राजस्थान के धौलपुर जिले के सैपऊ थाना क्षेत्र में रविवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब खेतों में एक युवक का अर्धनग्न शव बरामद हुआ. शव की हालत देखकर ग्रामीणों के होश उड़ गए. मृतक के चेहरे पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर जलाने जैसे निशान मिले हैं, जिसके चलते हत्या की आशंका जताई जा रही है.
मामला सैपऊ थाना क्षेत्र के गांव घड़ी चटोला के पास स्थित आरी रोड का है. यहां खेतों में करीब 30 वर्षीय युवक की लाश मिलने की सूचना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई. शव कई दिन पुराना होने के कारण फूल चुका था और उससे तेज दुर्गंध आ रही थी.
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सूचना मिलने पर सैपऊ सीओ अनूप कुमार और थाना प्रभारी प्रमेन्द्र कुमार रावत पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे. पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और एफएसएल टीम को बुलाकर साक्ष्य जुटाए.
शव की हालत ने बढ़ाया हत्या का शक
पुलिस के अनुसार, मृतक का शव अर्धनग्न अवस्था में एक गड्ढे में पड़ा मिला. शव का एक हाथ और एक पैर गायब था. आशंका है कि लंबे समय तक खुले में पड़े रहने के कारण जंगली जानवरों ने शरीर के कुछ हिस्सों को नुकसान पहुंचाया होगा.
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि मृतक के चेहरे पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर जलाने जैसे निशान मिले हैं. ऐसे में पुलिस को संदेह है कि किसी ने पहचान छिपाने या सबूत मिटाने की कोशिश की हो सकती है.
प्रारंभिक जांच में यह भी संभावना जताई जा रही है कि हत्या कहीं और की गई और बाद में शव को लाकर सैपऊ थाना क्षेत्र में फेंक दिया गया. पुलिस आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और संदिग्ध लोगों से पूछताछ कर रही है.
25 मई से लापता था सुरेंद्र
मृतक की पहचान उत्तर प्रदेश के आगरा जिले के जगनेर निवासी सुरेंद्र पुत्र नत्थीलाल कोली के रूप में हुई है. मृतक के भाई मुकेश ने बताया कि सुरेंद्र 25 मई से लापता था.
परिजनों के मुताबिक, सुरेंद्र घर से निकलने के बाद वापस नहीं लौटा था. परिवार लगातार उसकी तलाश कर रहा था. रविवार को खेतों में शव मिलने की सूचना मिली, जिसके बाद परिजन मौके पर पहुंचे और शव की पहचान की.
मुकेश ने पुलिस को शिकायत देकर हत्या का मामला दर्ज कराया है. पुलिस ने शव को जिला अस्पताल पहुंचाकर मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया और बाद में परिजनों को सौंप दिया.
पत्नी ने बताई आखिरी मुलाकात की कहानी
मृतक की पत्नी लक्ष्मी ने बताया कि वह पिछले करीब चार महीनों से अपने बच्चों के साथ धौलपुर स्थित मायके में रह रही थी. 25 मई को सुरेंद्र उससे मिलने आया था.
लक्ष्मी के अनुसार, जब वह काम पर थी तब उसने फोन कर सुरेंद्र को अपने पास बुलाया था. उसने कहा था कि बच्चे उसे याद कर रहे हैं. शाम को घर लौटने पर सुरेंद्र भावुक हो गया था और रोते हुए उसने बताया था कि घर में लोग उसे परेशान करते हैं.
पत्नी का आरोप है कि सुरेंद्र ने कहा था कि परिवार के कुछ सदस्य उसे मारते-पीटते हैं और ठीक से खाना भी नहीं देते. उसने सुरेंद्र के कपड़े धोए, खाना खिलाया और बाद में उसके कहने पर 50 रुपये भी दिए थे. अगले दिन वह अचानक गायब हो गया.
कई एंगल से जांच कर रही पुलिस
पुलिस अब इस पूरे मामले की कई पहलुओं से जांच कर रही है. अधिकारियों का कहना है कि मृतक का पत्नी से कोई विवाद था या परिवार के अन्य सदस्यों के साथ कोई विवाद चल रहा था, इसकी भी पड़ताल की जा रही है.
सैपऊ थाना प्रभारी प्रमेन्द्र कुमार रावत ने बताया कि सूचना मिलने पर एफएसएल और एमओबी टीम को मौके पर बुलाकर साक्ष्य एकत्र किए गए. मृतक की पहचान के लिए स्थानीय और आसपास के थानों से संपर्क किया गया.
उन्होंने बताया कि गुमशुदगी की रिपोर्ट के आधार पर परिजनों को बुलाया गया, जिन्होंने शव की पहचान सुरेंद्र कोली के रूप में की. फिलहाल हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है और सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर अनुसंधान किया जा रहा है.
अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच के आधार पर यह स्पष्ट हो सकेगा कि सुरेंद्र की मौत किन परिस्थितियों में हुई और इसके पीछे कौन लोग जिम्मेदार हैं.