राजस्थान के दौसा जिले में एक बच्चे की हत्या के छह साल बाद भी सच सामने लाने की कोशिशें जारी हैं. प्रशासन और पुलिस की टीम ने एक बार फिर कुछ स्थानों पर खुदाई शुरू की है, ताकि बच्चे के शव को बरामद किया जा सके. पिछले दो दिन से चल रही इस कार्रवाई ने एक बार फिर पूरे इलाके में हलचल मचा दी है.
24 फरवरी को करीब साढ़े तीन घंटे तक जेसीबी मशीन से खुदाई की गई थी. इसके बाद 25 फरवरी को भी पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी में खुदाई का काम जारी रहा. इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिजन मौके पर मौजूद रहे और हर पल इस उम्मीद में नजर आए कि शायद आज शव के अवशेष बरामद हो जाएं. मौके पर सुरक्षा के लिहाज से पुलिस बल तैनात किया गया है, वहीं परिजनों के घर के बाहर भी पुलिसकर्मियों की निगरानी रखी जा रही है.
बच्चे के पिता ने कहा कि उन्हें 21 फरवरी को दुबई में इस खुदाई की सूचना मिली थी. जैसे ही उन्हें इस कार्रवाई के बारे में पता चला, वे तुरंत अपने गांव लौट आए. उन्होंने कहा कि पिछले छह वर्षों से वे अपने बेटे को न्याय दिलाने के लिए लगातार संघर्ष कर रहे हैं. अब उन्हें प्रशासन और सरकार से उम्मीद है कि इस बार उनके बेटे का शव जरूर बरामद होगा और सच्चाई सामने आएगी.
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बच्चे के पिता ने कहा कि बेटे की तलाश में वे अब तक करीब 10 लाख रुपये खर्च कर चुके हैं. उन्होंने कई जगह चक्कर लगाए, अधिकारियों से गुहार लगाई, लेकिन अभी तक कोई ठोस नतीजा नहीं निकल पाया. उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि उनका पूरा परिवार पिछले कई सालों से इंसाफ की आस में बैठा है. बच्चे की तीन बहनें और दो भाई हैं, जो आज भी अपने भाई के लौटने की उम्मीद लगाए हुए हैं.
इस मामले में पुलिस ने दो संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है. पुलिस का मानना है कि इनसे पूछताछ के आधार पर मामले में अहम सुराग मिल सकते हैं. परिजनों का आरोप है कि आपसी रंजिश के चलते इस वारदात को अंजाम दिया गया था, हालांकि पुलिस अभी सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है.
साल 2021 में परिजनों ने हाईकोर्ट में दायर की थी याचिका
वर्ष 2021 में बच्चे के परिजनों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर न्याय की गुहार लगाई थी. इसी के बाद प्रशासन ने अब इस मामले को गंभीरता से लेते हुए संदिग्ध स्थानों पर खुदाई शुरू करवाई है. एक्सप्रेसवे के आसपास काफी क्षेत्र में खुदाई की जा चुकी है. अब एक्सप्रेसवे के नीचे भी खुदाई किए जाने की संभावना है. इसके लिए पुलिस ने संबंधित जगहों को चिह्नित कर लिया है और NHAI को भी पत्र भेजा गया है. पूरे घटनाक्रम पर पूरे इलाके की नजर बनी हुई है. छह साल पुराने इस मामले में अब तक शव का न मिल पाना कई सवाल खड़े करता है.