राजस्थान इन दिनों भीषण गर्मी की चपेट में है. दिन का पारा 46-47 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जबकि रात और सुबह के समय भी गर्म हवाएं चल रही हैं. भीषण गर्मी के प्रकोप से लोगों का जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है. इस तेज गर्मी से राहत दिलाने के लिए ट्रैफिक पुलिस और नगर निगम ने बड़ा कदम उठाया है. प्रमुख चौराहों पर ट्रैफिक सिग्नल पर टेंट लगाए हैं.
टेंट और सिग्नल फ्री व्यवस्था
राजस्थान के कई शहरों में दोपहर 12 बजे से 4 बजे तक ट्रैफिक लाइट बंद कर दी गई हैं. इस दौरान वाहन चालक लाल बत्ती पर खड़े होने की बजाय सीधे आगे बढ़ सकते हैं. जहां सिग्नल बंद नहीं किए गए हैं, वहां नगर निगम और ट्रैफिक पुलिस की टीम ने बड़े-बड़े टेंट लगा दिए हैं.
खासकर दोपहिया वाहन चलाने वाले लोगों को इस व्यवस्था से बड़ी राहत मिल रही है. अलवर, जयपुर और अन्य शहरों के प्रमुख चौराहों पर राहत टेंट नजर आ रहे हैं. गर्मी में लंबे समय तक धूप में खड़े रहने से बचने के लिए यह इंतजाम किया गया है.
राजस्थान में कहां कितनी गर्मी?
बीते 24 घंटों में सबसे ज्यादा तापमान चित्तौड़गढ़ में 46.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. जबकि बाड़मेर में 47.3 डिग्री, चूरू में 47 डिग्री, बीकानेर में 47 डिग्री , फलौदी में 46.8 डिग्री, जैसलमेर में 46.5 डिग्री, श्रीगंगानगर में 46 डिग्री, जयपुर में 44 डिग्री, जोधपुर में 45 डिग्री पारा दर्ज किया गया है.
मौसम विभाग के अनुसार, अगले एक सप्ताह तक ऐसी ही भीषण गर्मी और लू चलने की संभावना है. उत्तर-पश्चिमी शुष्क हवाओं के कारण पूरा मारुस्थलीय इलाका तंदूर की तरह गर्म हो रहा है. लू और भीषण गर्मी की वजह से दिन के समय सड़कें सुनसान नजर आ रही हैं. लोग जरूरी काम के अलावा घर से बाहर निकलने से बच रहे हैं. अस्पतालों में हीट स्ट्रोक और गर्मी से संबंधित मरीजों की संख्या बढ़ गई है.
गर्मी से बचाव के लिए क्या करें?