Udaipur Murder Case: राजस्थान के उदयपुर में टेलर कन्हैयालाल पर जब हमलावरों ने जानलेवा अटैक किया था, उस वक्त वहां आसपास अफरातफरी मच गई थी. दुकान के पास मौजूद लोग भाग खड़े हुए थे, लेकिन एक शख्स इंसानियत की अनोखी मिसाल पेश करते हुए हमलावरों से भिड़ गया था. इस शख्स का नाम है ईश्वर सिंह गौड़ और उनका अभी अस्पताल में इलाज चल रहा है. बता दें कि टेलर कन्हैयालाल की मंगलवार 28 जून को उनकी दुकान में घुसकर हत्या कर दी गई थी.
ईश्वर सिंह उस वक्त कन्हैयालाल के साथ दुकान में मौजूद थे, जब उन पर हमला किया गया. ईश्वर ने कन्हैयालाल को बचाने की पूरी कोशिश की थी, लेकिन दोनों आरोपी गौस मोहम्द और मोहम्मद रियाज ने उन पर भी वार किया. इस घटना में वह गंभीर रूप से जख्मी हो गए. उन्हें भूपल अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जिसके बाद उन्हें 16 टांके लगे. अभी उनका वहां इलाज चल रहा है. उनकी हालत अब स्थिर बताई जा रही है.
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने गुरुवार को ईश्वर गौड़ से मुलाकात की थी और मुख्यमंत्री सहायता कोष से 5 लाख रुपये देने का ऐलान किया. वल्लभनगर विधायक प्रीति गजेंद्र सिंह शक्तावत शुक्रवार को महाराणा भूपाल चिकित्सालय पहुंचीं और ईश्वर सिंह के परिजन को पांच लाख रुपये का चेक सौंपा.
अतिरिक्त जिला कलेक्टर ओपी बुनकर और डॉक्टरों के साथ शक्तावत ने ईश्वर से बात की. उन्होंने ईश्वर के बेटे जतिन और उनकी पत्नी से कहा कि सरकार आपके साथ है, इसलिए बिल्कुल न डरें. उन्होंने कहा कि जतिन की उच्च शिक्षा और रोजगार में सरकार उचित मदद करेगी.
पुलिस की गिरफ्त में गौस और रियाज के मददगार
इस बीच कन्हैयालाल मर्डर केस में गिरफ्तार दो आरोपी आसिफ और मोहसिन की एक दिन की ट्रांजिट रिमांड पुलिस को मिली है. शनिवार को जयपुर की NIA की विशेष अदालत में दोनों को पेश किया जाएगा. कन्हैयालाल की हत्या में शुक्रवार सुबह गिरफ्तार किए गए दो आरोपियों को 14 दिन की judicial कस्टडी में भेजा गया. दोनों आरोपियों को एटीएस ने गिरफ्तार किया है. ये दोनों आरोपी रियाज और मोहम्मद गौस के साथ साजिश में शामिल थे. दोनों आरोपियों की पेशी के दौरान हंगामा भी हुआ. घटना के विरोध में आक्रोशित लोगों ने नारे लगाए.
विवादित स्पीच देने वाले मौलान मुफ्ती नदीम अरेस्ट
इधर, बूंदी में भड़काऊ बयान देने वाले मौलाना मुफ्ती नदीम सहित सहयोगी को कोतवाली थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. कोतवाली थाना परिसर में भारी पुलिस बल तैनात है. मीडिया को भी पुलिस ने कवरेज की इजाजत नहीं दी.
(रिपोर्टः धीरज रावल, अरविंद ओझा)