राजस्थान के भरतपुर में 52 साल के शख्स ने जहर खाकर खुदकुशी का प्रयास किया. पीड़ित को जिला अस्पताल के ICU वार्ड में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है. बताया जा रहा है कि पीड़ित महावीर पंचायत के फैसले से इतना दुखी था कि उसने यह कदम उठाया. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की और पीड़ित के बयान दर्ज किए.
क्या है मामला:
यह घटना कुम्हेर थाना इलाके के गांव भटावली की है. बीते तीन नवंबर को पीड़ित महावीर सिंह के बेटे को गांव के रहने वाले रतिराम व उसके बेटों ने पकड़ लिया था और उसके गले में फांसी का फंदा लगाकर मारने का प्रयास किया था. जिसके बाद महावीर के भाई भूपेंद्र ने आरोपियों के खिलाफ कुम्हेर थाने में भारतीय दंड संहिता की धारा 307 के तहत मुकदमा दर्ज कराया था.
इसके बाद आरोपी पक्ष रतिराम और गांव के रहने वाले भाजपा नेता लक्ष्मण ने बीते 22 दिसंबर को गांव में पंचायत बुलाई. जहां पीड़ित महावीर सिंह से इस मामले में राजीनामा कर शिकायत वापस लेने के लिए दबाव बनाया. जब महावीर सिंह ने यह मानने से इनकार कर दिया तो पंचायत ने उसे धमकी दी और कहा कि अगर वो मुकदमा वापस नहीं लेगा तो उसका पंचायत उसका हुक्का पानी बंद के साथ ही डेढ़ लाख रुपये का दंड देगी.
दबंगों ने दी थी झूठे केस में फंसाने की धमकी
इससे आहत होकर महावीर सिंह ने जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या का प्रयास किया और उससे पहले जिला पुलिस अधीक्षक को सुसाइड नोट लिखा. जिसमें उसने बताया कि दबंगों ने जबरन राजीनामा कराना चाह रहे हैं. दबंग बीजेपी नेता लक्ष्मण सिंह, विजय सिंह, समय पाल, रामवीर सिंह और रत्तीराम घर आकर बार-बार धमकी दे रहे हैं. कह रहे हैं कि राजीनामा नहीं किया तो परिवार के लोगों को 376 के झूठे मुकदमे में फंसा देंगे. यह भी कहा कि गांव से तेरा हुक्का पानी बंद करवाकर समाज से बाहर करवा देंगे.
एडिशनल एसपी अनिल मीणा ने कहा कि महावीर सिंह का कुछ लोगों के साथ पुराना विवाद है. इसे लेकर पंचायत भी हुई थी जिसमें दस पंद्रह लोग जुटे थे. वहां पर कुछ कहासुनी हुई और उसने जहर पी लिया. महावीर को इलाज के अस्पताल में भर्ती कराया गया है.