scorecardresearch
 

कोटा मेडिकल कॉलेज में सीजेरियन के बाद बिगड़ी 6 प्रसूताओं की तबीयत, 1 की मौत, इलाज पर उठे गंभीर सवाल

कोटा के न्यू मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में 4 मई को सीजेरियन ऑपरेशन के बाद 6 प्रसूताओं की हालत बिगड़ गई, जिनमें एक महिला की मौत हो गई. सभी में BP गिरना, यूरिन बंद होना और किडनी संक्रमण जैसे समान लक्षण पाए गए. परिजनों ने लापरवाही का आरोप लगाया है. अस्पताल प्रशासन ने मेडिकल बोर्ड गठित कर जांच शुरू कर दी है और विशेषज्ञों की निगरानी में इलाज जारी है.

Advertisement
X
जांच रिपोर्ट पर टिकी निगाहें.(Photo: Screengrab)
जांच रिपोर्ट पर टिकी निगाहें.(Photo: Screengrab)

कोटा के न्यू मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में डिलीवरी के बाद महिलाओं की तबीयत बिगड़ने का गंभीर मामला सामने आया है. 4 मई को सीजेरियन ऑपरेशन के बाद 6 प्रसूताओं की हालत अचानक खराब हो गई, जिनमें से एक महिला की मौत हो गई, जबकि 5 महिलाओं का इलाज सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक (SSB) के नेफ्रोलॉजी वार्ड में जारी है. घटना के बाद अस्पताल में हड़कंप मच गया और इलाज को लेकर सवाल उठने लगे हैं.

ऑपरेशन के बाद सभी महिलाओं में लगभग एक जैसे लक्षण दिखाई दिए. पहले उनका ब्लड प्रेशर अचानक गिरा, फिर यूरिन आना बंद हो गया और इसके साथ ही किडनी संक्रमण की समस्या सामने आई. सभी मरीजों में एक जैसे लक्षण दिखने से मामला और चिंताजनक हो गया.

यह भी पढ़ें: खूबसूरत पत्नी ने सोते समय पकड़ा हाथ, प्रेमी ने घोंट दिया गला... कोटा में रिटायर्ड फौजी की हत्या

जानकारी के अनुसार, सभी प्रसूताओं का 4 मई को अलग-अलग समय पर सीजेरियन ऑपरेशन किया गया था. ऑपरेशन के 7 से 8 घंटे बाद ही उनकी तबीयत बिगड़ने लगी. शुरुआत में हल्की परेशानी दिखी, लेकिन कुछ ही समय में हालत गंभीर हो गई.

मरीजों को SSB ब्लॉक में शिफ्ट, एक महिला की मौत

मामला सामने आने के बाद 5 मई की रात करीब 10 बजे सभी मरीजों को सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक (SSB) में शिफ्ट किया गया, जहां नेफ्रोलॉजी विशेषज्ञों की निगरानी में इलाज शुरू किया गया. इस घटना में चित्तौड़गढ़ जिले के रावतभाटा की रहने वाली पायल की 5 मई की सुबह मौत हो गई. अन्य मरीजों में से एक महिला की हालत अब भी गंभीर बनी हुई है, जबकि बाकी का इलाज जारी है.

Advertisement

अस्पताल में भर्ती महिलाओं में रागिनी (29), सुशीला (35), चंद्रकला, धन्नी और ज्योति (20) शामिल हैं. सभी अलग-अलग क्षेत्रों की निवासी हैं और अस्पताल की अलग-अलग यूनिट में भर्ती थीं. गौर करने वाली बात यह है कि गायनिक की दो यूनिट होने के बावजूद सभी महिलाओं की हालत एक जैसी बिगड़ना कई सवाल खड़े करता है.

परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है. रागिनी के भाई विकास के अनुसार, ऑपरेशन के बाद पहले सब सामान्य था, लेकिन बाद में BP लो हुआ और यूरिन बंद हो गया. वहीं धन्नी के भाई कुशाल सुमन ने बताया कि सर्जरी के बाद भारी ब्लीडिंग हुई और ब्लड चढ़ाने के बावजूद हालत बिगड़ती गई.

ब्लीडिंग, संक्रमण और जांच के दिए आदेश

कुछ मरीजों में ऑपरेशन के बाद अत्यधिक ब्लीडिंग हुई, जिसके कारण ब्लड ट्रांसफ्यूजन करना पड़ा. इसके बावजूद हालत में सुधार नहीं हुआ और कई मरीजों की आंखें पीली पड़ने लगीं, जो गंभीर संक्रमण का संकेत माना जा रहा है. परिजनों का कहना है कि एक साथ 6 महिलाओं की हालत बिगड़ना लापरवाही की ओर इशारा करता है.

मामले की गंभीरता को देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने विशेष मेडिकल बोर्ड का गठन किया है, जिसमें सर्जन, एनेस्थीसिया विशेषज्ञ, गायनिक, फिजिशियन और नेफ्रोलॉजी विशेषज्ञ शामिल हैं. प्रशासन का कहना है कि मरीजों का इलाज पूरी निगरानी में किया जा रहा है और हर पहलू की जांच की जा रही है.

Advertisement

वहीं, कोटा दक्षिण विधायक संदीप शर्मा भी अस्पताल पहुंचे और जांच के आदेश दिए. इस दौरान वह लिफ्ट में फंस गए, जिन्हें बाद में सुरक्षित बाहर निकाला गया. कांग्रेस शहर जिलाध्यक्ष राखी गौतम ने भी अस्पताल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए.

जांच रिपोर्ट पर टिकी निगाहें

पूरे घटनाक्रम ने अस्पताल की व्यवस्थाओं और इलाज प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं. जांच का विषय है कि ऑपरेशन के दौरान किसी दवा, इंजेक्शन या प्रक्रिया में गड़बड़ी हुई या पोस्ट-ऑपरेटिव देखभाल में कमी रही. फिलहाल मेडिकल बोर्ड इलाज के साथ-साथ कारणों की पड़ताल कर रहा है और सभी की नजर जांच रिपोर्ट पर टिकी है.

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Advertisement