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अग्निपथ प्रोटेस्टर्स के निशाने पर रेलवे, तोड़फोड़-आगजनी के बीच एक दिन में 483 ट्रेन कैंसिल, यात्री परेशान

अग्निपथ योजना के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान रेलवे प्रदर्शनकारियों के लिए सॉफ्ट टारगेट बन गया है. उग्र प्रदर्शन के कारण भारतीय रेल ने 19 जून को 483 ट्रेन कैंसिल कर दी जिसमें हावड़ा- नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस भी शामिल है. 

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प्रदर्शनकारियों के लिए सॉफ्ट टारगेट बन गया है रेलवे (फाइल फोटोः पीटीआई) प्रदर्शनकारियों के लिए सॉफ्ट टारगेट बन गया है रेलवे (फाइल फोटोः पीटीआई)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • हावड़ा- नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस भी कैंसिल
  • आंशिक रूप से कैंसिल करनी पड़ी आठ ट्रेन

अग्निपथ योजना के खिलाफ देशभर में युवा प्रदर्शन कर रहे हैं. विरोध जाहिर करने का बड़ा जरिया सड़कें हुआ करती थीं. चक्का जाम कर विरोध जाहिर करने की परंपरा सी बन गई थी लेकिन अग्निपथ के खिलाफ विरोध प्रदर्शन का केंद्र देश की लाइफ लाइन कही जाने वाली भारतीय रेल है. रेल ट्रैक जाम किया जा रहा है तो कहीं ट्रेन को ही आग लगा दी जा रही. तोड़फोड़ की घटनाएं तो आम हो गई हैं. इन सबका असर भारतीय रेल पर साफ दिखने भी लगा है.

तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाओं के बीच एक दिन में ही 483 ट्रेन कैंसिल करनी पड़ीं. ट्रेन कैंसिल होने से बड़ी संख्या में यात्री अलग-अलग जगह फंसे हुए हैं. लाखों यात्री अपने गंतव्य तक पहुंचने से वंचित रह गए तो वहीं रेलवे को भी राजस्व का भारी नुकसान उठाना पड़ा है. समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक कैंसिल हुई 483 में 229 मेल/ एक्सप्रेस और 254 पैसेंजर ट्रेन शामिल हैं. इनके अलावा आठ मेल/ एक्सप्रेस ट्रेन को आंशिक रूप से कैंसिल करना पड़ा.

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भारतीय रेल के पूर्व मध्य जोन में ट्रेन फूंके जाने की घटनाओं के बाद 29 ट्रेन कैंसिल करनी पड़ी. इसमें पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता और अन्य स्थानों को उत्तर भारत के विभिन्न शहरों से जोड़ने वाली ट्रेन शामिल थीं. हावड़ा से नई दिल्ली को जोड़ने वाली राजधानी एक्सप्रेस भी 19 जून को कैंसिल कर दी गई थी. भारतीय रेल प्रदर्शनकारियों के लिए इस विरोध-प्रदर्शन में सॉफ्ट टारगेट के रूप में उभरा है. प्रदर्शनकारी जगह-जगह रेलगाड़ियों और रेलवे स्टेशनों को निशाना बना रहे हैं.

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अग्निपथ के विरोध में हो रहे प्रदर्शन के दौरान तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाओं के कारण भी रेलवे की संपत्ति का नुकसान हो ही रहा, ट्रेन कैंसिल करने की वजह से राजस्व का नुकसान भी उठाना पड़ रहा है. गौरतलब है कि भारतीय सेना में अग्निपथ योजना के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन के दौरान हिंसा को लेकर एक दिन पहले तीनों सेनाओं की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी कड़ा संदेश दिया गया था.

हिंसा में शामिल युवा नहीं बन पाएंगे अग्निवीर

तीनों सेनाओं ने साफ कर दिया था कि हिंसा में शामिल युवा अग्निवीर नहीं बन पाएंगे. मिलिट्री अफेयर्स विभाग के अतिरिक्त सचिव लेफ्टिनेंट जनरल अनिल पुरी ने साफ किया था कि इसके लिए पुलिस वेरिफिकेशन का सहारा लिया जाएगा. भर्ती के समय युवाओं को ये शपथ पत्र देना होगा कि उन्होंने किसी भी विरोध प्रदर्शन और हिंसा में हिस्सा नहीं लिया था.

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बता दें कि अग्निपथ योजना के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने कई ट्रेन फूंक दी थी. विरोध की आग बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश में प्रचंड है. बिहार में प्रदर्शनकारियों ने आरा जिले के बिहिया स्टेशन पर धावा बोलकर काउंटर से कैश लूट लिया था. दूसरी तरफ मसौढ़ी के तारेगाना रेलवे स्टेशन को भी प्रदर्शनकारियों ने आग लगा दी थी और जीआरपी के जवानों को बंधक बना लिया था.

 

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