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क्या प्रियंका गांधी बनेंगी कांग्रेस अध्यक्ष? चिंतन शिविर में सोनिया के सामने उठी मांग

13 मई को राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत ने राहुल गांधी को अध्यक्ष बनाने की मांग की थी. उन्होंने कहा था कि राहुल गांधी के अध्यक्ष बनने की लंबे समय से मांग हो रही है. अब कुछ नेताओं ने प्रियंका को अध्यक्ष बनाने की मांग उठा दी है. क्या कांग्रेस अब अध्यक्ष को लेकर दो गुटों में बंट रही है?

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उदयपुर में चल रहा है कांग्रेस का चिंतन शिविर (फाइल फोटो) उदयपुर में चल रहा है कांग्रेस का चिंतन शिविर (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • आचार्य प्रमोद कृष्णम ने उठाई मांग
  • दो और नेताओं ने भी दिया साथ
  • मल्लिकार्जुन खड़गे ने कृष्णम को टोका

उदयपुर में चल रहे कांग्रेस के चिंतन शिविर में शनिवार को प्रियंका गांधी को पार्टी अध्यक्ष बनाने की मांग उठ गई. आचार्य प्रमोद कृष्णम ने सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी की मौजूदगी में यह मांग की है. हालांकि दोनों ने ही इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी. जब यह मांग उठी तो राहुल गांधी उस समय मौजूद नहीं थे.

आचार्य ने कहा कि दो साल से राहुल गांधी को मनाने की कोशिश हो रही है. क्या राहुल गांधी अध्यक्ष बनने को तैयार हैं? अगर वो तैयार नहीं तो प्रियंका गांधी वाड्रा को अध्यक्ष बनाया जाए क्योंकि वो हिंदुस्तान का सबसे लोकप्रिय चेहरा हैं.

आचार्य का इन नेताओं ने दिया साथ

आचार्य प्रमोद कृष्णम ने जब प्रियंका को अध्यक्ष बनाने की मांग की तो वहां मौजूद मल्लिकार्जुन खड़गे ने उन्हें टोकने की कोशिश की लेकिन उन्होंने खड़गे को ही उल्टा जवाब दे दिया. वहीं दीपेंद्र हूडा ने कहा कि प्रियंका को राष्ट्रीय स्तर पर लाना चाहिए न कि एक राज्य में सीमित करना चाहिए. रंजीत रंजन ने भी हामी भरी कि एक प्रदेश में उनको कैद करना सही नहीं.

नहीं सुधरे तो खत्म हो जाएंगे 

राजस्थान के पूर्व मंत्री रघु शर्मा ने बैठक में कहा कि हम नहीं सुधरे तो खत्म हो जाएंगे. गुजरात के इंचार्ज रघु शर्मा ने दो टूक कह दिया कि अगर हमने हिमाचल और गुजरात के चुनाव नहीं जीते तो 2024 भूल जाइए.

रोडमैप के लिए बनाए गए हैं पैनल

चिंतन शिविर के लिए अलग-अलग पैनल बनाए गए हैं, जो पार्टी को भविष्य का रोडमैप देंगे. इनमें पॉलिटिकल पैनल में गुलाम नबी आजाद, कमलनाथ, अशोक चौहान, भूपेश बघेल, पवन खेरा, रंजीत रंजन, आचार्य प्रमोद कृष्णम, रघु शर्मा शामिल हैं. इस पैनल के कंवीनर मल्लिकार्जुन खड़गे हैं. शिकायतों के बावजूद भी कांग्रेस की मौजूदा स्थिति को लेकर नेताओं ने चिंता जताई.

गलतियां गिनाए बिना देना है सुझाव

शिविर के शुरू होने से पहले चिंतन शिविर के आगे 'नव संकल्प' लगा दिया गया. इस चिंतन शिविर का मकसद था आत्ममंथन करना लेकिन शिविर में हिस्सा ले रहे नेताओं की मानें तो पार्टी गलतियों पर पर्दा डालने में लगी हुई है. तभी नेताओं को हिदायत दी गई है कि पिछली गलतियां गिनाए बगैर भविष्य की बात हो. 

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