश कुमार शर्मा ने बताया कि अपनी इच्छापूर्ति के लिए किसी शिव मंदिर जाइए. मंदिर में पूरी तरह मौन रहिए. इसके बाद पहले शिवजी की पूजा करें. फिर नंदी महाराज के कान में अपनी इच्छा बोलें. लेकिन ध्यान रहे कि मनोकामना कहते हुए नंदी का दूसरा कान एक हाथ से बंद कर लेना चाहिए. अपनी मनोकामना कहने से पहले 'ऊं नम: शिवाय' बोलें. मान्यता है कि ऐसा करने से आपकी मनोकामना कुछ ही दिन में नंदी भगवान शिव तक पहुंचा देते हैं और जल्द ही वो पूरी भी हो जाती है.