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शहीदों वाला गांव: 600 घरों से 75% लोग सेना में दे रहे सेवा, अग्निपथ योजना के समर्थन में युवा

फतेहपुर शेखावटी के दिनवा लाडखानी गांव को शहीदों वाला गांव कहा जाता है. गांव के 600 घरों से 75% लोग सेना में हैं. इस गांव के युवाओं ने सरकार की अग्निपथ योजना का समर्थन किया. कहा कि यह देश के युवाओं के लिए एक स्वर्णिम अवसर है.

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गांव के 9 जवान हो चुके हैं शहीद.
गांव के 9 जवान हो चुके हैं शहीद.
स्टोरी हाइलाइट्स
  • गांव के नौ जवान हो चुके हैं शहीद
  • 600 घरों के गांव में 75% लोग सेना में
  • गांव के युवा अग्निपथ योजना के समर्थन में

केंद्र सरकार की अग्निपथ योजना को लेकर देश के कई राज्यों में विरोध हो रहा है. राजस्थान के भी कई जिलों में योजना को लेकर लगातार प्रदर्शन हो रहे हैं. वहीं, राज्य में एक ऐसा भी गांव है जहां अग्निपथ योजना का समर्थन किया जा रहा है. इस गांव को शहीदों का गांव कहते हैं. फतेहपुर शेखावटी के इस गांव में 600 घर हैं. गांव के करीब 75 प्रतिशत घरों से लोग भारतीय सेना में हैं.

दिनवा लाडखानी नामक इस गांव से लोग अग्निपथ योजना का पूरा समर्थन कर रहे हैं. बताया जाता है कि इस गांव से 9 सैनिक देश की रक्षा करते हुए शहीद हुए हैं. सेना में भर्ती होने के लिए इस गांव के लोगों में इतना जज्बा है कि वे बचपन से ही अपने आपको सैनिक बनाने के लिए दिन-रात मेहनत करते हैं.

यहां किसी के दादा, किसी के पिता, किसी का भाई, तो कोई खुद सेना में भर्ती है. अग्निपथ योजना को लेकर यहां के युवाओं का कहना है कि यह योजना बिल्कुल सही है. देश के युवाओं के लिए बेरोजगारी जैसी समस्या का समाधान लेकर आई मोदी सरकार को बिना कारण टारगेट किया जा रहा है. यह देश के युवाओं के लिए एक स्वर्णिम अवसर है. जिसे विपक्षी दलों द्वारा समस्या बनाकर पेश किया जा रहा है.

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गांव के सरपंच कन्हैया लाल ने बताया, ''यह शहीदों की धरती है. इस गांव की जनसंख्या 4000 से ऊपर है. इस गांव ने देश को 9 शहीद भेंट किए हैं. हमने दो सरकारी स्कूलों का नामकरण भी शहीद मखराम बुडानिया और धर्मवीर शेखावत के नाम पर किया है.''

(फतेहपुर शेखावटी से राकेश गुर्जर की रिपोर्ट)

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