राजस्थान इन दिनों भीषण गर्मी की मार झेल रहा है. पारा 46 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है और दिन की तपिश अब रातों को भी राहत नहीं दे रही है. पिलानी और चित्तौड़गढ़ में सबसे ज्यादा गर्मी दर्ज की गई, जहां तापमान 46.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है. मौसम विभाग (IMD) ने मंगलवार, 19 मई को 5 जिलों में ऑरेंज अलर्ट और 5 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है. वहीं, पश्चिमी राजस्थान पूरी तरह लू के रेड जोन में आ गया है.
9 शहरों में 45 से 47 डिग्री के बीच तापमान
बीते 24 घंटों में प्रदेश के 9 शहरों में अधिकतम तापमान 45 से 47 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा. चित्तौड़गढ़ और पिलानी सबसे गर्म रहे. श्रीगंगानगर और बीकानेर में भी पारा 46 डिग्री से ऊपर दर्ज किया गया. सीकर और उदयपुर में इस मौसम का सबसे गर्म दिन रिकॉर्ड हुआ. राजधानी जयपुर भी भीषण गर्मी की चपेट में है, जहां बीते दिन यानी सोमवार को अधिकतम तापमान 43.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से काफी ज्यादा है.
वहीं, इस सीजन में चौथी बार जयपुर का पारा 43 डिग्री के ऊपर दर्ज किया गया है. रात में भी गर्मी से राहत नहीं मिली और न्यूनतम तापमान 30.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ. पश्चिमी गर्म हवाओं के कारण दिन भर लू चलने से आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है.
रातें भी नहीं दे रही राहत
इस बार गर्मी का खास पहलू यह है कि रात का तापमान भी असामान्य रूप से ऊंचा बना हुआ है. पिछले दो दिनों में अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. इससे लोगों को दिन-रात कोई आराम नहीं मिल पा रहा. सिरोही में न्यूनतम तापमान 22.1 डिग्री दर्ज किया गया, जो पूरे प्रदेश में सबसे कम रहा.
मौसम विभाग की चेतावनी
इस बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आगामी दिनों में भी गर्मी से राहत मिलने की संभावना कम बताई है. 5 जिलों में ऑरेंज अलर्ट और 5 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है. खासकर पश्चिमी और उत्तरी राजस्थान के जिलों में लू का प्रकोप और तेज होने वाला है. स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने की अपील की है.
मॉनसून की रफ्तार धीमी
दक्षिण-पश्चिम मॉनसून 22 मई तक केरल पहुंचने की संभावना है. मॉनसून ने भारत की ओर बढ़ना शुरू कर दिया है. मौसम विभाग के अनुसार, अनुकूल परिस्थितियों में मॉनसून 22 मई तक केरल पहुंच सकता है. हालांकि, इस बार मॉनसून की रफ्तार धीमी रहने की आशंका जताई जा रही है. ऐसे में बारिश के बीच लंबे अंतराल देखने को मिल सकते हैं, जिससे गर्मी और सूखे की समस्या बढ़ सकती है.
प्रयागराज में 'पारे का राज', गर्मी 44 डिग्री पार... सड़कों से संगम तक सन्नाटा
भीषण गर्मी ने रोजमर्रा की जिंदगी को ठप कर दिया है. दोपहर के समय सड़कें सुनसान नजर आ रही हैं. बाजार, निर्माण स्थल और खेतों में काम करने वाले लोग बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं. डिहाइड्रेशन, हीट स्ट्रोक और गर्मी से जुड़ी बीमारियों के मामले बढ़ रहे हैं. ऐसे में डॉक्टरों और प्रशासन की सलाह है कि दोपहर 12 बजे से 4 बजे तक बेवजह बाहर न निकलें. खूब सा पानी पिएं, ओआरएस और फलों का सेवन करें. हल्के रंग के ढीले सूती कपड़े पहनें.