राजस्थान की मिट्टी, मेहनत और मेहमाननवाजी का अनोखा संगम अलवर में देखने को मिला. यहां फ्रांस से पर्यटक घूमने आए थे. वे किसानों के साथ खेत में काम करने उतर गए. पर्यटकों ने किसानों का हाथ बंटाया, फिर देसी गानों पर ट्रैक्टर पर जमकर डांस किया. इस पूरे वाकये का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है.
दरअसल, अलवर के सरिस्का और सिलीसेढ़ झील घूमने आए ये पर्यटक ग्रामीण इलाके के सोदानपूरा गांव के पास सिलीसेढ़ रोड से गुजर रहे थे. तभी उनकी नजर एक खेत में गेहूं की कटाई और मड़ाई के काम पर पड़ी. खेत में किसान चेतराम गुर्जर थ्रेसर मशीन से गेहूं निकालने में जुटे हुए थे. किसानों की मेहनत को करीब से देखने की इच्छा ने इन विदेशी मेहमानों को खेत तक खींच लिया.

पहले तो पर्यटक कुछ देर खड़े होकर काम को समझते रहे, लेकिन जल्द वे खुद भी काम में जुट गए. उन्होंने थ्रेसर मशीन में गेहूं के पूले डालने में किसानों की मदद की. यह नजारा वहां मौजूद ग्रामीणों के लिए बेहद खास था. विदेशी पर्यटकों को खेत में काम करते देख आसपास के लोग भी जमा हो गए और इस खास पल को मोबाइल कैमरों में कैद करने लगे.
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स्थानीय लोगों के मुताबिक, इन दिनों मौसम खराब रहने के कारण किसान जल्दी-जल्दी फसल कटाई में जुटे हुए हैं, ताकि नुकसान से बचा जा सके. ऐसे में विदेशी पर्यटकों का यूं मदद के लिए आगे आना किसानों के लिए सुखद अनुभव रहा.

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काम खत्म होने के बाद माहौल और भी रंगीन हो गया. किसानों और पर्यटकों ने मिलकर ट्रैक्टर पर राजस्थानी और हरियाणवी गाने चलाए और फिर जमकर डांस किया. विदेशी मेहमान भी देसी बीट्स पर झूमते नजर आए. उनकी सादगी और उत्साह ने वहां मौजूद हर किसी का दिल जीत लिया.

ग्रामीण निहाल सिंह ने कहा कि यह मौका गांव के लोगों के लिए अनोखा था. विदेशी मेहमानों का इस तरह खेत में काम करना और स्थानीय संस्कृति में घुल-मिल जाना सभी को अच्छा लगा. हमारी संस्कृति और मेहनत को दुनिया भर में सराहा जा रहा है.
इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. लोग इसे खूब पसंद कर रहे हैं और विदेशी पर्यटकों की सादगी व भारतीय संस्कृति के प्रति उनके लगाव की सराहना कर रहे हैं. कई यूजर्स ने इसे ‘रियल इंडिया एक्सपीरियंस’ बताया, जहां मेहमान सिर्फ दर्शक नहीं बल्कि भागीदार बन गए. भाषा, देश और संस्कृति की सीमाएं भले अलग हों, लेकिन इंसानियत और सहयोग की भावना सबको जोड़ देती है.